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Lalitpur News: एक ही अग्निशमन केंद्र के भरोसे है पूरा जिला, आगजनी होने पर तय करनी होती है लंबी दूरी

Sun, 04 May 2025 12:36 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 04 May 2025 12:36 AM IST
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The whole district is dependent on a single fire station, in case of a fire they have to cover a long distance
- अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस पर विशेष
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- जनवरी से अप्रैल तक जिले में 521 स्थानों पर हुई आगजनी की घटनाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। समय के साथ जनपद का विकास तो हुआ, लेकिन आग बुझाने के संसाधन में कोई वृद्धि नहीं हुई है। करीब 15 लाख की आबादी वाले जिले में सिर्फ एक अग्निशमन केंद्र है। फिर भी इस विभाग के अधिकारी व जवान जज्बे के साथ जिले में होने वाले अग्निकांड को रोकने और बुझाने में लगे हुए हैं।
जनपद में पांच तहसील, छह ब्लॉक और 415 ग्राम पंचायतें हैं। जिले की करीब 15 लाख की आबादी है। गर्मी बढ़ने के साथ ही अग्निकांड भी बढ़ जाते हैं। साथ ही अग्निशमन विभाग की मुश्किलें भी बढ़ जाती हैं। संसाधनों के अभाव के चलते आग पर काबू पाने में मुश्किलें आ रही हैं। इससे लोगों को जान-माल का नुकसान उठाना पड़ता है। आग बुझाने की जिम्मेदारी अग्निशमन विभाग पर है। गर्मी के सीजन में इस विभाग पर अतिरिक्त भार आ जाता है। इसका कारण है जिले में सिर्फ एक अग्निशमन केंद्र का होना है। इसके चलते अगर ग्रामीण क्षेत्र में कहीं भी आग लगती है तो दमकल को पहुंचने में कम से कम एक से डेढ़ घंटे का समय लगता है। जब तक दमकल मौके पर पहुंचती है, तब तक सब जलकर राख हो जाता है। कई बार तो अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को लोगों के आरोपों का सामाना करना पड़ता है, जबकि उनका कोई दोष नहीं होता है। हालांकि महरौनी और तालबेहट में एक-एक फायर टेंडर की अस्थायी तैनाती गर्मी के दिनों में की जाती है। जो इस क्षेत्र में आग बुझाने का काम करते हैं। इस साल पिछले वर्षों की अपेक्षा जिले में आगजनी की घटनाओं में आग की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। जनवरी से अभी तक जिले में 521 आग की घटनाओं की सूचना अग्निशमन विभाग तक पहुंची। जिसमें अग्निशमन विभाग ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया और लोगों का लाखों रुपये का नुकसान होने से बचाया।
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जिले में उपलब्ध फायर संसाधन
- 5500 व 2500 लीटर क्षमता का एक-एक फायर टेंडर
- 400 लीटर क्षमता का एक वाटर मिस्ट
- 5000 लीटर का एक फोम टेंडर
- एक इस्जू द मैक्स कैंपर
- दो बोलेरो कैंपर
- दो बुलेट बाइक
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चार तहसीलों में अग्निशमन केंद्र बनना है प्रस्तावित
आग से बचाव के लिए जिले की चार तहसीलों तालबेहट, महरौनी, पाली और मड़ावरा में अग्निशमन केंद्र निर्मित होना प्रस्तावित हैं। इसके लिए जमीन चयनित कर ली गई है। शासन को प्रस्ताव को भेज दिया गया है। सिर्फ स्वीकृति का इंतजार है।
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जलजीवन मिशन ने पाइप लाइनों में नहीं लगाए फायर वाल्व
जिले में हर घर जल नल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई गई थी। अग्निशमन विभाग ने इन पाइपलाइनों पर प्रत्येक गांव में एक-एक फायर वाल्व लगाने की मांग की थी। जिससे कि इन फायर वाल्व से ग्रामीण क्षेत्रों में आगजनी की घटना होने पर फायर टेंडर की टंकी को पानी आसानी से मिल सके। लेकिन यह प्रस्ताव भी लंबित चल रहा है।

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जिले में चार तहसीलों में अग्निशमन केंद्र के लिए जमीन चयनित कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। जिसके स्वीकृति का इंतजार है। इस साल सिर्फ अप्रैल माह में ही करीब चार सौ जगह पर आग लगने की सूचनाएं अग्निशमन केंद्र के पास आईं। जिसमें अधिकतर स्थानों पर फायर टीम ने पहुंचकर आग को बुझाया। तहसील स्तर पर अग्निशमन केंद्र खुल जाने से इन क्षेत्र में आग लगने से होने वाले नुकसान में काफी कमी आएगी और लोगों को अासानी से सुविधा मिल जाएगी।
डॉ. मतलूब हुसैन, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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