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Lalitpur News: चार साल में भी नहीं बन सका क्रिटिकल केयर ब्लॉक

Sat, 24 Jan 2026 01:05 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 24 Jan 2026 01:05 AM IST
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The critical care block could not be built even in four years.
- कैसे हो निर्माण, जब चिह्नित भूमि नहीं हो सकी हस्तांतरित
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- संसाधनों के अभाव में प्रतिदिन चार से पांच मरीज रेफर
- महानगरों की ओर रुख करने को मजबूर हैं गंभीर मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिले में गंभीर रोगियों के लिए बेहतर उपचार की सुविधा आज भी सपना बनी हुई है। शासन द्वारा वर्ष 2022 में प्रस्तावित क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण चार वर्ष बीतने के बाद भी शुरू नहीं हो सका है। कारण है। निर्माण के लिए अब तक भूमि का हस्तांतरण न होना। इसका सीधा खामियाजा गंभीर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है, जिन्हें संसाधनों के अभाव में बाहर रेफर किया जा रहा है।
जिले में सड़क दुर्घटना, हृदय रोग, सांस संबंधी बीमारी या अन्य गंभीर समस्याओं से पीड़ित मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। प्राथमिक उपचार के बाद मरीजों को झांसी, भोपाल और ग्वालियर जैसे महानगरों के लिए रेफर कर दिया जाता है। कई मामलों में समय पर उपचार न मिलने से मरीज की जान तक चली जाती है।
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गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के उद्देश्य से शासन ने वर्ष 2022 में 60 बेड के क्रिटिकल केयर ब्लॉक के निर्माण के लिए स्वास्थ्य विभाग से प्रस्ताव मांगा था। इसके लिए करीब 3200 वर्गफुट भूमि पर तीन मंजिला भवन प्रस्तावित था। हालांकि, चार वर्ष बीत जाने के बावजूद अब तक केवल भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया ही पूरी हो सकी है। भूमि का हस्तांतरण न होने के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका।
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विभागीय अधिकारियों का कहना है कि भूमि चिन्हित कर ली गई है, लेकिन हस्तांतरण की प्रक्रिया लंबित है। भूमि विभाग को मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। इधर, प्रतिदिन औसतन चार से पांच गंभीर मरीजों को रेफर किया जा रहा है, इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि चुप्पी साधे हुए हैं।
ये होंगी सुविधाएं
क्रिटिकल केयर ब्लॉक में हृदय रोग, सांस संबंधी बीमारी, हेड इंजरी, गंभीर चोट, सर्जरी सहित अन्य गंभीर रोगों का उपचार किया जाएगा। आपात स्थिति में सर्जरी और प्रसव की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यूनिट में ऑपरेशन थिएटर, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, आईसीयू, लिफ्ट, इमरजेंसी वार्ड, आर्थो और सर्जरी विंग सहित 24 घंटे अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
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बीते वर्ष शासन ने दी थी चेतावनी
शासन स्तर पर हुई विभागीय जांच में यह तथ्य सामने आया था कि ललितपुर का क्रिटिकल केयर ब्लॉक भूमि विवाद के चलते अटका हुआ है। इस पर अधिकारियों को चेतावनी देते हुए शीघ्र भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन दस माह बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इससे जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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भवन नहीं बना, पहले ही भेज दिए गए पलंग
क्रिटिकल केयर ब्लॉक का भवन अभी तक नहीं बन सका है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग को मुख्यालय से अत्याधुनिक पलंग पहले ही उपलब्ध करा दिए गए हैं। इनमें से कुछ पलंग रिमोट से संचालित होने वाले हैं। फिलहाल ये पलंग मेडिकल कॉलेज परिसर में अलग-अलग स्थानों पर धूल फांक रहे हैं। बिना भवन के पलंग उपलब्ध कराए जाने से लाखों रुपये की सरकारी धनराशि के दुरुपयोग का आरोप भी लग रहा है।
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क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए भूमि चिह्नित कर ली गई है। भूमि विभाग से हस्तांतरण होते ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
डॉ. इम्तियाज अहमद, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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