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झूले व रिसक पट्टी हुई जर्जर, चोट लगने का रहता डर
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तुवन मंदिर के पास स्थित बाल क्रीड़ा पार्क में बना चाइना हट
- फोटो : LALITPUR
ललितपुर। तुवन मंदिर के पास बना बच्चों का इकलौता पार्क नौनिहालों के खेलने-कूूदने लायक नहीं बचा है। यहां के अधिकतर झूले, रिसक पट्टी मरम्मत मांग रहे हैं। इससे बच्चों के चोटिल होने का खतरा बना रहता है। इसके बाद भी उनकी अनदेेखी की जा रही है। इससे पार्क में आ रहे बच्चों को मायूसी हाथ लग रही है।
वर्षों पहले बाल क्रीड़ा आजाद पार्क का निर्माण कराया गया था। दो बार इसका जीर्णोंद्धार/सौंदर्यीकरण कराया जा चुका है। इस दौरान पार्क को सजाने, संवारने के साथ बच्चों के झूले, रिसक पट्टी स्थापित किए गए, साथ ही चाइना हट भी बनाई गई। मौजूदा समय में पार्क हरा-भरा नजर आता है, लेकिन उसमें लगे झूले व रिसक पट्टी अब बच्चों के लायक नहीं रहे। कुछ ऐसी रिसक पट्टी हो गई हैं कि बच्चों के कपड़े फट जाते हैं। इसी तरह अन्य झूलों का हाल है। नगर पालिका के अफसर से लेकर जनप्रतिनिधि इस स्थिति से परिचित हैं, लेकिन पार्क की कमियों को दूर करने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पार्क में पहुंचते हैं तो वह कुछ पलों के घास या चाइना हट में बैठकर वापस घर चले जाते हैं।
दो बार हो चुका लोकार्पण
वर्ष 2014 में तत्कालीन अध्यक्ष नगर पालिका सुभाष जायसवाल ने बाल क्रीड़ा स्थल का लोकार्पण किया था। वर्ष 2019 में बाल क्रीड़ा स्थल में सौंदर्यीकरण का कार्य पालिका अध्यक्ष रजनी साहू ने कराया था।
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शहर में बच्चों को खेलने कूदने के लिए अन्य कोई पार्क नहीं है। वर्षों पहले जो झूले व रिसक पट्टी स्थापित की गई, उनके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा यह हुआ कि झूले व रिसक पट्टी एक साल ही चल पाए।
- जगदीश कुशवाहा
पार्क को हरा-भरा बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी गई लेकिन खेलने कूदने के उपकरणों की कमी नजर आती है। अधिकतर झूले व रिसक पट्टी खराब हो गए हैं, इनकी मरम्मत की जरूरत है।
- अमित कटारे
पार्क के खराब झूूलों की मरम्मत शीघ्र ही कराई जाएगी। बच्चों के पार्क को खेलने कूदने के लायक बनाया जाएगा।
निहालचंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद
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वर्षों पहले बाल क्रीड़ा आजाद पार्क का निर्माण कराया गया था। दो बार इसका जीर्णोंद्धार/सौंदर्यीकरण कराया जा चुका है। इस दौरान पार्क को सजाने, संवारने के साथ बच्चों के झूले, रिसक पट्टी स्थापित किए गए, साथ ही चाइना हट भी बनाई गई। मौजूदा समय में पार्क हरा-भरा नजर आता है, लेकिन उसमें लगे झूले व रिसक पट्टी अब बच्चों के लायक नहीं रहे। कुछ ऐसी रिसक पट्टी हो गई हैं कि बच्चों के कपड़े फट जाते हैं। इसी तरह अन्य झूलों का हाल है। नगर पालिका के अफसर से लेकर जनप्रतिनिधि इस स्थिति से परिचित हैं, लेकिन पार्क की कमियों को दूर करने के प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। अभिभावक अपने बच्चों को लेकर पार्क में पहुंचते हैं तो वह कुछ पलों के घास या चाइना हट में बैठकर वापस घर चले जाते हैं।
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दो बार हो चुका लोकार्पण
वर्ष 2014 में तत्कालीन अध्यक्ष नगर पालिका सुभाष जायसवाल ने बाल क्रीड़ा स्थल का लोकार्पण किया था। वर्ष 2019 में बाल क्रीड़ा स्थल में सौंदर्यीकरण का कार्य पालिका अध्यक्ष रजनी साहू ने कराया था।
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शहर में बच्चों को खेलने कूदने के लिए अन्य कोई पार्क नहीं है। वर्षों पहले जो झूले व रिसक पट्टी स्थापित की गई, उनके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा यह हुआ कि झूले व रिसक पट्टी एक साल ही चल पाए।
- जगदीश कुशवाहा
पार्क को हरा-भरा बनाने में कोई कमी नहीं छोड़ी गई लेकिन खेलने कूदने के उपकरणों की कमी नजर आती है। अधिकतर झूले व रिसक पट्टी खराब हो गए हैं, इनकी मरम्मत की जरूरत है।
- अमित कटारे
पार्क के खराब झूूलों की मरम्मत शीघ्र ही कराई जाएगी। बच्चों के पार्क को खेलने कूदने के लायक बनाया जाएगा।
निहालचंद्र, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद