फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   The court sent the bribe-taking forest inspector to jail

Lalitpur News: रिश्वत लेने वाले वन दरोगा को कोर्ट ने भेजा जेल

Thu, 15 May 2025 12:57 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 15 May 2025 12:57 AM IST
विज्ञापन
The court sent the bribe-taking forest inspector to jail
ललितपुर। अन्य जनपदों की मंडी में महुआ ले जाने के लिए अभिवहन परमिट (टीपी) बनवाने के नाम पर साढ़े छह हजार रुपये की रिश्वत लेने वाले वन दरोगा को बुधवार को भ्रष्टाचार न्यायालय में पेश किया गया। उसे जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन

कोतवाली अंतर्गत सिविल लाइन निवासी जितेंद्र कुमार जैन ने एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। बताया था कि किसानों से खरीदे गए महुआ को अन्य जनपदों की मंडी तक पहुंचाने के लिए आवश्यक ट्रांजिट परमिट (अभिवहन परमिट) देने के नाम पर उप संभागीय कार्यालय वन विभाग में तैनात वन दरोगा राजकुमार तिवारी ने साढ़े छह हजार रुपये की रिश्वत मांगी है। भ्रष्टाचार निवारण इकाई झांसी की ट्रैप टीम निरीक्षक चतुर सिंह के नेतृत्व में मंगलवार शाम को जनपद पहुंची। टीम ने वन दरोगा राजकुमार को उनके कार्यालय में ही व्यापारी जितेंद्र कुमार से 6500 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया था।
विज्ञापन

ट्रैप टीम के निरीक्षक चतुर सिंह की तहरीर पर काेतवाली सदर पुलिस ने आरोपी वन दरोगा के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया। मंगलवार देर रात एंटी करप्शन टीम आरोपी को लेकर लखनऊ के लिए रवाना हो गई थी। बुधवार को वन दरोगा को भ्रष्टाचार न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। वहीं, वन विभाग के अधिकारियों ने आरोपी दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

------
शुल्क जमा करने के बाद मांगी थी रिश्वत
व्यापारी जितेंद्र कुमार के अनुसार महुआ से लदे ट्रकों को गैर जनपदों में भेजने के लिए टीपी (अभिवहन परमिट) की जरूरत होती है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाता है। इसका शुल्क ट्रक के भार के अनुसार स्वतः निर्धारित होता है। व्यापारी जितेंद्र ने टीपी (अभिवहन परमिट) के लिए आवेदन किया था और प्रभागीय वन अधिकारी कार्यालय के कर्मचारी को टीपी शुल्क के रूप में ऑनलाइन 2280 रुपये जमा भी कर दिया था। लेकिन, टीपी देने के एवज में वन दरोगा राजकुमार तिवारी 6500 रुपये की रिश्वत मांग रहा था। मांग पूरी न करने पर वन संपदा से लदे ट्रकों का चालान करने की बात कह रहा था।

-------
वन दरोगा के अतिरिक्त था स्टेनो का जिम्मा
रिश्वत लेते पकड़ा गया राजकुमार तिवारी वन दरोगा के अतिरिक्त कार्यालय प्रभागीय निदेशक सामाजिक वानिकी प्रभाग में स्टेनो का भी कार्यभार संभाले था। यहीं से वह पूरा काम कर रहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed