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Lalitpur News: शहजाद नदी पर बना सुरईघाट का वैकल्पिक पुल ढहा
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चार दिन की अतिवृष्टि से किसानों पर आफत, उड़द-मूंग-तिल की फसलें पानी में सड़ रही
ललितपुर। खिरकापुरा हाईवे से पंचमुखी हनुमान मंदिर होकर पनारी मार्ग पर सुरईघाट पर शहजाद नदी का वैकल्पिक पुल भी ढह गया है। इससे अब चार व दो पहिया वाहन तो दूर पैदल निकलना तक बंद हो गया है। शनिवार सुबह निकासी के लिए वाहन के साथ पहुंचे लोग हालत देखकर लौट गए। अब शहर से बानपुर, कैलगुंवा व आसपास के क्षेत्रों से शहर आने-जाने वालों के लिए समस्या हो गई है। राहगीरों को कैलगुंवा चौराहा से चार किलोमीटर का चक्कर लगाकर आना- जाना पड़ रहा है।
बीते दिनों से हो रही बारिश से गोविंदसागर बांध का जल स्तर बढ़ गया है। ऐसे में बीते दिन गेट खोलकर पानी की निकासी की गई है। इससे शहजाद नदी में आए पानी से वैकल्पिक भी पूरी तरह से ढह गया है। इससे पुल मार्ग के आधा हिस्सा कट गया है। महज पाइप ही नजर आ रहे हैं। लगभग 20 फीट से अधिक लंबाई में पुल पूरी तरह से गायब हो गया है। रास्ता में महज पानी ही पानी नजर आ रहा है। ऐसे में वाहन तो दूर लोग पैदल तक नहीं चल पा रहे हैं।
इनसेट
शहर के मोहल्ला खिरकापुरा हाईवे से पंचमुखी हनुमान मंदिर होकर कैलगुंवा मार्ग प्रमुख है। इस मार्ग से शहर के लोग सीधे पनारी, रजबहा, बानपुर कैलगुंवा होकर टीकमगढ़ के लिए आवागमन करते हैं। साथ ही झांसी की ओर से आने व जाने के लिए कम दूरी वाला मार्ग है। लेकिन लगभग आठ वर्ष पहले (वर्ष 2018) गोविंद सागर बांध साइफन से पानी आने के चलते नदी उफान पर आ गई थी। इससे सुरईघाट के पुल का आधा हिस्सा ढह गया था। तब से अब तक इस पुल का निर्माण नहीं किया जा सका है। ऐसे में प्रतिवर्ष बारिश समाप्त होने के बाद पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सा में गिट्टी व मिट्टी डालकर वैकल्पिक पुल बना दिया जाता है। इससे लोग आवागमन कर लेते हैं। इससे लोगों को कैलगुंवा चौराहा तक चक्कर लगाकर नहीं जाना पड़ता है।
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फोटो- 29
शहजाद नदी के सुरईघाट पर पुल सात वर्ष से क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है। वैकल्पिक कच्चा पुल बीते दिन नदी में पानी आने से ढह गया है। अब राहगीरों व श्रद्धालुओं मंदिर आने की समस्या हो गई है।
शिवाजी मालवीय, गोलू महाराज
फोटो- 30
सुरईघाट पुल के निर्माण को जिला पंचायत की बैठक में रखा था। मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन देकर मांग की गई थी। पुल का निर्माण होने से दस हजार राहगीरों को प्रतिदिन लाभ मिलेगा।
रामू कुशवाहा, जिला पंचायत सदस्य
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बीते दिनों से हो रही बारिश से गोविंदसागर बांध का जल स्तर बढ़ गया है। ऐसे में बीते दिन गेट खोलकर पानी की निकासी की गई है। इससे शहजाद नदी में आए पानी से वैकल्पिक भी पूरी तरह से ढह गया है। इससे पुल मार्ग के आधा हिस्सा कट गया है। महज पाइप ही नजर आ रहे हैं। लगभग 20 फीट से अधिक लंबाई में पुल पूरी तरह से गायब हो गया है। रास्ता में महज पानी ही पानी नजर आ रहा है। ऐसे में वाहन तो दूर लोग पैदल तक नहीं चल पा रहे हैं।
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इनसेट
शहर के मोहल्ला खिरकापुरा हाईवे से पंचमुखी हनुमान मंदिर होकर कैलगुंवा मार्ग प्रमुख है। इस मार्ग से शहर के लोग सीधे पनारी, रजबहा, बानपुर कैलगुंवा होकर टीकमगढ़ के लिए आवागमन करते हैं। साथ ही झांसी की ओर से आने व जाने के लिए कम दूरी वाला मार्ग है। लेकिन लगभग आठ वर्ष पहले (वर्ष 2018) गोविंद सागर बांध साइफन से पानी आने के चलते नदी उफान पर आ गई थी। इससे सुरईघाट के पुल का आधा हिस्सा ढह गया था। तब से अब तक इस पुल का निर्माण नहीं किया जा सका है। ऐसे में प्रतिवर्ष बारिश समाप्त होने के बाद पुल के क्षतिग्रस्त हिस्सा में गिट्टी व मिट्टी डालकर वैकल्पिक पुल बना दिया जाता है। इससे लोग आवागमन कर लेते हैं। इससे लोगों को कैलगुंवा चौराहा तक चक्कर लगाकर नहीं जाना पड़ता है।
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शहजाद नदी के सुरईघाट पर पुल सात वर्ष से क्षतिग्रस्त पड़ा हुआ है। वैकल्पिक कच्चा पुल बीते दिन नदी में पानी आने से ढह गया है। अब राहगीरों व श्रद्धालुओं मंदिर आने की समस्या हो गई है।
शिवाजी मालवीय, गोलू महाराज
फोटो- 30
सुरईघाट पुल के निर्माण को जिला पंचायत की बैठक में रखा था। मुख्यमंत्री को भी ज्ञापन देकर मांग की गई थी। पुल का निर्माण होने से दस हजार राहगीरों को प्रतिदिन लाभ मिलेगा।
रामू कुशवाहा, जिला पंचायत सदस्य