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शहर में चहचहाने लगी गौरैया
शहर में चहचहाने लगी गौरैया
Updated Wed, 06 Apr 2016 02:05 AM IST
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गाौरैया
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। शहर में गौरैया चिड़िया की चहचहाने की आवाज सुनाई देने लगी है। इसका गवाह मुहल्ला आजादपुरा बना है। यहां के मकानों में लगाए गए कृत्रिम घोंसलों में गौरैया को देखा गया। वन अफसरों का कहना है कि गौरैया ने कृत्रिम घोंसलों में डेरा डालना शुरू कर दिया है।
बिगड़ते पर्यावरण व मोबाइल टावरों की रेडियेशन से गौरैया गायब होने लगी है। खासकर शहरों में दिखाई नहीं देती है। वन विभाग ने इसके संरक्षण के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। पिछले दिनों सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से वन विभाग ने जगह-जगह कृत्रिम घोंसले लगवाए गए। विभिन्न विभागों के अफसरों ने अपने आवासों, स्कूल व कालेज परिसरों में घोंसले लगवाए। इसके अलावा शहर के पेड़ों पर भी घोंसलों को टंगवाया गया। 20 मार्च को गौरैया संरक्षण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कई दिनों तक अफसर अपने आवास में टंगे घोंसलों में गौरैैया का इंतजार करते रहे।
लेकिन, एसडीएम सदर रमेशचंद्र और जीजीआईसी प्रधानाचार्य पूनम मलिक को मायूसी हाथ लगी। उनका कहना है कि घौंसलों में एक भी दिन गौरैैया नजर नहीं आई, पर मुहल्ला आजादपुरा में गौरैया दिखी तो वन विभाग के अफसर गदगद हो गए। वन कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर उनके फोटोग्राफ लिए।
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सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक वीके जैन का कहना है कि आजादपुरा के कई घरों में लगे घोंसले लगाए गए हैं, जिसमें गौरैया ने अपना डेरा बनाया है। आने वाले दिनों में अन्य घोंसलों में इसी तरह गौरैया नजर आएगी।
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बिगड़ते पर्यावरण व मोबाइल टावरों की रेडियेशन से गौरैया गायब होने लगी है। खासकर शहरों में दिखाई नहीं देती है। वन विभाग ने इसके संरक्षण के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं। पिछले दिनों सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से वन विभाग ने जगह-जगह कृत्रिम घोंसले लगवाए गए। विभिन्न विभागों के अफसरों ने अपने आवासों, स्कूल व कालेज परिसरों में घोंसले लगवाए। इसके अलावा शहर के पेड़ों पर भी घोंसलों को टंगवाया गया। 20 मार्च को गौरैया संरक्षण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कई दिनों तक अफसर अपने आवास में टंगे घोंसलों में गौरैैया का इंतजार करते रहे।
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लेकिन, एसडीएम सदर रमेशचंद्र और जीजीआईसी प्रधानाचार्य पूनम मलिक को मायूसी हाथ लगी। उनका कहना है कि घौंसलों में एक भी दिन गौरैैया नजर नहीं आई, पर मुहल्ला आजादपुरा में गौरैया दिखी तो वन विभाग के अफसर गदगद हो गए। वन कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर उनके फोटोग्राफ लिए।
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सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक वीके जैन का कहना है कि आजादपुरा के कई घरों में लगे घोंसले लगाए गए हैं, जिसमें गौरैया ने अपना डेरा बनाया है। आने वाले दिनों में अन्य घोंसलों में इसी तरह गौरैया नजर आएगी।