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जिला पंचायत की पहली बैठक में छाया रहा वैभव कर

Fri, 15 Jan 2016 12:50 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Fri, 15 Jan 2016 12:50 AM IST
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The first meeting of district panchayat dominated by splendor
ललितपुर। जिला पंचायत की नवगठित बोर्ड की पहली बैठक में वैभव कर की रिकवरी का मामला छाया रहा। ब्लाक प्रमुख मड़ावरा ने इसे जोर-शोर से उठाया। इस दौरान उन्होंने विभागीय कर्मियों पर गलत प्रक्रिया अपनाने के आरोप भी लगाए। आखिर में व्यवसायियों से दस प्रतिशत की वसूली कर आरसी वापस लेने पर सहमति बन गई।
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जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता यादव व सदस्यों के शपथ ग्रहण के उपरांत नवगठित बोर्ड की पहली बैठक आयोजित की गई। इसमें बैठक के एजेंडा के अनुसार सात बिंदुओं पर चर्चा शुरू हुई। जिला पंचायत की छह स्थाई समितियों के गठन का अधिकार जिला पंचायत अध्यक्ष को दे दिया गया।
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अपर मुख्य अधिकारी एस कुमार ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष को दो हजार रुपये तक आकस्मिक व्यय एवं पांच हजार रुपये बोर्ड को व्यय करने का अधिकार है।

इस राशि को कम माना गया, जिस पर सदन ने अध्यक्ष को पांच हजार रुपये के व्यय का अधिकार प्रदान कर दिया गया। इसी तरह नीलामी और निर्माण कार्य योजना को स्वीकृत करने का अधिकार भी अध्यक्ष को दे दिया गया।
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ग्राम पूराकलां जूनियर हाईस्कूल में शिक्षकों की कमी का मामला उठाया गया, जिस पर अपर मुख्य अधिकारी ने बीएसए से चर्चा कर समस्या के समाधान की बात कही। ग्राम थनवारा के तीन किमी संपर्क मार्ग की मरम्मत कराने पर सहमति नहीं बन सकी। अंत में इसे दूसरे विभाग से कराने पर सभी सदस्य एक मत हो गए।

बैठक में वैभव कर का मामला छाया रहा। ब्लाक प्रमुख गौरीशंकर सोनी ने आरोप लगाते हुए कहा कि मड़ावरा क्षेत्र में अधिकांश व्यवसायियों को छोड़ दिया गया, जबकि चंद व्यवसायियों की रिकवरी जारी कर दी गई है। इसमें उन्हें विश्वास में नहीं लिया गया। उन्होंने विभागीय कर्मियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया। यह भी कहा कि आरसी काटने की प्रक्रिया को नियमानुसार नहीं अपनाया गया।

अपर मुख्य अधिकारी ने दोबारा सर्वे कराने की बात कही, जिस पर सदस्य सहमत नहीं हुए। सभी ने एक मत से कहा कि वर्तमान समय में सूूखे से सभी परेशान हैं। जिन व्यवसायियों की आरसी काटी गई है, उनकी आरसी वापस ली जाए। इस पर अपर मुख्य अधिकारी ने जिला पंचायत को नुकसान होने की ओर ध्यानाकर्षित किया। इस पर दस प्रतिशत वसूली के साथ आरसी वापस लेने पर सहमति बन गई।

बैठक में जिला पंचायत द्वारा आरोपित संपत्ति एवं वैभव कर को मानक अनुसार लागू करने व करदाताओं की सूची 31 मार्च तक बनवाने के निर्देश दिए गए। वहीं, जिला पंचायत की वर्ष 2015-16 का पुनरीक्षित आय- व्ययक एवं अनुमानित आय-व्ययक एवं वर्ष 2016-17 अनुमानित आय-व्ययक को चर्चा उपरांत सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान कर दी गई।

अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष सरिता यादव ने सभी से जिला पंचायत की स्थिति सुदृढ करने में सहयोग मांगा और जन हित में कार्यों में सहयोग का आश्वासन दिया। इस मौके पर जिला पंचायत सदस्य मान सिंह, उदय प्रताप सिंह, अतल देवी, ज्योति सिंह, कृष्णराजे, रचना, वंशीधर, जयश्री, वंदना देवी, गुड्डी, अतर सिंह, बबीता कुमारी, बेटी बाई,


सुधा सेेनी, चंद्रशेखर खरे, अंजू उर्फ बबीता, खिलान सिंह यादव, सुखदेन, कमलेश देवी, फूल सिंह यादव, जिला पंचायत के अभियंता शैलेंद्र श्रीवास्तव, वित्तीय परामर्शदाता डोगरा शक्ति, कार्य अधिकारी राजकुमार नायक आदि उपस्थित रहे। संचालन अपर मुख्य अधिकारी एस कुमार ने किया।

बोर्ड बैठक में शामिल रहे प्रतिनिधि
बैठक में जिला पंचायत सदस्य के साथ उनके प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। कई सदस्यों के सवालों का जवाब निवर्तमान अध्यक्ष ने देकर उनकी जिज्ञासा शांत की।
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