{"_id":"5c61d526bdec224be317ee8d","slug":"stoped-watter-supply-for-one-month","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक माह से पेयजल आपूर्ति पड़ी है ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक माह से पेयजल आपूर्ति पड़ी है ठप
Tue, 12 Feb 2019 01:33 AM IST
देवेंद्र कुमार
lalitpur
lalitpur
Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Tue, 12 Feb 2019 01:33 AM IST
विज्ञापन
water problems
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विकास खण्ड महरौनी अंतर्गत ग्राम पडवां में गर्मी शुरू होने से पहले पेयजल का संकट गहराने लगा है। ग्राम में संचालित पाइप लाइन पेयजल योजना से गांव में आपूर्ति की व्यवस्था पिछले एक माह से ध्वस्त पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि जल संस्थान द्वारा इसको ठीक कराने के लिए कोई प्रयास नही किए जा रहे हैं।
जल संस्थान विभाग ने ग्राम पडवां व धवारी में संयुक्त रूप से जलापूर्ति हेतु सरकारी ट्यूवबेल बोर कराया था जो लगभग चार साल से जल स्तर सूख जाने के कारण खराब पड़ा है। इसकी वैकल्पिक काम चलाऊ व्यवस्था हेतु विभाग ने ग्राम के ही एक निजी ट्यूबबेल से आपूर्ति शुरू करके ग्राम में आपूर्ति शुरू कराई थी ।जो कभी कभार ही होती रही किन्तु अब एक माह से वह पूरी तरह से बंद पड़ी है क्योंकि विभागीय कर्मचारियो की शर्तों के मुताबिक निजी ट्यूब बेल मालिक को विभाग ने भुगतान नही किया है।
ग्रामीण इस समस्या के स्थाई समाधान हेतु विभाग व प्रशासन से कई बार मांग कर चुके हैं कि जल संस्थान के सूख चुके बोर का ग्राम में सम्भावित जल उपलब्धता वाली जगह पर रिबोर मंजूर करते हुए डीप बोर कराया जाए किन्तु विभाग द्वारा बजट नही होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र ही ग्राम की पाइप पेयजल योजना को दुरुस्त कराया जाए।
विज्ञापन
इस समय ग्राम में परिषदीय विद्यालय परिसरों में लगे तीन हैंडपंप, बसुरयाई, चमरौला, देवी जी मंदिर , अखतयाऊ बारिया आदि कई स्थानों पर लगे दर्जन भर से अधिक हैंडपम्प सूख चुके हैं, ग्रामीण रतजगा करके दूर दूर से पानी ढोने को विवस हैं।
ग्राम में वास्तव में पेयजल की समस्या गहराने लगी है, अधिकतर हेंडपम्पो ने पानी देना बंद कर दिया, जल संस्थान द्वारा जलापूर्ति हेतु कोई ठोस प्रयास नही किये जा रहे, एक माह से बंद पड़ी जलापूर्ति पर विभाग का कोई ध्यान नही है। पिछले 4 साल से कामचलाऊ व्यवस्था चल रही है। पीने व पशुओं को पिलाने हेतु दूर से पानी ढोना पड़ रहा है।
राजेश रिछारिया, ग्रामीण
गांव के मुख्य बस स्टैंड पर पानी की बहुत ज्यादा समस्या बढ़ गयी है, स्कूल के सामने लगे हैंडपम्प में पानी कम हो गया है, मुझे प्रतिदिन पानी भरने के लिए सुबह तीन बजे जागना पड़ता है ताकि सबसे पानी भर सकू क्योंकि फिर हैंडपम्प में पानी निकलना बंद हो जाता है। स्कूलो में पेयजल की भारी समस्या बढ़ गयी है।
जयराम सेन, ग्रामीण
जल संस्थान के कर्मचारियों द्वारा तय शर्तो के आधार पर मैंने अपने ट्यूबबेल से पिछले माह तक सप्लाई जारी रखी किन्तु अचानक मोटर जल गई जिसे ठीक कराने न तो विभाग के कर्मचारी आये न ही मेरा करीब 50 हजार भुगतान किया जिससे फिर मैंने ही अपनी मोटर ठीक कराई किन्तु भुगतान नही होने के कारण टँकी की आपूर्ति बंद कर दी।
नथुआ, निजी बोर मालिक, पडवां
