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Lalitpur News: अंतरिम बजट ने नहीं पूरी की आस...किसी को आया रास तो कोई हुआ उदास
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। लोकसभा चुनाव से पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बृहस्पतिवार को पेश किए गए अंतरिम बजट को किसी ने सराहा तो किसी ने इसमें खामियां गिनाईं। कई लोगों में उत्साह देखने को मिला। कुछ लोग दुकान पर टीवी के सामने बैठे नजर आए तो युवा अपने मोबाइल पर ही बजट देखते रहे।
अधिवक्ताओं और नौकरीपेशा लोगों ने कहा कि बजट में आयकर सीमा को नहीं बढ़ाया गया, जबकि किसानों का कहना है कि सरकार ने सम्मान निधि बढ़ाने की कोई घोषणा नहीं की। युवाओं ने मिली जुली प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जहां नई आईटीआई खोलने का प्रावधान किया गया है, वहीं कृषि महाविद्यालय खोलने पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। कारोबारियों ने कहा कि सरकार ने बजट में कोई खास बदलाव नहीं किया जो पहले था उसी में मामूली संशोधन किया गया है। सिलिंडर व पेट्रोलियम पदार्थों के दाम न घटने से महिलाओं को निराशा हुई, लेकिन दो करोड़ गरीबों को आवास, महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर की फ्री वैक्सीन, एक करोड़ घरों पर रूफ टॉप सोलर से 300 यूनिट फ्री बिजली, इंफ्रास्ट्रक्चर में 11 फीसदी की बढ़ोतरी बजट का सकारात्मक पहलू है। पेश है सभी वर्गों से बातचीत के अंश...
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बजट से अधिवक्ताओं को विशेष उम्मीद थी। अपेक्षा थी कि इस बार आम बजट आम आदमी के लिए राहत वाला होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। -प्रकाशचंद्र जैन वरिष्ठ अधिवक्ता।
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वकीलों को बजट में चैम्बर की सुविधाएं, सुसज्जित पुस्तकालयों के साथ आवास आदि के लिए बजट मिलना आवश्यक था, लेकिन ऐसा कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।-श्रीप्रकाश चौबे, वरिष्ठ अधिवक्ता।
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यह चुनावी बजट था, इसलिए अधिवक्ताओं की अपेक्षाएं भी ज्यादा थीं, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं। अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए भी अलग से आवंटन होना चाहिए था।-ओमप्रकाश घोष, वरिष्ठ अधिक्ता।
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हाशिए के व्यक्ति की उम्मीदें भी बजट से जुड़ी थीं, लेकिन ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया। हर बार अधिवक्ताओं को सिर्फ धोखा दिया जाता है।-पुष्पेंद्र सिंह चौहान अधिवक्ता।
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यह अंतरिम बजट है, इसमें संशोधन की उम्मीद है। पूर्ण बजट नई सरकार गठन होने के बाद प्रस्तुत होगा। आयकर के क्षेत्र में कोई विशेष बदलाव नहीं किए हैं, जिसकी उम्मीद जताई जा रही थी। -संजीव कुमार जैन, चार्टर्ड एकाउंटेंट।
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उम्मीद थी, आयकर सीमा का दायरा बढ़ाया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे नौकरीपेशा और कारोबारी को कोई लाभ नजर नहीं आता।-शशांक जैन, कर अधिवक्ता
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अनुमान था कि सरकार के कार्यकाल के अंतिम बजट में छात्रों, युवाओं और किसानों के लिए कुछ खास होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।-मनोज कुमार जैन, अधिवक्ता पाली
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बजट में न तो महंगाई कम करने के कोई प्रयास किए गए न ही आयकर सीमा में छूट दी गई। मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।-सौरभ, सीए
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किसानों और गरीब तबके का ध्यान रखते हुए आवास सहित अन्य योजनाएं देने का प्रावधान सराहनीय पहल है।-देवी सिंह, किसान महरौनी
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बजट से मध्यमवर्ग निराश है, न तो सिलिंडर के दाम कम किए गए और न ही महंगाई कम करने का कोई फार्मूला दिया गया।-ब्रजेंद्र सिंह परमार, महरौनी
