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अवैध कॉलोनियों का होगा सर्वे
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 11 Aug 2016 01:32 AM IST
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avid colony, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर। शहर में अवैध तरीके से बसी कालोनियों को वैध करने के लिए जिला प्रशासन व नियंत्रक प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र बोर्ड द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव पर टाउन प्लानर झांसी ने मुहर लगा दी है। विनियमित प्राधिकरण विभाग को पत्र जारी करके, अवैध कालोनियों का भौतिक सर्वे कराने की स्वीकृति दे दी गई है। विभाग द्वारा जल्द ही भौतिक सर्वे शुरू कर दिया जाएगा।
विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण विभाग ने शहर की आठ कालोनियों को अवैध घोषित किया है। यह कालोनियां शहर के करीब 40 हेक्टेअर क्षेत्रफल में बसी हुई हैं। विगत 23 मई को आयोजित नियंत्रक प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र की बैठक में इन अवैध कालोनियों को वैध(विनियमित) करने का निर्णय लिया गया था। बैठक में निर्णय लिए जाने के बाद प्राधिकरण विभाग ने प्रस्ताव तैयार करके स्वीकृति के लिए आलाधिकारियों को भेज दिया था।
हाल ही में झांसी टाउन प्लानर ने इस संबंध में स्वीकृति दे दी है। बहुत जल्द विभाग अवैध कालोनियों का भौतिक सर्वे कराकर कार्ययोजना तैयार करेगा। सर्वे का कार्य लोकल स्तर पर किसी निजी कंपनी द्वारा किया जाएगा। सर्वे करने वाली कंपनी द्वारा मकानों व खाली प्लाटों की संख्या व नाप जोख की जाएगी। प्रत्येक सड़क की लंबाई-चौड़ाई व खाली पड़े पार्कों का ब्यौरा एकत्रित किया जाएगा।
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विकास शुल्क व शमन शुल्क से होगा विकास कार्य
जो कालोनियां वैध हैं उनके विकास के लिए विभाग के पास कुछ हिस्सा बंधक होता है। विभाग बंधक बने प्लाटों को बेचकर वहां का विकास कार्य कराता है। लेकिन अवैध कालोनियों के विकास के लिए शासन द्वारा कोई बजट उपलब्ध नहीं कराया जाता है और न ही विनियमित प्राधिकरण विभाग के पास कोई लागत होती है। जिला प्रशासन व नियंत्रक प्राधिकरण बोर्ड ने जिन अवैध कालोनियों को वैध कराने व विकास कराने का निर्णय लिया है वहां सर्वे होने के बाद जिला प्रशासन व नगर पालिका के सहयोग से सड़कें व नाली बनाने, पार्क निर्माण व बिजली की व्यवस्था कराने के लिए लागत का आकलन किया जाएगा।
इसके बाद विभाग कुल विकास लागत को अवैध कालोनियों के प्रति वर्गफुट भूखंड के आधार पर विभाजित करेगी। तत्पश्चात विभाग इन कालोनियों का लेआउट पास कराकर कालोनियों में बिना मानचित्र स्वीकृति के बने मकानों से शमन शुल्क व वास्तविक विकास शुल्क वसूलकर मानचित्र की स्वीकृति देगा। खाली प्लाटों के भी मानचित्र स्वीकृत किए जाएंगे, इनसे वास्तविक विकास शुल्क वसूला जाएगा।
विकास शुल्क व शमन शुल्क से कालोनियों में सड़कों, नाली, पार्क व बिजली का विकास किया जाएगा। विभाग ने मुख्य तौर पर अभी चांदमारी पर बनी वसुंधरा कालोनी, चंडीमाता मंदिर के पास बनी कालोनी, पिसनारी, इलाइट, नेहरुनगर आदि मुहल्लों में बनी अवैध कालोनियों का वैध(विनियमित) कराने का निर्णय लिया है।
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विनियमित क्षेत्र प्राधिकरण विभाग ने शहर की आठ कालोनियों को अवैध घोषित किया है। यह कालोनियां शहर के करीब 40 हेक्टेअर क्षेत्रफल में बसी हुई हैं। विगत 23 मई को आयोजित नियंत्रक प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र की बैठक में इन अवैध कालोनियों को वैध(विनियमित) करने का निर्णय लिया गया था। बैठक में निर्णय लिए जाने के बाद प्राधिकरण विभाग ने प्रस्ताव तैयार करके स्वीकृति के लिए आलाधिकारियों को भेज दिया था।
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हाल ही में झांसी टाउन प्लानर ने इस संबंध में स्वीकृति दे दी है। बहुत जल्द विभाग अवैध कालोनियों का भौतिक सर्वे कराकर कार्ययोजना तैयार करेगा। सर्वे का कार्य लोकल स्तर पर किसी निजी कंपनी द्वारा किया जाएगा। सर्वे करने वाली कंपनी द्वारा मकानों व खाली प्लाटों की संख्या व नाप जोख की जाएगी। प्रत्येक सड़क की लंबाई-चौड़ाई व खाली पड़े पार्कों का ब्यौरा एकत्रित किया जाएगा।
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विकास शुल्क व शमन शुल्क से होगा विकास कार्य
जो कालोनियां वैध हैं उनके विकास के लिए विभाग के पास कुछ हिस्सा बंधक होता है। विभाग बंधक बने प्लाटों को बेचकर वहां का विकास कार्य कराता है। लेकिन अवैध कालोनियों के विकास के लिए शासन द्वारा कोई बजट उपलब्ध नहीं कराया जाता है और न ही विनियमित प्राधिकरण विभाग के पास कोई लागत होती है। जिला प्रशासन व नियंत्रक प्राधिकरण बोर्ड ने जिन अवैध कालोनियों को वैध कराने व विकास कराने का निर्णय लिया है वहां सर्वे होने के बाद जिला प्रशासन व नगर पालिका के सहयोग से सड़कें व नाली बनाने, पार्क निर्माण व बिजली की व्यवस्था कराने के लिए लागत का आकलन किया जाएगा।
इसके बाद विभाग कुल विकास लागत को अवैध कालोनियों के प्रति वर्गफुट भूखंड के आधार पर विभाजित करेगी। तत्पश्चात विभाग इन कालोनियों का लेआउट पास कराकर कालोनियों में बिना मानचित्र स्वीकृति के बने मकानों से शमन शुल्क व वास्तविक विकास शुल्क वसूलकर मानचित्र की स्वीकृति देगा। खाली प्लाटों के भी मानचित्र स्वीकृत किए जाएंगे, इनसे वास्तविक विकास शुल्क वसूला जाएगा।
विकास शुल्क व शमन शुल्क से कालोनियों में सड़कों, नाली, पार्क व बिजली का विकास किया जाएगा। विभाग ने मुख्य तौर पर अभी चांदमारी पर बनी वसुंधरा कालोनी, चंडीमाता मंदिर के पास बनी कालोनी, पिसनारी, इलाइट, नेहरुनगर आदि मुहल्लों में बनी अवैध कालोनियों का वैध(विनियमित) कराने का निर्णय लिया है।