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मूलभूत सुविधाओं से लैस होंगे राजकीय कालेज
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 05 Oct 2016 01:27 AM IST
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education lalitpur news
- फोटो : demo
ललितपुर। राजकीय हाईस्कूल, इंटर कालेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मूलभूत सुविधाओं की कमी से नहीं जूझना पड़ेगा। शासन ने वार्षिक अनुदान मद में आठ लाख 85 हजार आठ सौ छप्पन रुपये की धनराशि आवंटित की है। इससे विद्यालयों में पुस्तकें खरीदने, फर्नीचर की मरम्मत कराने का रास्ता साफ हो गया है।
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा को आसान बनाने के मकसद से विद्यालयों को उच्चीकृत किया जाता है। इसके तहत जिले में 31 पूर्व माध्यमिक विद्यालय राजकीय हाईस्कूल के रूप में उच्चीकृत हो चुके हैं। इसके अलावा सात राजकीय बालक, बालिका इंटर कालेज है। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का नामांकन है। जिस कारण कहीं फर्नीचर तो किसी स्कूल में बिजली, पानी व पुस्तकों की कमी बनी हुई है। जिसे ध्यान में रखकर वार्षिक अनुदान मद में आठ लाख 85 हजार आठ सौ छप्पन रुपये का आवंटित किए गए हैं। इस राशि से विद्यालयों के बिजली बिल का भुगतान, फर्नीचर की मरम्मत व पुस्तकों की खरीद की जाएगी। जिसका लाभ सभी राजकीय स्कूल/कालेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मिलेगा। इस समय जिले में सात राजकीय बालक, बालिका इंटर कालेज एवं इक्तीस राजकीय हाईस्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें से तमाम विद्यालयों में बिजली, पानी, फर्नीचर व पुस्तकों की कमी बनी हुई है।
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राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा को आसान बनाने के मकसद से विद्यालयों को उच्चीकृत किया जाता है। इसके तहत जिले में 31 पूर्व माध्यमिक विद्यालय राजकीय हाईस्कूल के रूप में उच्चीकृत हो चुके हैं। इसके अलावा सात राजकीय बालक, बालिका इंटर कालेज है। इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं का नामांकन है। जिस कारण कहीं फर्नीचर तो किसी स्कूल में बिजली, पानी व पुस्तकों की कमी बनी हुई है। जिसे ध्यान में रखकर वार्षिक अनुदान मद में आठ लाख 85 हजार आठ सौ छप्पन रुपये का आवंटित किए गए हैं। इस राशि से विद्यालयों के बिजली बिल का भुगतान, फर्नीचर की मरम्मत व पुस्तकों की खरीद की जाएगी। जिसका लाभ सभी राजकीय स्कूल/कालेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को मिलेगा। इस समय जिले में सात राजकीय बालक, बालिका इंटर कालेज एवं इक्तीस राजकीय हाईस्कूल संचालित हो रहे हैं। इनमें से तमाम विद्यालयों में बिजली, पानी, फर्नीचर व पुस्तकों की कमी बनी हुई है।
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