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Lalitpur News: मेडिकल कॉलेज बनने से बदली स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर, रेफर होने वाले मरीजों की संख्या घटी

Tue, 30 Jun 2026 02:13 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 30 Jun 2026 02:13 AM IST
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The establishment of the medical college has transformed the healthcare landscape, leading to a decline in the number of patients requiring referral.
संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में लंबे समय तक पिछड़े रहे जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना के बाद चिकित्सा सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने के साथ आधुनिक संसाधनों का विस्तार हुआ है, जिससे मरीजों को जिला मुख्यालय पर ही बेहतर उपचार मिल रहा है। इसका असर रेफर होने वाले मरीजों की संख्या में कमी के रूप में भी दिखाई दे रहा है।
वर्ष 1974 में ललितपुर को जनपद का दर्जा मिलने के समय कंपनी बाग के सामने स्थित छह बेड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को जिला अस्पताल का स्वरूप दिया गया था। उस समय संयुक्त चिकित्सालय में 20 बेड का महिला अस्पताल और 20 बेड का पुरुष अस्पताल संचालित किया जाता था। शुरुआती वर्षों में व्यवस्थाएं संतोषजनक रहीं, लेकिन समय के साथ बढ़ती आबादी और जरूरतों के अनुरूप स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार नहीं हो सका।
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बाद में संयुक्त जिला चिकित्सालय के नए भवन का निर्माण कराया गया, जिसमें 140 बेड का पुरुष अस्पताल और 60 बेड का महिला अस्पताल स्थापित किया गया। भवन और आधारभूत सुविधाएं तो बेहतर हुईं, लेकिन चिकित्सकों और विशेषज्ञों की कमी लगातार बनी रही।
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वर्ष 2021 से 2024 के बीच नेत्र रोग, ईएनटी, सर्जरी और बाल रोग जैसे महत्वपूर्ण विभागों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी हो गई थी। इसके कारण मरीजों को झांसी, कानपुर और अन्य महानगरों का रुख करना पड़ता था। उस समय प्रतिदिन आठ से दस मरीज रेफर किए जाते थे।
वर्ष 2024 में मेडिकल कॉलेज अस्तित्व में आने के बाद चिकित्सकों और विशेषज्ञों की संख्या में वृद्धि हुई। साथ ही अस्पताल को आधुनिक उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराए गए। वर्तमान में सर्जरी, हड्डी रोग, नाक-कान-गला, नेत्र, दंत, चर्म रोग और मेडिसिन समेत विभिन्न विभागों में पर्याप्त चिकित्सक उपलब्ध हैं। इससे स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं और रेफर होने वाले मरीजों की संख्या घटकर प्रतिदिन पांच से छह रह गई है। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज 500 बेड की क्षमता वाले अस्पताल के रूप में विकसित हो चुका है।
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इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब से जांच सुविधाओं का विस्तार
मेडिकल कॉलेज में आधुनिक इंटीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब संचालित होने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है। यहां कैंसर संबंधी गांठों की जांच, ऑडियोमेट्री, कुष्ठ रोग की पुष्टि सहित कई गंभीर बीमारियों की जांच की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा 24 घंटे पैथोलॉजी सेवाएं भी संचालित की जा रही हैं।
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हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों को स्थानीय स्तर पर मिलेगा उपचार
मेडिकल कॉलेज में जल्द ही हेपेटाइटिस बी और सी के मरीजों के उपचार की सुविधा शुरू होने जा रही है। इसके बाद मरीजों को उपचार के लिए महानगरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। यहां उन्हें आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उपचार का आर्थिक बोझ कम होगा।
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डे-केयर कैंसर सेंटर से मरीजों को मिलेगी राहत
मेडिकल कॉलेज में डे-केयर कैंसर सेंटर शुरू करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। यहां कैंसर मरीजों को थैरेपी, दवाएं और आवश्यक जांच की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके लिए छह बेड का विशेष वार्ड तैयार कर लिया गया है। सुविधा शुरू होने के बाद मरीजों को उपचार के लिए कानपुर, झांसी या भोपाल नहीं जाना पड़ेगा।

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मेडिकल कॉलेज में लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। हमारा प्रयास है कि मरीजों को सभी आवश्यक चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हों और उन्हें बेहतर उपचार मिल सके।

— डॉ. विशाल जैन, मीडिया प्रभारी
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