ग्राम में पेयजल की किल्लत हर वर्ष गर्मियों से पहले ही शुरू होने लगती है, करीब दर्जन भर से अधिक हैंडपम्प सूख गए, चार दिन पूर्व गांव के विद्यालयों व मुहल्लों में 3 बोर कराये जिनमे पानी नही निकला, जल संस्थान से बार बार अनुरोध किया जा रहा परंतु विभाग समस्या का स्थायी समाधान नही कर पा रहा है, विभाग को जल्दी ही सरकारी डीप बोर कराकर पाइप पेयजलापूर्ति सुनिश्चित करना चाहिए अन्यथा गर्मियों में स्थिति बहुत बद्दतर हो जाएगी।
मंजुलता सिंह, ग्राम प्रधान पडवां
विज्ञापन
जल संस्थान विभाग ने ग्राम पडवां व धवारी में संयुक्त रूप से जलापूर्ति हेतु सरकारी ट्यूवबेल बोर कराया था जो लगभग चार साल से जल स्तर सूख जाने के कारण खराब पड़ा है। इसकी वैकल्पिक काम चलाऊ व्यवस्था हेतु विभाग ने ग्राम के ही एक निजी ट्यूबबेल से आपूर्ति शुरू करके ग्राम में आपूर्ति शुरू कराई थी ।जो कभी कभार ही होती रही किन्तु अब एक माह से वह पूरी तरह से बंद पड़ी है क्योंकि विभागीय कर्मचारियो की शर्तों के मुताबिक निजी ट्यूब बेल मालिक को विभाग ने भुगतान नही किया है।
विज्ञापन
ग्रामीण इस समस्या के स्थाई समाधान हेतु विभाग व प्रशासन से कई बार मांग कर चुके हैं कि जल संस्थान के सूख चुके बोर का ग्राम में सम्भावित जल उपलब्धता वाली जगह पर रिबोर मंजूर करते हुए डीप बोर कराया जाए किन्तु विभाग द्वारा बजट नही होने का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शीघ्र ही ग्राम की पाइप पेयजल योजना को दुरुस्त कराया जाए।
विज्ञापन
इस समय ग्राम में परिषदीय विद्यालय परिसरों में लगे तीन हैंडपंप, बसुरयाई, चमरौला, देवी जी मंदिर , अखतयाऊ बारिया आदि कई स्थानों पर लगे दर्जन भर से अधिक हैंडपम्प सूख चुके हैं, ग्रामीण रतजगा करके दूर दूर से पानी ढोने को विवस हैं।
ग्राम में वास्तव में पेयजल की समस्या गहराने लगी है, अधिकतर हेंडपम्पो ने पानी देना बंद कर दिया, जल संस्थान द्वारा जलापूर्ति हेतु कोई ठोस प्रयास नही किये जा रहे, एक माह से बंद पड़ी जलापूर्ति पर विभाग का कोई ध्यान नही है। पिछले 4 साल से कामचलाऊ व्यवस्था चल रही है। पीने व पशुओं को पिलाने हेतु दूर से पानी ढोना पड़ रहा है।
राजेश रिछारिया, ग्रामीण
गांव के मुख्य बस स्टैंड पर पानी की बहुत ज्यादा समस्या बढ़ गयी है, स्कूल के सामने लगे हैंडपम्प में पानी कम हो गया है, मुझे प्रतिदिन पानी भरने के लिए सुबह तीन बजे जागना पड़ता है ताकि सबसे पानी भर सकू क्योंकि फिर हैंडपम्प में पानी निकलना बंद हो जाता है। स्कूलो में पेयजल की भारी समस्या बढ़ गयी है।
जयराम सेन, ग्रामीण
जल संस्थान के कर्मचारियों द्वारा तय शर्तो के आधार पर मैंने अपने ट्यूबबेल से पिछले माह तक सप्लाई जारी रखी किन्तु अचानक मोटर जल गई जिसे ठीक कराने न तो विभाग के कर्मचारी आये न ही मेरा करीब 50 हजार भुगतान किया जिससे फिर मैंने ही अपनी मोटर ठीक कराई किन्तु भुगतान नही होने के कारण टँकी की आपूर्ति बंद कर दी।
नथुआ, निजी बोर मालिक, पडवां
ग्राम में पेयजल की किल्लत हर वर्ष गर्मियों से पहले ही शुरू होने लगती है, करीब दर्जन भर से अधिक हैंडपम्प सूख गए, चार दिन पूर्व गांव के विद्यालयों व मुहल्लों में 3 बोर कराये जिनमे पानी नही निकला, जल संस्थान से बार बार अनुरोध किया जा रहा परंतु विभाग समस्या का स्थायी समाधान नही कर पा रहा है, विभाग को जल्दी ही सरकारी डीप बोर कराकर पाइप पेयजलापूर्ति सुनिश्चित करना चाहिए अन्यथा गर्मियों में स्थिति बहुत बद्दतर हो जाएगी।
मंजुलता सिंह, ग्राम प्रधान पडवां