{"_id":"5ea0a2458ebc3e907c684988","slug":"suicide-farmers-lalitpur-news-jhs1651386128","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान ने महुआ के पेड़ पर फांसी लगाकर जान दी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान ने महुआ के पेड़ पर फांसी लगाकर जान दी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डोंगराखुर्द। नाराहट थाना अंतर्गत ग्राम नीमखेरा में बुधवार को सुबह एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजन किसान के फांसी लगाने का कारण बैंक व साहूकारों के कर्ज से परेशान होना बता रहे हैं।
ग्राम नीमखेरा निवासी भागीरथ (28) पुत्र नन्नू अहिरवार घर से सुबह करीब चार बजे रोज की तरह महुआ बीनने की कहकर निकला था, लेकिन महुआ न बीनकर उसने अपने ही खेत में लगे महुआ के पेड़ पर रस्सी से फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक की पत्नी सुदामा ने बताया कि जब उसके पति दोपहर तक घर नहीं पहुंचे तो खाना लेकर वह खेत पर पहुंची। वहां महुआ के पेड़ पर उसका पति लटक रहा था। जोर जोर से चिल्लाने पर आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए और नाराहट पुलिस को सूचना दी। सूचना पर थाना प्रभारी आनंद पांडेय अन्य पुलिस कर्मचारियों के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और परिजनों से जानकारी कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक किसान की पत्नी सुदामा ने कहा कि उसके पति पर बैंक व साहूकारों का कर्ज था। इस साल उपज अपेक्षा के अनुसार नहीं हुई, जिससे वह परेशान रहता था। वह कर्ज चुकाने की चिंता में रहता था। मृतक के तीन छोटे बच्चे हैं। एक बच्चा अभी कुछ महीने पहले ही हुआ है। परिवार का पूरा भार मृतक के ऊपर रहता था। खेती एवं गांव में दूसरों की मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था।
विज्ञापन
किसान ने महुआ के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- आनंद पांडेय, थाना प्रभारी नाराहट।
मृतक ने 2018 में एक लाख बासठ हजार रुपये का कर्ज लिया था। हमने जानकारी की है। मृतक ने दो दिन पहले गल्ला बेचा था और जुआ खेला था। इससे घर में विवाद हुआ था।
- अभिषेक कुमार, तहसीलदार पाली
विज्ञापन
ग्राम नीमखेरा निवासी भागीरथ (28) पुत्र नन्नू अहिरवार घर से सुबह करीब चार बजे रोज की तरह महुआ बीनने की कहकर निकला था, लेकिन महुआ न बीनकर उसने अपने ही खेत में लगे महुआ के पेड़ पर रस्सी से फांसी लगाकर जान दे दी। मृतक की पत्नी सुदामा ने बताया कि जब उसके पति दोपहर तक घर नहीं पहुंचे तो खाना लेकर वह खेत पर पहुंची। वहां महुआ के पेड़ पर उसका पति लटक रहा था। जोर जोर से चिल्लाने पर आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्रित हो गए और नाराहट पुलिस को सूचना दी। सूचना पर थाना प्रभारी आनंद पांडेय अन्य पुलिस कर्मचारियों के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और परिजनों से जानकारी कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
मृतक किसान की पत्नी सुदामा ने कहा कि उसके पति पर बैंक व साहूकारों का कर्ज था। इस साल उपज अपेक्षा के अनुसार नहीं हुई, जिससे वह परेशान रहता था। वह कर्ज चुकाने की चिंता में रहता था। मृतक के तीन छोटे बच्चे हैं। एक बच्चा अभी कुछ महीने पहले ही हुआ है। परिवार का पूरा भार मृतक के ऊपर रहता था। खेती एवं गांव में दूसरों की मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करता था।
विज्ञापन
किसान ने महुआ के पेड़ पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
- आनंद पांडेय, थाना प्रभारी नाराहट।
मृतक ने 2018 में एक लाख बासठ हजार रुपये का कर्ज लिया था। हमने जानकारी की है। मृतक ने दो दिन पहले गल्ला बेचा था और जुआ खेला था। इससे घर में विवाद हुआ था।
- अभिषेक कुमार, तहसीलदार पाली