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ट्रेन में टीसी से की मारपीट, मोबाइल तोड़ा, एक यात्री को पकड़ा
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ललितपुर। भोपाल से बरौनी जा रही बरौनी एक्सप्रेस ट्रेन में गलत सीट पर बैठने से मना करने पर दो यात्रियों ने टीसी के साथ मारपीट कर दी और मोबाइल भी तोड़ दिया। टीसी ने कंट्रोल को जानकारी दी और ट्रेन के ललितपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने पर जीआरपी ने एक यात्री को पकड़ लिया। घटना विदिशा स्टेशन के पास होने के चलते टीसी ने विदिशा जीआरपी पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
कोतवाली ललितपुर के नई बस्ती निवासी प्रदीप कुमार श्रीवास ने जीआरपी थाना विदिशा मप्रदेश में तहरीर देकर बताया कि वह उपमुख्य टिकट निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। सात मार्च को उनकी ड्यूटी ट्रेन संख्या 19483 अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस में रानी कमलापति से ललितपुर स्टेशन के बीच थी।
वह ए-1, ए-2, बी-1, बी-2 व बी-3 में टिकट चेकिंग का कार्य कर रहे थे। रानी कमलापति स्टेशन से ट्रेन चलने पर उन्होंने कोच चेक किए। जब वह बी-1 कोच की सीट नंबर 18 पर टिकट पूछा तो उस सीट पर बैठे यात्री ने बताया कि उसकी सीट स्लीपर की है और जिसकी यह सीट है, वह उसकी स्लीपर की सीट पर बैठा है। जिस पर उन्होंने यात्री से अपनी स्लीपर सीट पर जाने और जिसकी सीट है उसे भेजने की बात कही, जिस पर वह यात्री चला गया।
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जब वह बी-2 कोच में चेक कर रहा था, तो वहां कुछ देर में बी-1 कोच के सीट नंबर 18 का यात्री मोनू आया और उससे कहने लगा कि उसकी सीट है और वह किसी को भी बैठाए, उसने उन्हें मना कैसे किया। तब ट्रेन विदिशा स्टेशन के पास थी। वह उससे अभद्रता करने लगा और नियम कानून की बातें करते हुए उसे ट्रेन से फेंकने की धमकी दी। फिर आगे बी-2 कोच में 57-62 सीट वाली केबिन में उसे धक्का देकर गिरा दिया।
उसने आरपीएफ को फोन करने की बात कही, तो वह वहां से भाग गया। टीसी ने कंट्रोल भोपाल और झांसी में इसकी सूचना दी। इसके बाद फिर से यात्री मोनू और विजय आए और उसका मोबाइल छीनकर फर्श पर पटककर तोड़ दिया। रेलवे का चार्ट छीनकर फाड़ दिए और मारपीट करते हुए कॉलर पकड़कर शर्ट के बटन भी तोड़ दिए और कोर्ट फाड़ दिया।
तब कोच अटेंडेंट ने झांसी कंट्रोल को सूचना दी और यात्रियों ने किसी प्रकार उसे बचाया। जब ट्रेन ललितपुर ठहरी तो जीआरपी एक यात्री को लेकर थाने पहुंची, लेकिन मामला विदिशा स्टेशन के पास का होने के चलते उसे जीआरपी विदिशा भेज दिया। जिस पर विदिशा जीआरपी ने डिप्टी सीटीआई की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में पेश करते हुए जेल भेज दिया।
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कोतवाली ललितपुर के नई बस्ती निवासी प्रदीप कुमार श्रीवास ने जीआरपी थाना विदिशा मप्रदेश में तहरीर देकर बताया कि वह उपमुख्य टिकट निरीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। सात मार्च को उनकी ड्यूटी ट्रेन संख्या 19483 अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस में रानी कमलापति से ललितपुर स्टेशन के बीच थी।
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वह ए-1, ए-2, बी-1, बी-2 व बी-3 में टिकट चेकिंग का कार्य कर रहे थे। रानी कमलापति स्टेशन से ट्रेन चलने पर उन्होंने कोच चेक किए। जब वह बी-1 कोच की सीट नंबर 18 पर टिकट पूछा तो उस सीट पर बैठे यात्री ने बताया कि उसकी सीट स्लीपर की है और जिसकी यह सीट है, वह उसकी स्लीपर की सीट पर बैठा है। जिस पर उन्होंने यात्री से अपनी स्लीपर सीट पर जाने और जिसकी सीट है उसे भेजने की बात कही, जिस पर वह यात्री चला गया।
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जब वह बी-2 कोच में चेक कर रहा था, तो वहां कुछ देर में बी-1 कोच के सीट नंबर 18 का यात्री मोनू आया और उससे कहने लगा कि उसकी सीट है और वह किसी को भी बैठाए, उसने उन्हें मना कैसे किया। तब ट्रेन विदिशा स्टेशन के पास थी। वह उससे अभद्रता करने लगा और नियम कानून की बातें करते हुए उसे ट्रेन से फेंकने की धमकी दी। फिर आगे बी-2 कोच में 57-62 सीट वाली केबिन में उसे धक्का देकर गिरा दिया।
उसने आरपीएफ को फोन करने की बात कही, तो वह वहां से भाग गया। टीसी ने कंट्रोल भोपाल और झांसी में इसकी सूचना दी। इसके बाद फिर से यात्री मोनू और विजय आए और उसका मोबाइल छीनकर फर्श पर पटककर तोड़ दिया। रेलवे का चार्ट छीनकर फाड़ दिए और मारपीट करते हुए कॉलर पकड़कर शर्ट के बटन भी तोड़ दिए और कोर्ट फाड़ दिया।
तब कोच अटेंडेंट ने झांसी कंट्रोल को सूचना दी और यात्रियों ने किसी प्रकार उसे बचाया। जब ट्रेन ललितपुर ठहरी तो जीआरपी एक यात्री को लेकर थाने पहुंची, लेकिन मामला विदिशा स्टेशन के पास का होने के चलते उसे जीआरपी विदिशा भेज दिया। जिस पर विदिशा जीआरपी ने डिप्टी सीटीआई की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर न्यायालय में पेश करते हुए जेल भेज दिया।