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तीन हजार से अधिक उपभोक्ताओं का विभाग को पता नहीं

Wed, 12 Oct 2016 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 12 Oct 2016 12:59 AM IST
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The department does not know more than three thousand subscribers
Electric connection - फोटो : demo
शहरी क्षेत्र में अधिक बकाया होने पर दूसरे संयोजन लेने, स्थायी संयोजन होने के बाद शत-प्रतिशत फीडिंग न होने, विवादित स्थिति में परिवारों अन्य सदस्यों द्वारा बिना विच्छेदन के ही मीटर उखाड़कर दूसरा संयोजन लेने आदि के कारण बिजली विभाग में करीब तीन हजार से अधिक उपभोक्ताओं मिसिंग चल रहे हैं, जिनका विभाग को अता-पता नहीं है। ऐसे में इन मिसिंग उपभोक्ताओं की वजह से अकेले शहर में ही करोड़ों रुपये का विद्युत राजस्व हर माह बढ़ता जा रहा है, जो विभाग के लिए मुसीबत बना हुआ है।       
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शहर में बिजली विभाग के रिकॉर्ड में घरेलू, कॉमर्सियल व अन्य श्रेणी के करीब 27 हजार उपभोक्ताओं द्वारा बिजली कनेक्शन लेकर विद्युत का उपभोग किया जा रहा है। इसमें 21 हजार घरेलू और 3250 कनेक्शन वाणिज्यिक श्रेणी के चल रहे हैं। विद्युत विभाग द्वारा बिजली उपभोग का राजस्व वसूलने के लिए शहरी क्षेत्र में 14 मीटर रीडरों की मदद से बिलिंग कराई जा रही है, जो घर-घर जाकर उपभोक्ताओं के मीटरों की रीडिंग के अनुसार बिल बनाकर उपभोक्ताओं को मुहैया कराते हैं। इसके बाद उपभोक्ता रीडिंग के आधार पर बनाए गए बिलों का भुगतान विद्युत कार्यालय में स्थापित कैश काउंटरों पर जमा करता है। जबकि बिजली विभाग द्वारा भी उपभोक्ताओं पर अधिक बकाया होने पर मुहल्लों में शिविर आयोजित कर बिलों का भुगतान कराया जाता है। वहीं, मकान या प्रतिष्ठान परिवर्तित करने पर या फिर अन्य कारणों के चलते उपभोक्ता बिल की पूर्ण राशि जमा कर बिजली कनेक्शन को स्थायी रूप से कटवा लेता है और बिजली विभाग ऐसे उपभोक्ताओं को स्थायी संयोजन की प्रक्रिया कर उपभोक्ताओं के उक्त विच्छेदन प्रक्रिया की फीडिंग की जाती है। लेकिन शहर में बहुत से विच्छेदन वाले कनेक्शन ऐसे चल रहे हैं, जिनका स्थायी रूप से विच्छेदन तो कर दिया गया है, लेकिन उनकी फीडिंग नहीं होने के कारण उनका बकाया अब भी दर्शाया जा रहा है। वहीं, बहुत से उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने घरों में विवाद के चलते उक्त कनेक्शन उखाड़कर फेंक दिया और दूसरे परिजन के नाम से नया कनेक्शन करा लिया और बहुत से उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन पर विभाग का लाखों रुपये बकाया होने पर या फिर उनके दादा, दादी या फिर अन्य पूर्वजों के नाम से चल रहे कनेक्शनों का भुगतान नहीं कर नई पीढ़ियों में बच्चों या फिर खुद के नाम से कनेक्शन करा लिया गया। ऐसे में जब मीटर रीडर या बिजली कर्मचारी ऐसे उपभोक्ताओं की बिलिंग करने पहुंचता है, तो ऐसे घरों में मौके पर उक्त विद्युत कनेक्शन नहीं पाया जाता, जिससे वे थक हार कर वापस लौट जाते हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो शहर में करीब तीन हजार से अधिक बिजली कनेक्शनों का कोई अता-पता नहीं है, जो विभाग को ढूंढे से भी नहीं मिल रहे हैं। वहीं, यही कनेक्शन ऐसे में जिन पर हर महीने करोड़ों का राजस्व बढ़ता जा रहा है। बिजली विभाग के लिए यह हजारों की संख्या में मिसिंग कनेक्शन आफत बने हुए हैं, जिन्हें विभाग न तो खोज ही पा रहा है और न ही उनका भुगतान की करवा पा रहा है।
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मिसिंग कनेक्शनों को तलाश कर बकाया बिल वसूलने का प्रयास किया जा रहा है और उनसे राजस्व की वसूली की जाएगी।
अखिलेश कुमार वर्मा, उपखंड अधिकारी प्रथम
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