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प्रदेश में बढ़ती अपराध की घटनाओं को रोका जाए
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प्रदेश में बढ़ती अपराध की घटनाओं को रोका जाए
ललितपुर। सोमवार को केंद्र व प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण समाप्त किए जाने के विरोध को लेकर जन अधिकार पार्टी ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। जिसमें प्रदेश में बढ़ते अपराध की रोकथाम करने की मांग की।
उन्होंने ज्ञापन में बताया कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। यहां पर आए दिन अपराध व छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही है। प्रदेश सरकार अपराध नियंत्रण में फेल हो गई है। डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों से किसानों को खेती करना मुश्किल हो गया है। खाद की किल्लत बनी हुई है। इससे किसान रबी की फसल की बुवाई भी समय पर नहीं कर पा रहा है। बताया कि शिक्षक भर्ती में अनियमितताएं की गईं हैं, जिसकी जांच की जाए। पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को तत्काल उनके कोटे अनुसार नियुक्ति की जाए। नई कृषि नीति किसान विरोधी है। कालाबाजारी को बढ़ावा देने वाली है। कांटेक्ट खेती किसान और आम आदमी को नुकसान पहुंचाने वाली है। ऐसी कृषि नीति व कानूनों को वापस लिया जाए। छोटे व मझले किसानों, दुकानदारों, व्यापारियों का कर्ज व बिजली का बिल माफ किया जाए। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष शोभाराम सेन, पंकज रजक, देवराज सेन, पूरन सिंह, गुनसागर आदि के हस्ताक्षर हैं।
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ललितपुर। सोमवार को केंद्र व प्रदेश सरकार की जन विरोधी नीतियों व पिछड़ा वर्ग के आरक्षण समाप्त किए जाने के विरोध को लेकर जन अधिकार पार्टी ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। जिसमें प्रदेश में बढ़ते अपराध की रोकथाम करने की मांग की।
उन्होंने ज्ञापन में बताया कि उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। यहां पर आए दिन अपराध व छेड़छाड़ की घटनाएं बढ़ रही है। प्रदेश सरकार अपराध नियंत्रण में फेल हो गई है। डीजल-पेट्रोल के बढ़ते दामों से किसानों को खेती करना मुश्किल हो गया है। खाद की किल्लत बनी हुई है। इससे किसान रबी की फसल की बुवाई भी समय पर नहीं कर पा रहा है। बताया कि शिक्षक भर्ती में अनियमितताएं की गईं हैं, जिसकी जांच की जाए। पिछड़े वर्ग के अभ्यर्थियों को तत्काल उनके कोटे अनुसार नियुक्ति की जाए। नई कृषि नीति किसान विरोधी है। कालाबाजारी को बढ़ावा देने वाली है। कांटेक्ट खेती किसान और आम आदमी को नुकसान पहुंचाने वाली है। ऐसी कृषि नीति व कानूनों को वापस लिया जाए। छोटे व मझले किसानों, दुकानदारों, व्यापारियों का कर्ज व बिजली का बिल माफ किया जाए। ज्ञापन पर जिलाध्यक्ष शोभाराम सेन, पंकज रजक, देवराज सेन, पूरन सिंह, गुनसागर आदि के हस्ताक्षर हैं।
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