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Lalitpur News: डॉक्टरों की टीम ने मऊ गांव में 12 मरीजों को दी दवा
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- दस दिनों में एक परिवार की तीन मौतों पर जागा महकमा, गांव में कराई गई सफाई, दवा का कराया गया छिड़काव
संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। दस दिन में एक परिवार की तीन मौतों की सूचना से विभागीय अधिकारियों ने मंगलवार को सुबह अपने-अपने स्तर से काम कराया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों की जांच की और घटना के बारे में पीड़ित परिवार से जानकारी ली। वहीं, विकास विभाग ने टीम भेजकर गांव की सफाई कराई। पीड़ित परिवार में एक बालक गंभीर रूप से बीमार मिलने पर टीम उपचार के लिए उसे लेकर अपने साथ ले आई।
मंगलवार को चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विशाल पाठक, डॉ. धर्मेंद्र सेंगर, डॉ. समता खरे टीम के साथ ग्राम मऊ गए। टीम ने सबसे पहले सहरिया बस्ती में पीड़ित के परिजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके बाद आसपास के लोगों की जांच की। टीम को गांव में एक दर्जन लोग बीमार मिले। जिन्हें दवाएं दी और उनकी स्लाइड बनाई गई। टीम को गांव में मृतका मनीषा का बड़ा पुत्र महेंद्र (15 माह) अति कुपोषित अवस्था में घर में मिला। उसने पिछले छह दिन से कुछ खाया पिया नहीं था। जिसको एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहीं, गांव में मलेरिया विभाग की टीम ने लार्वासाइड का छिड़काव कराया गया और विकास खंड की ओर से जगह जगह लगे गंदगी के ढेरों को हटवाया गया।
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एंबुलेंस स्टाफ की सेवा समाप्ति के लिए सीएमओ को भेजा पत्र
मृतक मनीषा को लेकर झांसी गए एंबुलेंस स्टाफ द्वारा पैसा लेने के आरोप लगा था, जिसे दबा दिया गया था। तीन मौतों के बाद जब मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर गई और पीड़ित के परिजनों से जानकारी की तो पूरा मामला उजागर हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ित परिवार की काफी मिन्नत के बावजूद एंबुलेंस स्टाफ अंकित पटेल और चालक सुग्रीव ने पैसे लिए थे। जिस पर चिकित्साधीक्षक डॉ. विशाल पाठक ने दोनों की सेवा समाप्ति के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है।
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गांव में अब स्थिति सामान्य है, वहां 12 मरीजों को दवाएं देकर जांच के लिए स्लाइड बनवाई गई। पीडित से एंबुलेंस स्टाफ व चालक के पैसे लेने की शिकायत मिली है, जिस पर दोनों की सेवा समाप्ति के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेज दिया है।- डॉ. विशाल पाठक, एमओआईसी तालबेहट
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संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। दस दिन में एक परिवार की तीन मौतों की सूचना से विभागीय अधिकारियों ने मंगलवार को सुबह अपने-अपने स्तर से काम कराया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों की जांच की और घटना के बारे में पीड़ित परिवार से जानकारी ली। वहीं, विकास विभाग ने टीम भेजकर गांव की सफाई कराई। पीड़ित परिवार में एक बालक गंभीर रूप से बीमार मिलने पर टीम उपचार के लिए उसे लेकर अपने साथ ले आई।
मंगलवार को चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विशाल पाठक, डॉ. धर्मेंद्र सेंगर, डॉ. समता खरे टीम के साथ ग्राम मऊ गए। टीम ने सबसे पहले सहरिया बस्ती में पीड़ित के परिजनों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके बाद आसपास के लोगों की जांच की। टीम को गांव में एक दर्जन लोग बीमार मिले। जिन्हें दवाएं दी और उनकी स्लाइड बनाई गई। टीम को गांव में मृतका मनीषा का बड़ा पुत्र महेंद्र (15 माह) अति कुपोषित अवस्था में घर में मिला। उसने पिछले छह दिन से कुछ खाया पिया नहीं था। जिसको एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। वहीं, गांव में मलेरिया विभाग की टीम ने लार्वासाइड का छिड़काव कराया गया और विकास खंड की ओर से जगह जगह लगे गंदगी के ढेरों को हटवाया गया।
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एंबुलेंस स्टाफ की सेवा समाप्ति के लिए सीएमओ को भेजा पत्र
मृतक मनीषा को लेकर झांसी गए एंबुलेंस स्टाफ द्वारा पैसा लेने के आरोप लगा था, जिसे दबा दिया गया था। तीन मौतों के बाद जब मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर गई और पीड़ित के परिजनों से जानकारी की तो पूरा मामला उजागर हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि पीड़ित परिवार की काफी मिन्नत के बावजूद एंबुलेंस स्टाफ अंकित पटेल और चालक सुग्रीव ने पैसे लिए थे। जिस पर चिकित्साधीक्षक डॉ. विशाल पाठक ने दोनों की सेवा समाप्ति के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेजा है।
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गांव में अब स्थिति सामान्य है, वहां 12 मरीजों को दवाएं देकर जांच के लिए स्लाइड बनवाई गई। पीडित से एंबुलेंस स्टाफ व चालक के पैसे लेने की शिकायत मिली है, जिस पर दोनों की सेवा समाप्ति के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भेज दिया है।- डॉ. विशाल पाठक, एमओआईसी तालबेहट