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Lalitpur News: 17.92 करोड़ से बदलेगी जामनी बांध की सूरत
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ललितपुर। बांध पुनर्वास एवं सुधार योजना के तहत चयनित जामनी बांध की 17.92 करोड़ से सूरत बदलेगी। सिंचाई विभाग द्वारा निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद मानसून सीजन समाप्त होने के बाद बांध के जीर्णोद्धार का काम शुरू होने की संभावना है। बांध के लीकेज, गेटों के आधुनिकीकरण सहित अन्य सुधार कार्य कराए जाएंगे।
जामनी नदी पर बना बांध जिले के सबसे पुराने बांधों में शामिल है। बांध से पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। विश्व बैंक वित्तपोषित बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना से बांधों और नहरों पर काम किया जा रहा है। प्रथम चरण में नहरों की लाइनिंग की गई थी। इसके बाद वर्ष 2020 में बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना का दूसरा चरण शुरू हुआ। इसमें इस योजना में जिले के जामनी बांध को चयनित किया गया। सिंचाई विभाग ने जामनी बांध के आधुनिकीकरण के लिए कार्ययोजना बनाकर प्रेषित की थी। इसमें बांध के मैनुअल गेटों को ऑटोमेटिक, अप और डाउन स्ट्रीम में पिचिंग, गेटों के पास सोलर लाइट, बांध के लीकेज की मरम्मत, पैराविट की रिपेयरिंग, निरीक्षण भवन की मरम्मत सहित अन्य सुधार कार्य होना है। इसमें 17.92 करोड़ की कार्ययोजना को तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति मिली थी। इसके बाद बांध के आधुनिकीकरण करने के लिए सिंचाई विभाग ने निविदा प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन तकनीकी खामी के चलते ये प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पा रही थी। अब सिंचाई विभाग एकबार फिर निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में जुट गया है। उम्मीद है कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद मानसून सीजन समाप्त होने के बाद बांध के जीर्णोद्धार का काम शुरू हो जाएगा।
बेलदारों के रहने के लिए बनेंगे दो आवास
बांध की सुरक्षा के लिए जामनी बांध पर इस योजना के तहत टाइप वन श्रेणी के दो आवासों बनेंगे। इन आवासों में सिंचाई विभाग के बेलदार रहेंगे और बांध सुरक्षा की ड्यूटी सहित निगरानी करेंगे।
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ये भी जानें
- 1973 में बांध बना
- 403.55 मीटर पूर्ण जलस्तर
- 92.80 मिलियन घन मीटर पानी भंडारण क्षमता
- 230 किलोमीटर नहर प्रणाली
- 11000 हेक्टेयर भूमि सिंचित
- 80 गांवों में पेयजल जलापूर्ति
- 6.76 एमसीएम पानी हर घर जल नल योजना को आरक्षित
बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना के तहत जामनी बांध का आधुनिकीकरण किया जाना है। जल्द ही निविदा प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीद है कि इस बार मानसून सीजन निकलने के बाद बांध का पुनरोद्धार कराने का काम शुरू हो जाएगा। - इंजी. सलमान खान, सहायक अभियंता, सिंचाई खंड।
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जामनी नदी पर बना बांध जिले के सबसे पुराने बांधों में शामिल है। बांध से पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जाता है। विश्व बैंक वित्तपोषित बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना से बांधों और नहरों पर काम किया जा रहा है। प्रथम चरण में नहरों की लाइनिंग की गई थी। इसके बाद वर्ष 2020 में बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना का दूसरा चरण शुरू हुआ। इसमें इस योजना में जिले के जामनी बांध को चयनित किया गया। सिंचाई विभाग ने जामनी बांध के आधुनिकीकरण के लिए कार्ययोजना बनाकर प्रेषित की थी। इसमें बांध के मैनुअल गेटों को ऑटोमेटिक, अप और डाउन स्ट्रीम में पिचिंग, गेटों के पास सोलर लाइट, बांध के लीकेज की मरम्मत, पैराविट की रिपेयरिंग, निरीक्षण भवन की मरम्मत सहित अन्य सुधार कार्य होना है। इसमें 17.92 करोड़ की कार्ययोजना को तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति मिली थी। इसके बाद बांध के आधुनिकीकरण करने के लिए सिंचाई विभाग ने निविदा प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन तकनीकी खामी के चलते ये प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो पा रही थी। अब सिंचाई विभाग एकबार फिर निविदा प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में जुट गया है। उम्मीद है कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद मानसून सीजन समाप्त होने के बाद बांध के जीर्णोद्धार का काम शुरू हो जाएगा।
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बेलदारों के रहने के लिए बनेंगे दो आवास
बांध की सुरक्षा के लिए जामनी बांध पर इस योजना के तहत टाइप वन श्रेणी के दो आवासों बनेंगे। इन आवासों में सिंचाई विभाग के बेलदार रहेंगे और बांध सुरक्षा की ड्यूटी सहित निगरानी करेंगे।
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ये भी जानें
- 1973 में बांध बना
- 403.55 मीटर पूर्ण जलस्तर
- 92.80 मिलियन घन मीटर पानी भंडारण क्षमता
- 230 किलोमीटर नहर प्रणाली
- 11000 हेक्टेयर भूमि सिंचित
- 80 गांवों में पेयजल जलापूर्ति
- 6.76 एमसीएम पानी हर घर जल नल योजना को आरक्षित
बांध पुनर्वास और सुधार परियोजना के तहत जामनी बांध का आधुनिकीकरण किया जाना है। जल्द ही निविदा प्रक्रिया शुरू होगी। उम्मीद है कि इस बार मानसून सीजन निकलने के बाद बांध का पुनरोद्धार कराने का काम शुरू हो जाएगा। - इंजी. सलमान खान, सहायक अभियंता, सिंचाई खंड।