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किसानों के लिए खास कुछ नहीं रहा, दुग्ध किसानों को बढ़ावा देने और सोलर रूफ टाॅप योजना के तहत 300 यूनिट फ्री बिजली से कुछ आशा बंधी है।-महेंद्र सिंह यादव, किसान पाली
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किसानों के लिए कोई खास योजना नहीं है। आशा थी कि सम्मान निधि की राशि बढ़ाई जाएगी, लेकिन निराशा हाथ लगी।-शिवराज कुशवाहा, किसान पाली
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बजट में आयकर दाताओं के लिए कुछ राहत सरकार को देनी चाहिए थी। क्योंकि कारोबारी सरकार को कर देता है, देश का आर्थिक स्तंभ है।-रीतेश सराफ, व्यापारी महरौनी
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आयकर सीमा में छूट न होने से कारोबारी निराश हैं। सरकार को करदाताओं के लिए सब्सिडी का प्रावधान करना चाहिए, जो बजट में नहीं किया गया।-अजय जैन अज्जू, कारोबारी
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दवाओं पर जीएसटी कम करनी चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति महंगी दवा का उपयोग नहीं कर पा रहा है। कारोबारियों के लिए ऋण की सुविधा आसान करनी चाहिए। राजकुमार जैन, दवा कारोबारी
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छात्रों और युवाओं के लिए कोई नई योजना शुरू नहीं की गई है। नए आईटीआई केंद्र बनाने की योजना अच्छी है, इससे युवाओं का तकनीकि ज्ञान बढ़ेगा।- अनिकेत यादव, छात्र पाली
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नई आईटीआई खोलने से युवाओं को तकनीकि शिक्षा हासिल होगी। स्कूल और कॉलेजों को डिजिटल करने से बच्चे आधुनिक तरीके से शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।-चंचल नायक, छात्रा नेहरू महाविद्यालय ललितपुर
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महिलाओं के लिए काफी कुछ दिया गया, सौंदर्य प्रसाधन एवं राशन के सामानों के जहां दाम कम हुए. वहीं कैंसर पीड़ित महिलाओं की वैक्सीनेशन की सुविधा सराहनीय कदम है।-निधि जैन, गृहिणी
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दैनिक उपयोग की वस्तुएं, रसोई गैस सिलिंडर के दाम कम होने की उम्मीद थी, लेकिन नहीं हुए। मध्यम वर्ग को आवास की योजना सराहनीय कदम है।-पूजा तिवारी, गृहिणी
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गरीबों के हितों को देखते हुए बजट का मूल्यांकन किया जाए तो अच्छा है। विलासिता की वस्तुओं पर टैक्स बढ़ा है, लेकिन रोजमर्रा की वस्तुओं व खानपान पर टैक्स कम हुआ, इससे महंगाई पर अंकुश लगेगा।-राजीव पटवारी
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घरेलू उपयोग में लाई जाने वाली वस्तुओं व सिलिंडर के दाम कम करने का कोई प्रावधान नहीं किया गया। सरकार पेट्रोलियम पदार्थों के दाम कम करे तो आम आदमी को राहत मिलेगी-- -- -- -- पारस मानया
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ललितपुर। लोकसभा चुनाव से पहले वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बृहस्पतिवार को पेश किए गए अंतरिम बजट को किसी ने सराहा तो किसी ने इसमें खामियां गिनाईं। कई लोगों में उत्साह देखने को मिला। कुछ लोग दुकान पर टीवी के सामने बैठे नजर आए तो युवा अपने मोबाइल पर ही बजट देखते रहे।
अधिवक्ताओं और नौकरीपेशा लोगों ने कहा कि बजट में आयकर सीमा को नहीं बढ़ाया गया, जबकि किसानों का कहना है कि सरकार ने सम्मान निधि बढ़ाने की कोई घोषणा नहीं की। युवाओं ने मिली जुली प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि जहां नई आईटीआई खोलने का प्रावधान किया गया है, वहीं कृषि महाविद्यालय खोलने पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया। कारोबारियों ने कहा कि सरकार ने बजट में कोई खास बदलाव नहीं किया जो पहले था उसी में मामूली संशोधन किया गया है। सिलिंडर व पेट्रोलियम पदार्थों के दाम न घटने से महिलाओं को निराशा हुई, लेकिन दो करोड़ गरीबों को आवास, महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर की फ्री वैक्सीन, एक करोड़ घरों पर रूफ टॉप सोलर से 300 यूनिट फ्री बिजली, इंफ्रास्ट्रक्चर में 11 फीसदी की बढ़ोतरी बजट का सकारात्मक पहलू है। पेश है सभी वर्गों से बातचीत के अंश...
