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प्रदेश स्तरीय टीम ने जांचे कायाकल्प अवार्ड के मानक
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ललितपुर। जिला अस्पताल में कायाकल्प योजना के तहत शासन की तीन सदस्यीय टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। इसमें योजना के छह मानकों की जांच की गई।
सरकारी अस्पतालों को बेहतर बनाने के लिए शासन ने वर्ष 2015 में कायाकल्प योजना की शुरूआत की, जिसमें व्यवस्थाओं, सुविधाओं और सफाई को मानक बनाकर प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार देने की व्यवस्था की गई है। इसमें प्रथम स्थान पाने वाले अस्पताल को 50 लाख रुपये, द्वितीय स्थान पाने वाले को 30 लाख और तृतीय स्थान पाने वाले को 20 लाख रुपये का नकद इनाम दिए जाने का प्रावधान है।
कायाकल्प योजना के तहत जिला अस्पताल का मूल्यांकन करने के लिए प्रदेश स्तरीय टीम में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित मोहन, डॉ. डी. देवनाथ अयोध्या व मंडलीय सलाहकार क्वालिटी मैनेजर कानपुर डॉ. सुरेंद्र सिंह ने अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम ने सर्वप्रथम अस्पताल के गार्डन को देखा, इसके बाद अस्पताल के दोनों दरवाजों को देख ट्रामा सेंटर पहुंचकर मानकों की जांच की। तत्पश्चात दवा वितरण कक्ष, इमरजेंसी, एनसीडी सेल, व वार्डों का निरीक्षण किया।
इसके बाद पैथोलॉजी विभाग का निरीक्षण किया। अस्पताल के प्रथम तल पर बने ऑपरेशन कक्ष, चिकित्सकों की ओपीडी की व्यवस्थाओं की जांच की। इसके बाद अस्पताल की तृतीय तल की छत पर रखी पानी की टंकियों की जांच की। इस दौरान अस्पताल के सीएमएस डॉ. एस के बासवानी व वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अमित चतुर्वेदी ने टीम को अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी।
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सीएमएस ने बताया कि प्रदेश स्तरीय टीम अस्पताल का मूल्यांकन कर अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को सौंपेगी। इसके बाद नंबरों के आधार पर पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा।
तीन चरण में होता है सर्वे
योजना के तहत छह माप दंडों को ध्यान में रखकर अंक निर्धारित किए जाएंगे। पुरस्कार पाने के लिए संबंधित अस्पतालों को 70 से अधिक अंक लाना अनिवार्य होता है। कायाकल्प के लिए छह मानक निर्धारित किए गए हैं। इसमें अस्पताल का रख-रखाव, साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं और पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की जांच की जाती है। प्रथम चरण में स्थानीय टीम अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी लेकर अंक देगी। दूसरे चरण में जिला स्तरीय टीम और तीसरे चरण में राज्य स्तरीय टीम सर्वे कर अंक प्रदान करती है।
जिला अस्पताल को कायाकल्प अवार्ड से पुरस्कृत होने की तैयारी की गई थी। अब रिर्पोट के आधार पर अंक मिलेंगे। इसके बाद कायाकल्प अवार्ड के लिए सम्मानित किया जाएगा।
- डॉ. एस के बासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल
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सरकारी अस्पतालों को बेहतर बनाने के लिए शासन ने वर्ष 2015 में कायाकल्प योजना की शुरूआत की, जिसमें व्यवस्थाओं, सुविधाओं और सफाई को मानक बनाकर प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार देने की व्यवस्था की गई है। इसमें प्रथम स्थान पाने वाले अस्पताल को 50 लाख रुपये, द्वितीय स्थान पाने वाले को 30 लाख और तृतीय स्थान पाने वाले को 20 लाख रुपये का नकद इनाम दिए जाने का प्रावधान है।
कायाकल्प योजना के तहत जिला अस्पताल का मूल्यांकन करने के लिए प्रदेश स्तरीय टीम में महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज झांसी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमित मोहन, डॉ. डी. देवनाथ अयोध्या व मंडलीय सलाहकार क्वालिटी मैनेजर कानपुर डॉ. सुरेंद्र सिंह ने अस्पताल का निरीक्षण किया। टीम ने सर्वप्रथम अस्पताल के गार्डन को देखा, इसके बाद अस्पताल के दोनों दरवाजों को देख ट्रामा सेंटर पहुंचकर मानकों की जांच की। तत्पश्चात दवा वितरण कक्ष, इमरजेंसी, एनसीडी सेल, व वार्डों का निरीक्षण किया।
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इसके बाद पैथोलॉजी विभाग का निरीक्षण किया। अस्पताल के प्रथम तल पर बने ऑपरेशन कक्ष, चिकित्सकों की ओपीडी की व्यवस्थाओं की जांच की। इसके बाद अस्पताल की तृतीय तल की छत पर रखी पानी की टंकियों की जांच की। इस दौरान अस्पताल के सीएमएस डॉ. एस के बासवानी व वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. अमित चतुर्वेदी ने टीम को अस्पताल की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी दी।
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सीएमएस ने बताया कि प्रदेश स्तरीय टीम अस्पताल का मूल्यांकन कर अपनी रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को सौंपेगी। इसके बाद नंबरों के आधार पर पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा।
तीन चरण में होता है सर्वे
योजना के तहत छह माप दंडों को ध्यान में रखकर अंक निर्धारित किए जाएंगे। पुरस्कार पाने के लिए संबंधित अस्पतालों को 70 से अधिक अंक लाना अनिवार्य होता है। कायाकल्प के लिए छह मानक निर्धारित किए गए हैं। इसमें अस्पताल का रख-रखाव, साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण, मरीजों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं और पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की जांच की जाती है। प्रथम चरण में स्थानीय टीम अस्पताल में मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी लेकर अंक देगी। दूसरे चरण में जिला स्तरीय टीम और तीसरे चरण में राज्य स्तरीय टीम सर्वे कर अंक प्रदान करती है।
जिला अस्पताल को कायाकल्प अवार्ड से पुरस्कृत होने की तैयारी की गई थी। अब रिर्पोट के आधार पर अंक मिलेंगे। इसके बाद कायाकल्प अवार्ड के लिए सम्मानित किया जाएगा।
- डॉ. एस के बासवानी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल