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कोतवाली से नझाई तक सड़क पर हुआ बबाल, लगाया जाम
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ललितपुर। थाना पाली में ग्रामीण युवक तेजराम के फांसी लगाने के मामले में कोतवाली से लेकर नझाई गेट तक जमकर बवाल हुआ। सड़क पर जाम के दौरान कहीं पुलिस से परिजनों की झड़प हुई तो कहीं पुलिस को घेराबंदी करनी पड़ी। वहीं, जब भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष को बल प्रयोग करते हुए पुलिस हिरासत में ले लिया गया और पुलिस युवक के अन्य परिजनों को भी हिरासत में ले जाने लगी तो परिजन बौखला गए। हंगामे के दौरान परिजनों ने पुलिस पर उनके साथ मारपीट के आरोप भी लगाए। तेजराम की शुक्रवार को पाली थाने के अंदर समाधान दिवस के दौरान फांसी लगाने से मौत हो गई थी। पुलिस ने परिजनों की मांग के अनुसार वीडियोग्राफी में तीन चिकित्सकों के पैनल से उसका पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाने से मौत होना बताया गया, लेकिन सिर व आंखों के पास दोनों ओर चोटों के निशान पाए गए।
कई बार हुई झड़प, पुलिस से भिड़ते हुए आगे बढ़ते रहे परिजन और ग्रामीण
ललितपुर। हंगामे के दौरान अपर जिलाधिकारी, एसडीएम एवं अपर पुलिस अधीक्षक ने परिजनों को मनाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने और जैसे ही घंटाघर की ओर आगे बढ़ने लगे, तभी कंपनी बाग के सामने सड़क पर पुलिस ने भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष को हल्का बल प्रयोग करते हुए घेर लिया, जिस पर मृतक के परिजन व महिलाएं विक्रम को छुड़ाने के लिए पुलिस से भिड़ गईं, लेकिन पुलिस उसे जीप में बैठाकर अपने साथ ले गई। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन को जा रहे परिजनों को भी घेरकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने और पुलिस से भिड़ते हुए आगे बढ़ते रहे। यहां कई जगह पुलिस से परिजनों की झड़प हुई। इसके बाद परिजन नझाई गेट के सामने सड़क पर पहुंच गए, जहां पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने रोक लिया। जिस पर परिजन व महिलाएं नझाई गेट के सामने ही सड़क पर जाम लगाकर बैठ गए, जबकि कुछ महिलाएं सड़क पर ही लेट गईं। करीब बीस मिनट तक सड़क जाम होने के बाद पुलिस ने जबरन जाम खुलवाया और अन्य परिजनों को घेराबंदी करते हुए वापस कोतवाली ले गए और किसी प्रकार परिजनों को मनाया गया। परिजनों की मांग पर पुलिस ने भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष को भी वापस ले आई और पुलिस की सुरक्षा में परिजनों व शव को उसके गांव ले जाया गया, जहां भारी पुलिस बल के बीच उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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पत्नी बोली-शव घर तक नहीं ले जाने दिया, जबरन करा दिया अंतिम संस्कार
हम लोगों को पुलिस जबरन गाड़ियों में बैठाकर ले आई। हमारी कोई मांगें पूरी नहीं हुईं। जिसके लिए हम वहां गए थे, वह तो नहीं हुआ, लेकिन हमारे साथ आए लोगों संग पुलिस ने मारपीट की है। गांव में शव लाए तो घर नहीं ले जाने दिया, जबरन मरघट ले जाकर अंतिम संस्कार करा दिया। मृतक की मौत कैसे हुई इसका न्याय नहीं मिला।
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सुमितरानी, मृतक की पत्नी।
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कई बार हुई झड़प, पुलिस से भिड़ते हुए आगे बढ़ते रहे परिजन और ग्रामीण
ललितपुर। हंगामे के दौरान अपर जिलाधिकारी, एसडीएम एवं अपर पुलिस अधीक्षक ने परिजनों को मनाने का काफी प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने और जैसे ही घंटाघर की ओर आगे बढ़ने लगे, तभी कंपनी बाग के सामने सड़क पर पुलिस ने भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष को हल्का बल प्रयोग करते हुए घेर लिया, जिस पर मृतक के परिजन व महिलाएं विक्रम को छुड़ाने के लिए पुलिस से भिड़ गईं, लेकिन पुलिस उसे जीप में बैठाकर अपने साथ ले गई। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शन को जा रहे परिजनों को भी घेरकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने और पुलिस से भिड़ते हुए आगे बढ़ते रहे। यहां कई जगह पुलिस से परिजनों की झड़प हुई। इसके बाद परिजन नझाई गेट के सामने सड़क पर पहुंच गए, जहां पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने रोक लिया। जिस पर परिजन व महिलाएं नझाई गेट के सामने ही सड़क पर जाम लगाकर बैठ गए, जबकि कुछ महिलाएं सड़क पर ही लेट गईं। करीब बीस मिनट तक सड़क जाम होने के बाद पुलिस ने जबरन जाम खुलवाया और अन्य परिजनों को घेराबंदी करते हुए वापस कोतवाली ले गए और किसी प्रकार परिजनों को मनाया गया। परिजनों की मांग पर पुलिस ने भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष को भी वापस ले आई और पुलिस की सुरक्षा में परिजनों व शव को उसके गांव ले जाया गया, जहां भारी पुलिस बल के बीच उसका अंतिम संस्कार किया गया।
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पत्नी बोली-शव घर तक नहीं ले जाने दिया, जबरन करा दिया अंतिम संस्कार
हम लोगों को पुलिस जबरन गाड़ियों में बैठाकर ले आई। हमारी कोई मांगें पूरी नहीं हुईं। जिसके लिए हम वहां गए थे, वह तो नहीं हुआ, लेकिन हमारे साथ आए लोगों संग पुलिस ने मारपीट की है। गांव में शव लाए तो घर नहीं ले जाने दिया, जबरन मरघट ले जाकर अंतिम संस्कार करा दिया। मृतक की मौत कैसे हुई इसका न्याय नहीं मिला।
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सुमितरानी, मृतक की पत्नी।
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