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Lalitpur News: वर्षों से नहीं हुई टंकियों की सफाई...फिर भी हो रही पानी की सप्लाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। घर-घर पानी पहुंचा रहीं टंकियों की सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है। इन टंकियों पर सफाई होने की तिथि अंकित नहीं है। छह में मात्र एक टंकी पर ही सफाई की तिथि दर्ज है, जिस पर 13 मई 2012 लिखा है। इससे टंकियों की सफाई का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।
जल संस्थान के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट ही नहीं टंकियों की सफाई भी ध्वस्त पड़ी है। आजादपुरा (लेड़ियापुरा) में दो टंकियां हैं, इनमें एक टंकी से नेहरूनगर क्षेत्र को पानी दिया जाता है। इस टंकी की सफाई की जानकारी विभाग तक के पास नहीं है। टंकी के पास अंकित तिथि में वर्ष 2012 में सफाई होना बताया जा रहा है। इसी प्रकार डोंडाघाट स्थित रावतयाना की टंकी भले ही ठीक हो, लेकिन इस पर सफाई की तिथि नहीं लिखी है। केवल बोर्ड लगाकर इतिश्री कर ली है। सिविल लाइन और चौबयाना समेत कई क्षेत्रों में पेयजल सप्लाई देने वाली टंकियों पर भी सफाई का कोई विवरण नहीं लिखा है। टंकी के चारों ओर कचरा पड़ा है।
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टंकी की खुली पड़ी छत: आजादपुरा (लेड़ियापुरा) में दूसरी टंकी से नई बस्ती व गांधीनगर को पानी दिया जाता है। यह टंकी पूरी तरह से खस्ताहाल है। ऊपर से कुछ हिस्से में टंकी खुल गई है। पहले इस खुले हिस्से से कचरा अंदर चला जाता था। बीते वर्ष विभाग ने पॉलिथीन से ढक दिया था। इस टंकी पर सफाई की कोई तिथि अंकित नहीं है।
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टंकी की सफाई समय-समय पर कराई जाती है। सफाई की तिथि अंकित नहीं है, जल्द ही लिखवा दिया जाएगा।
- शिवराज सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान
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ललितपुर। घर-घर पानी पहुंचा रहीं टंकियों की सफाई व्यवस्था भी ठीक नहीं है। इन टंकियों पर सफाई होने की तिथि अंकित नहीं है। छह में मात्र एक टंकी पर ही सफाई की तिथि दर्ज है, जिस पर 13 मई 2012 लिखा है। इससे टंकियों की सफाई का अंदाजा सहज लगाया जा सकता है।
जल संस्थान के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट ही नहीं टंकियों की सफाई भी ध्वस्त पड़ी है। आजादपुरा (लेड़ियापुरा) में दो टंकियां हैं, इनमें एक टंकी से नेहरूनगर क्षेत्र को पानी दिया जाता है। इस टंकी की सफाई की जानकारी विभाग तक के पास नहीं है। टंकी के पास अंकित तिथि में वर्ष 2012 में सफाई होना बताया जा रहा है। इसी प्रकार डोंडाघाट स्थित रावतयाना की टंकी भले ही ठीक हो, लेकिन इस पर सफाई की तिथि नहीं लिखी है। केवल बोर्ड लगाकर इतिश्री कर ली है। सिविल लाइन और चौबयाना समेत कई क्षेत्रों में पेयजल सप्लाई देने वाली टंकियों पर भी सफाई का कोई विवरण नहीं लिखा है। टंकी के चारों ओर कचरा पड़ा है।
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टंकी की खुली पड़ी छत: आजादपुरा (लेड़ियापुरा) में दूसरी टंकी से नई बस्ती व गांधीनगर को पानी दिया जाता है। यह टंकी पूरी तरह से खस्ताहाल है। ऊपर से कुछ हिस्से में टंकी खुल गई है। पहले इस खुले हिस्से से कचरा अंदर चला जाता था। बीते वर्ष विभाग ने पॉलिथीन से ढक दिया था। इस टंकी पर सफाई की कोई तिथि अंकित नहीं है।
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टंकी की सफाई समय-समय पर कराई जाती है। सफाई की तिथि अंकित नहीं है, जल्द ही लिखवा दिया जाएगा।
- शिवराज सिंह, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान