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भागवत कथा सुनने से मिट जाता है जन्म-मृत्यु का भय : व्यास
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संवाद न्यूज एजेंसी
पाली-बालाबेहट। श्री लक्ष्मी नारायण अमोनिया मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में व्यास पं. रघुबीर दास वेदांती ने कहा कि भागवत कथा सुनने से मनुष्य जन्म-मृत्यु के भय से मुक्त हो जाता और उसका उद्धार हो जाता है।
कथा व्यास ने कहा कि शास्त्रों का एक संविधान है। यदि हम शास्त्र के संविधान से चलते हैं तो निश्चित ही रोग मुक्त होकर पूरी आयु करने के बाद ही संसार से विदा लेते हैं।
भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कहा है कि मनुष्य को शास्त्रों के हिसाब से जो कर्म बताए गए हैं, वही करना चाहिए। दूसरे के धन का लालच नहीं करना चाहिए।
किसी को धोखा नहीं देना चाहिए। शराब, जुआ आदि व्यसन नहीं करना चाहिए। यदि मनुष्य शास्त्र के हिसाब से सूर्योदय से पहले जागे और स्नान कर भगवान का भजन करे, अपने दैनिक कार्यों को धर्म के हिसाब से करे तो निश्चित ही उसकी आयु 100 वर्ष हो सकती है। इस मौके पर मंदिर के पुजारी पंडित संतोष कुमार देवलिया, पंडित कुंदन लाल, गौरव मिश्रा, राजेश सेन, गनु रैकवार, आकाश देवलिया, सनमान सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।द
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पाली-बालाबेहट। श्री लक्ष्मी नारायण अमोनिया मंदिर पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में व्यास पं. रघुबीर दास वेदांती ने कहा कि भागवत कथा सुनने से मनुष्य जन्म-मृत्यु के भय से मुक्त हो जाता और उसका उद्धार हो जाता है।
कथा व्यास ने कहा कि शास्त्रों का एक संविधान है। यदि हम शास्त्र के संविधान से चलते हैं तो निश्चित ही रोग मुक्त होकर पूरी आयु करने के बाद ही संसार से विदा लेते हैं।
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भगवान श्री कृष्ण ने गीता में कहा है कि मनुष्य को शास्त्रों के हिसाब से जो कर्म बताए गए हैं, वही करना चाहिए। दूसरे के धन का लालच नहीं करना चाहिए।
किसी को धोखा नहीं देना चाहिए। शराब, जुआ आदि व्यसन नहीं करना चाहिए। यदि मनुष्य शास्त्र के हिसाब से सूर्योदय से पहले जागे और स्नान कर भगवान का भजन करे, अपने दैनिक कार्यों को धर्म के हिसाब से करे तो निश्चित ही उसकी आयु 100 वर्ष हो सकती है। इस मौके पर मंदिर के पुजारी पंडित संतोष कुमार देवलिया, पंडित कुंदन लाल, गौरव मिश्रा, राजेश सेन, गनु रैकवार, आकाश देवलिया, सनमान सिंह तोमर आदि मौजूद रहे।द
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