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मध्य प्रदेश की भूमि की प्यास बुझा रहा जामनी बांध, सिंचाई को हर वर्ष दिया जाता 60 क्यूसेक पानी
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ललितपुर। जनपद का जामनी बांध मध्य प्रदेश के लोगों की प्यास बुझा रहा है। जामनी बांध से मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जनपद को करीब 60 क्यूसेक पानी सिंचाई के लिए जाता है। इसके लिए जामनी बांध से करीब 22 किलोमीटर लंबी नहर निकली है। जिसमें नौ किलोमीटर जनपद और तेरह किलोमीटर का हिस्सा टीकमगढ़ जनपद में आता है।
जामनी नदी पर मड़ावरा क्षेत्र में जामनी बांध का निर्माण करीब 1973 में हुआ था। यह बांध तब से लेकर अब तक जनपद के लिए तो महत्वपूर्ण है ही टीकमगढ़ के लिए भी किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है। इस बांध परियोजना से 22 किलोमीटर लंबी केनाल मध्य प्रदेश के लिए जाती है। इसमें नौ किलोमीटर जनपद की सीमा में और 13 किलोमीटर मध्य प्रदेश के जनपद टीकमगढ सीमा में स्थित है। इसमें नौ किलोमीटर केनाल से जनपद सीमा में आने वाले क्षेत्रों के भूमि की सिंचाई की जाती है। जबकि तेरह किलोमीटर से टीकमगढ में क्षेत्रों में सिंचाई होती है। मध्य प्रदेश के क्षेत्र की भूमि की प्यास बुझाने का यह क्रम जामनी बांध निर्माण के बाद से ही किया जा रहा है। सूखे या अन्य किसी कारण से जरूर इस क्षेत्र को पानी नहीं दिया गया है। यह नहर मध्य प्रदेश के लिए 14 दिन पानी देती है। रबी की फसल के लिए नवंबर माह में सात दिन यह नहर खोली जाती है। इसके बाद दूसरे पानी के लिए जनवरी माह में सात दिन के लिए इसका संचालन किया जाता है। इन चौदह दिनों में मध्य प्रदेश को 60 क्यूसेक पानी सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाता है। जिससे टीकमगढ क्षेत्र की करीब तीन हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जाती है। मध्य प्रदेश के टीकमगढ क्षेत्र की भूमि को सिंचित करने के लिए इस केनाल का संचालन जामनी बांध के निर्माण बाद से ही शुरू है। हालांकि सूखा या अन्य किसी कारण से जरूर इस केनाल का संचालन नहीं किया जा सका है। वर्तमान में सिंचाई विभाग इस वर्ष रबी के सीजन में फसल सिंचाई के लिए मध्य प्रदेश को जाने वाली इस नहर का संचालन करने की तैयारी में जुटा हुआ है।
67 एमसीएम पानी आरक्षित है सिंचाई के लिए
जामनी बांध की भंडारण क्षमता 92.87 एमसीएम है। जिसमें सिंचाई के लिए 67 एमसीएम पानी आरक्षित है। पेयजल व अन्य वाणिज्यिक उपयोग 1.42 एमसीएम है। उपयोगी जल की मात्रा 84 एमसीएम है।
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230 किलोमीटर है जामनी नहर प्रणाली
बांध से किसानों की फसल सिंचाई के लिए नहर प्रणाली है। इस बांध से करीब 230 किलोमीटर तक नहरें निकली है। जिससे दस हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होती है। इसमें सर्वाधिक सिंचाई रबी के सीजन में की जाती है। जबकि खरीफ के सीजन में भी फसल की सिंचाई करना भी निर्धारित रहता है।
जामनी बांध से मध्य प्रदेश के टीकमगढ क्षेत्र के लिए नहर के माध्यम से पानी दिया जाता है। यह पानी नहर संचालन के रोस्टर के अनुसार सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाता है।
- इं. भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड ललितपुर
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जामनी नदी पर मड़ावरा क्षेत्र में जामनी बांध का निर्माण करीब 1973 में हुआ था। यह बांध तब से लेकर अब तक जनपद के लिए तो महत्वपूर्ण है ही टीकमगढ़ के लिए भी किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रहा है। इस बांध परियोजना से 22 किलोमीटर लंबी केनाल मध्य प्रदेश के लिए जाती है। इसमें नौ किलोमीटर जनपद की सीमा में और 13 किलोमीटर मध्य प्रदेश के जनपद टीकमगढ सीमा में स्थित है। इसमें नौ किलोमीटर केनाल से जनपद सीमा में आने वाले क्षेत्रों के भूमि की सिंचाई की जाती है। जबकि तेरह किलोमीटर से टीकमगढ में क्षेत्रों में सिंचाई होती है। मध्य प्रदेश के क्षेत्र की भूमि की प्यास बुझाने का यह क्रम जामनी बांध निर्माण के बाद से ही किया जा रहा है। सूखे या अन्य किसी कारण से जरूर इस क्षेत्र को पानी नहीं दिया गया है। यह नहर मध्य प्रदेश के लिए 14 दिन पानी देती है। रबी की फसल के लिए नवंबर माह में सात दिन यह नहर खोली जाती है। इसके बाद दूसरे पानी के लिए जनवरी माह में सात दिन के लिए इसका संचालन किया जाता है। इन चौदह दिनों में मध्य प्रदेश को 60 क्यूसेक पानी सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाता है। जिससे टीकमगढ क्षेत्र की करीब तीन हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई की जाती है। मध्य प्रदेश के टीकमगढ क्षेत्र की भूमि को सिंचित करने के लिए इस केनाल का संचालन जामनी बांध के निर्माण बाद से ही शुरू है। हालांकि सूखा या अन्य किसी कारण से जरूर इस केनाल का संचालन नहीं किया जा सका है। वर्तमान में सिंचाई विभाग इस वर्ष रबी के सीजन में फसल सिंचाई के लिए मध्य प्रदेश को जाने वाली इस नहर का संचालन करने की तैयारी में जुटा हुआ है।
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67 एमसीएम पानी आरक्षित है सिंचाई के लिए
जामनी बांध की भंडारण क्षमता 92.87 एमसीएम है। जिसमें सिंचाई के लिए 67 एमसीएम पानी आरक्षित है। पेयजल व अन्य वाणिज्यिक उपयोग 1.42 एमसीएम है। उपयोगी जल की मात्रा 84 एमसीएम है।
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230 किलोमीटर है जामनी नहर प्रणाली
बांध से किसानों की फसल सिंचाई के लिए नहर प्रणाली है। इस बांध से करीब 230 किलोमीटर तक नहरें निकली है। जिससे दस हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि सिंचित होती है। इसमें सर्वाधिक सिंचाई रबी के सीजन में की जाती है। जबकि खरीफ के सीजन में भी फसल की सिंचाई करना भी निर्धारित रहता है।
जामनी बांध से मध्य प्रदेश के टीकमगढ क्षेत्र के लिए नहर के माध्यम से पानी दिया जाता है। यह पानी नहर संचालन के रोस्टर के अनुसार सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाता है।
- इं. भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड ललितपुर