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दुष्कर्म के आरोपी को दस वर्ष की सजा
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ललितपुर। थाना पूराकलां अंतर्गत एक गांव में किशोरी के साथ दुष्कर्म एवं जान से मारने के लिए धमकाने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) शबिस्तां आकिल की अदालत ने एक अभियुक्त को दोषी पाते हुए दस वर्ष के कारावास एवं छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर चार माह अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव लिटौरिया ने बताया कि पांच वर्ष पहले एक किशोरी ने थाना पूराकलां थाना में तहरीर देकर बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ खेत पर रहती है। अशोक यादव, आजाद यादव के खेत उसके खेत से लगे हैं। अशोक व आजाद ने उसके साथ दुष्कर्म किया और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। लगातार दुष्कर्म से उसे गर्भ ठहर गया। जिस पर उक्त दोनों युवकों ने उसे गर्भपात की दवा खिलाई। एक जुलाई 2016 को उसके पिता ने दोनों आरोपियों के परिजनों को उलाहना दिया तो रामचरन, प्रभु, कल्पना, नरेंद्र, रोशन व राकेश ने उसके घर आकर पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में सभी के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे, लेकिन पुलिस ने विवेचना में पॉक्सो एक्ट की धारा हटा दी थी। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। अब बृहस्पतिवार को न्यायाधीश शबिस्तां आकिल की अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुुए इस मामले में अभियुक्त अशोक को युवती के साथ दुष्कर्म का आरोप सिद्ध पाते हुए दस वर्ष के कारावास एवं चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं जान से मारने की धमकी की धारा में पांच वर्ष और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस प्रकार अशोक को कुल दस वर्ष का कारावास एवं छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि वसूल होने पर आधी राशि पीड़िता को देने के आदेश भी दिए। बाकी सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव लिटौरिया ने बताया कि पांच वर्ष पहले एक किशोरी ने थाना पूराकलां थाना में तहरीर देकर बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ खेत पर रहती है। अशोक यादव, आजाद यादव के खेत उसके खेत से लगे हैं। अशोक व आजाद ने उसके साथ दुष्कर्म किया और पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। लगातार दुष्कर्म से उसे गर्भ ठहर गया। जिस पर उक्त दोनों युवकों ने उसे गर्भपात की दवा खिलाई। एक जुलाई 2016 को उसके पिता ने दोनों आरोपियों के परिजनों को उलाहना दिया तो रामचरन, प्रभु, कल्पना, नरेंद्र, रोशन व राकेश ने उसके घर आकर पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी थी। कोतवाली पुलिस ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में सभी के खिलाफ आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे, लेकिन पुलिस ने विवेचना में पॉक्सो एक्ट की धारा हटा दी थी। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन था। अब बृहस्पतिवार को न्यायाधीश शबिस्तां आकिल की अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुुए इस मामले में अभियुक्त अशोक को युवती के साथ दुष्कर्म का आरोप सिद्ध पाते हुए दस वर्ष के कारावास एवं चार हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं जान से मारने की धमकी की धारा में पांच वर्ष और दो हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस प्रकार अशोक को कुल दस वर्ष का कारावास एवं छह हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड की राशि वसूल होने पर आधी राशि पीड़िता को देने के आदेश भी दिए। बाकी सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।
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