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Lalitpur News: पढ़ाई की नहीं होती कोई उम्र... बुढ़ापे का सहारा बन रही शिक्षा, दादा-दादी देने पहुंचे परीक्षा

Mon, 18 Mar 2024 02:26 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर Updated Mon, 18 Mar 2024 02:26 AM IST
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There is no age limit for education... Education is becoming the support of old age, grandparents came to take the exam
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। पढ़ाई की कोई उम्र नहीं होती। जीवन के जिस पड़ाव में अपने साथ छोड़ने लगते हैं, उस पड़ाव में ललितपुर के बुजर्गों ने शिक्षा को सहारा बनाया। रविवार को जिले के 173 केंद्रों पर हाथ में कलम और लाठी थामकर परीक्षा देने पहुंचे बुजुर्ग दादा-दादी और काका-काकी ने शिक्षा की अलख जगाई। साक्षर बनने की उनकी ललक ने नई पीढ़ी को संदेश दिया कि शिक्षा के बिना सब कुछ असंभव है। जिले में रविवार को 1599 नव साक्षरों ने परीक्षा दी। यह पहली ऐसी परीक्षा रही जिसमें कोई भी परीक्षार्थी गैरहाजिर नहीं था।
जिले में चल रहे नव भारत साक्षरता अभियान के तहत 15 वर्ष से अधिक आयु वर्ग 1599 निरक्षरों को साक्षर किया गया। इसमें बुजुर्गाें और महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा थी। अभियान के दौरान निरक्षरों को हिंदी, गणित, मात्रा ज्ञान, स्वर परिचय, संयुक्त वर्ण परिचय, आओ शब्द बनाएं, संख्या ज्ञान, गिनती, जोड़ घटना, गुणा-भाग करना सिखाया गया। करीब एक साल तक बुजुर्गों, महिलाओं और निरक्षरों को शिक्षित किया गया।
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रविवार को जिले के 173 परीक्षा केंद्रों पर नव साक्षरों की परीक्षा हुई। केंद्रों पर सुबह से ही बुजुर्ग और महिलाएं हाथ में कलम लेकर पहुंचे। जिले में नगर क्षेत्र में 17, ब्लॉक मड़ावरा क्षेत्र में 193, तालबेहट ब्लॉक क्षेत्र 375, ब्लॉक बिरधा क्षेत्र में 95, ब्लॉक बार क्षेत्र में 145, ब्लॉक महरौनी क्षेत्र में 175, ब्लॉक जखौरा क्षेत्र के विद्यालयों में 599 समेत 1599 नव साक्षरों ने परीक्षा दी। बीएसए हरिकेश यादव ने बताया कि नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत नव साक्षरों की परीक्षा 173 केंद्रों पर आयोजित हुई। परीक्षा शांतिपूर्वक तरीके से संपन्न हुई।
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घूंघट की ओट में हल किए सवाल
नव साक्षर परीक्षा देने वालों में महिलाओं की खासी संख्या थी। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं अपने घर के बुजुर्गाें के साथ परीक्षाएं देने आईं। महिलाओं ने घूंघट की ओट में सवाल हल किए।
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