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किशोरी से दुष्कर्म में आरोपी को दस वर्ष की सजा

Thu, 28 Oct 2021 01:03 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 28 Oct 2021 01:03 AM IST
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teen raped, 10 year imprisionment
court.jpeg - फोटो : court.jpeg
ललितपुर। थाना बानपुर के अंतर्गत एक गांव में छह वर्ष पहले किशोरी के साथ दुष्कर्म के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो) चंद्रमोहन श्रीवास्तव की अदालत ने एक आरोपी को दोषी पाते हुए दस वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा तीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
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विशेष लोक अभियोजक शासकीय अधिवक्ता रमेश कुमार सिंह ने जानकारी दी है कि छह वर्ष पहले थाना बानपुर के एक गांव निवासी व्यक्ति ने तहरीर देकर बताया था कि 22 अप्रैल 2015 की रात उसकी 17 वर्षीय बेटी घर के बाहर शौच करने गई थी। तभी गब्बर सिंह, बृजेंद्र सिंह, वीरेंद्र सिंह उसकी बेटी को बहला फुसलाकर भगा ले गए थे। बेटी के अपहरण में हाकिम सिंह एवं वीरेंद्र सिंह का भी सहयोग रहा था। इस मामले में बानपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। इसके बाद 30 अप्रैल 2015 को वाणाघाट पुल टीकमगढ़ से पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया था और मेडिकल परीक्षण के बाद गब्बर के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाई गई थीं। जबकि अन्य नामजद आरोपियों की भूूमिका नहीं मिलने पर उनके नाम हटा दिए थे।
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विवेचना में चार अन्य नाम उसी गांव का गनेश ढीमर, लवकुश राजा एवं ग्राम खाखरौन निवासी उत्तम अहिरवार और राकेश अहिरवार के नाम बढ़ाए गए थे। इसमें उत्तम और राकेश के नाम पीड़िता और गवाहों के बयानों के आधार पर प्रकाश में आए थे। इसके बाद पुलिस ने गब्बर, लवकुश और गनेश के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किए थे और तीनों आरोपियों को जेल भेजा गया था। इसमें लवकुश और गनेश के खिलाफ बहला फुसलाकर भगा ले जाने और पॉक्सो एक्ट में आरोप पत्र पेश किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था।
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बुधवार को न्यायालय ने मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी गब्बर को किशोरी से पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी पाते हुए दस वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा तीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अन्य आरोपियों उत्तम, गनेश, लवकुश व राकेश को न्यायालय ने साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। न्यायालय में इस मामले में अर्थदंड की राशि वसूल होने पर अस्सी प्रतिशत राशि पीड़िता को देने के आदेश भी दिए।
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