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बजट से अधिवक्ताओं को विशेष उम्मीद थी। अपेक्षा थी कि इस बार आम बजट आम आदमी के लिए राहत वाला होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। -प्रकाशचंद्र जैन वरिष्ठ अधिवक्ता।
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वकीलों को बजट में चैम्बर की सुविधाएं, सुसज्जित पुस्तकालयों के साथ आवास आदि के लिए बजट मिलना आवश्यक था, लेकिन ऐसा कुछ दिखाई नहीं दे रहा है।-श्रीप्रकाश चौबे, वरिष्ठ अधिवक्ता।
यह चुनावी बजट था, इसलिए अधिवक्ताओं की अपेक्षाएं भी ज्यादा थीं, लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं। अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए भी अलग से आवंटन होना चाहिए था।-ओमप्रकाश घोष, वरिष्ठ अधिक्ता।
हाशिए के व्यक्ति की उम्मीदें भी बजट से जुड़ी थीं, लेकिन ऐसा कुछ दिखाई नहीं दिया। हर बार अधिवक्ताओं को सिर्फ धोखा दिया जाता है।-पुष्पेंद्र सिंह चौहान अधिवक्ता।
यह अंतरिम बजट है, इसमें संशोधन की उम्मीद है। पूर्ण बजट नई सरकार गठन होने के बाद प्रस्तुत होगा। आयकर के क्षेत्र में कोई विशेष बदलाव नहीं किए हैं, जिसकी उम्मीद जताई जा रही थी। -संजीव कुमार जैन, चार्टर्ड एकाउंटेंट।
उम्मीद थी, आयकर सीमा का दायरा बढ़ाया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे नौकरीपेशा और कारोबारी को कोई लाभ नजर नहीं आता।-शशांक जैन, कर अधिवक्ता
अनुमान था कि सरकार के कार्यकाल के अंतिम बजट में छात्रों, युवाओं और किसानों के लिए कुछ खास होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।-मनोज कुमार जैन, अधिवक्ता पाली
बजट में न तो महंगाई कम करने के कोई प्रयास किए गए न ही आयकर सीमा में छूट दी गई। मध्यम वर्ग की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा।-सौरभ, सीए
किसानों और गरीब तबके का ध्यान रखते हुए आवास सहित अन्य योजनाएं देने का प्रावधान सराहनीय पहल है।-देवी सिंह, किसान महरौनी
बजट से मध्यमवर्ग निराश है, न तो सिलिंडर के दाम कम किए गए और न ही महंगाई कम करने का कोई फार्मूला दिया गया।-ब्रजेंद्र सिंह परमार, महरौनी
किसानों के लिए खास कुछ नहीं रहा, दुग्ध किसानों को बढ़ावा देने और सोलर रूफ टाॅप योजना के तहत 300 यूनिट फ्री बिजली से कुछ आशा बंधी है।-महेंद्र सिंह यादव, किसान पाली
किसानों के लिए कोई खास योजना नहीं है। आशा थी कि सम्मान निधि की राशि बढ़ाई जाएगी, लेकिन निराशा हाथ लगी।-शिवराज कुशवाहा, किसान पाली
बजट में आयकर दाताओं के लिए कुछ राहत सरकार को देनी चाहिए थी। क्योंकि कारोबारी सरकार को कर देता है, देश का आर्थिक स्तंभ है।-रीतेश सराफ, व्यापारी महरौनी
आयकर सीमा में छूट न होने से कारोबारी निराश हैं। सरकार को करदाताओं के लिए सब्सिडी का प्रावधान करना चाहिए, जो बजट में नहीं किया गया।-अजय जैन अज्जू, कारोबारी
दवाओं पर जीएसटी कम करनी चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति महंगी दवा का उपयोग नहीं कर पा रहा है। कारोबारियों के लिए ऋण की सुविधा आसान करनी चाहिए। राजकुमार जैन, दवा कारोबारी
छात्रों और युवाओं के लिए कोई नई योजना शुरू नहीं की गई है। नए आईटीआई केंद्र बनाने की योजना अच्छी है, इससे युवाओं का तकनीकि ज्ञान बढ़ेगा।- अनिकेत यादव, छात्र पाली
नई आईटीआई खोलने से युवाओं को तकनीकि शिक्षा हासिल होगी। स्कूल और कॉलेजों को डिजिटल करने से बच्चे आधुनिक तरीके से शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे।-चंचल नायक, छात्रा नेहरू महाविद्यालय ललितपुर
महिलाओं के लिए काफी कुछ दिया गया, सौंदर्य प्रसाधन एवं राशन के सामानों के जहां दाम कम हुए. वहीं कैंसर पीड़ित महिलाओं की वैक्सीनेशन की सुविधा सराहनीय कदम है।-निधि जैन, गृहिणी
दैनिक उपयोग की वस्तुएं, रसोई गैस सिलिंडर के दाम कम होने की उम्मीद थी, लेकिन नहीं हुए। मध्यम वर्ग को आवास की योजना सराहनीय कदम है।-पूजा तिवारी, गृहिणी
गरीबों के हितों को देखते हुए बजट का मूल्यांकन किया जाए तो अच्छा है। विलासिता की वस्तुओं पर टैक्स बढ़ा है, लेकिन रोजमर्रा की वस्तुओं व खानपान पर टैक्स कम हुआ, इससे महंगाई पर अंकुश लगेगा।-राजीव पटवारी
घरेलू उपयोग में लाई जाने वाली वस्तुओं व सिलिंडर के दाम कम करने का कोई प्रावधान नहीं किया गया। सरकार पेट्रोलियम पदार्थों के दाम कम करे तो आम आदमी को राहत मिलेगी