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सड़क से डामर गायब, कीचड़ में बदली
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नाराहट से अमझरा का कच्चा रास्ता
- फोटो : LALITPUR
डोंगराखुर्द। कस्बा नाराहट से अमझरा घाटी तक सड़क खस्ताहाल होने से क्षेत्रवासियों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क करीब बीस साल पहले जिला पंचायत ने बनवाई थी, लेकिन उसके बाद मरम्मत तक नहीं हुई।
सड़क की लंबाई दो किलोमीटर है। सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। श्रद्धालु शनिवार और मंगलवार को ग्राम अमझरा में हनुमानजी के दर्शन के लिए जाते हैं, लेकिन रास्ता इतना खराब है कि दो किलोमीटर में ही लोगों को लगता है कि दस किलोमीटर का सफर तय कर लिया है। हनुमानजी के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का आना-जाना रहता है, जिससे दो पहिया वाहनों को क्रॉसिंग के समय बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है। अक्सर दुर्घटनाएं हो जाती हैं और लोगों को चोटें आ जाती हैं। अगर ज्यादा बरसात हो जाती है तो मार्ग बंद हो जाता है। नाराहट-अमझरा घाटी तक सड़क का निर्माण जिला पंचायत ने कराया था, लेकिन तब से लेकर आज तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। जब बरसात में रास्ता बंद हो जाता है तो श्रद्धालुओं को पांच किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है। क्षेत्रवासियों द्वारा कई बार सड़क बनवाने की मांग की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अमझरा घाटी प्राचीन हनुमानजी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर वसंत पंचमी पर मेला लगता है। दूरदराज से हजारों की संख्या में लोग मेला देखने आते हैं, लेकिन सड़क खराब होने के कारण उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है।
अमझरा से नाराहट तक सड़क बन जाने से श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा हो जाएगी। इसी सड़क पर इंटर कॉलेज है, जिससे बच्चों को आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
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- उमाकांत मिश्र, प्रबंधक स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज
अमझरा-नाराहट सड़क पर बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन रहता है, लेकिन रास्ता नहीं होने से लोगों को निकलना मुश्किल भरा रहता है। कई वर्षों से सड़क बनवाने की मांग करते चले आ रहे।
- भूप्रताप सिंह, प्रधान प्रतिनिधि गुढा मड़ावरा
यह सड़क बनने से यहां का विकास तेज गति से होगा। दर्शनार्थियों के लिए आने-जाने की सुविधा मिल जाएगी, जिससे लोगों का समय बचेगा और चक्कर लगाकर नहीं जाना पड़ेगा।
- नीतेश राठौर, व्यापार मंडल अध्यक्ष नाराहट
सड़क का टेंडर निकाला गया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क का निर्माण कराया जाएगा। सड़क के निर्माण पर पौने आठ लाख रुपये खर्च होंगे।
- रमेश चंद्र, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
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सड़क की लंबाई दो किलोमीटर है। सड़क पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। श्रद्धालु शनिवार और मंगलवार को ग्राम अमझरा में हनुमानजी के दर्शन के लिए जाते हैं, लेकिन रास्ता इतना खराब है कि दो किलोमीटर में ही लोगों को लगता है कि दस किलोमीटर का सफर तय कर लिया है। हनुमानजी के दर्शन के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं का आना-जाना रहता है, जिससे दो पहिया वाहनों को क्रॉसिंग के समय बड़ी परेशानी उठानी पड़ती है। अक्सर दुर्घटनाएं हो जाती हैं और लोगों को चोटें आ जाती हैं। अगर ज्यादा बरसात हो जाती है तो मार्ग बंद हो जाता है। नाराहट-अमझरा घाटी तक सड़क का निर्माण जिला पंचायत ने कराया था, लेकिन तब से लेकर आज तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। जब बरसात में रास्ता बंद हो जाता है तो श्रद्धालुओं को पांच किलोमीटर घूमकर जाना पड़ता है। क्षेत्रवासियों द्वारा कई बार सड़क बनवाने की मांग की, लेकिन कुछ नहीं हुआ। अमझरा घाटी प्राचीन हनुमानजी मंदिर के लिए प्रसिद्ध है। यहां पर वसंत पंचमी पर मेला लगता है। दूरदराज से हजारों की संख्या में लोग मेला देखने आते हैं, लेकिन सड़क खराब होने के कारण उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ता है।
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अमझरा से नाराहट तक सड़क बन जाने से श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा हो जाएगी। इसी सड़क पर इंटर कॉलेज है, जिससे बच्चों को आने-जाने में कोई दिक्कत नहीं होगी।
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- उमाकांत मिश्र, प्रबंधक स्वामी विवेकानंद इंटर कॉलेज
अमझरा-नाराहट सड़क पर बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन रहता है, लेकिन रास्ता नहीं होने से लोगों को निकलना मुश्किल भरा रहता है। कई वर्षों से सड़क बनवाने की मांग करते चले आ रहे।
- भूप्रताप सिंह, प्रधान प्रतिनिधि गुढा मड़ावरा
यह सड़क बनने से यहां का विकास तेज गति से होगा। दर्शनार्थियों के लिए आने-जाने की सुविधा मिल जाएगी, जिससे लोगों का समय बचेगा और चक्कर लगाकर नहीं जाना पड़ेगा।
- नीतेश राठौर, व्यापार मंडल अध्यक्ष नाराहट
सड़क का टेंडर निकाला गया है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सड़क का निर्माण कराया जाएगा। सड़क के निर्माण पर पौने आठ लाख रुपये खर्च होंगे।
- रमेश चंद्र, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत