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Lalitpur News: खराब कीटनाशक से सोयाबीन की फसल बर्बाद, क्षतिपूर्ति के आदेश
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मड़ावरा क्षेत्र के किसान को खराब कीटनाशक के प्रयोग से सोयाबीन की फसल नष्ट होने पर एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कीटनाशक विक्रेता पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मड़ावरा क्षेत्र के ग्राम लुहर्रा निवासी लक्ष्मण कुशवाहा ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अदालत में 19 सितंबर 2020 को प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया कि उसने अपनी जमीन में सोयाबीन की फसल के लिए साढ़े तीन क्विंटल बीज की बोआई की थी। उसने कस्बा के मड़ावरा मैन रोड स्थित पारस कृषि बीज भंडार एवं फर्टिलाइजर से खरपतवार से सोयाबीन की फसल को बचाने के लिए कीटनाशक खरीदा था। सेल्स एजेंट ने उसे आश्वासन दिया था कि उक्त दवा बड़ी प्रभावशाली और उच्च गुणवत्ता की है और इसके उपयोग से खरपतवार समाप्त हो जाएगा। इस पर उसने जुलाई 2020 को अपनी सोयाबीन की फसल में उक्त दवा का छिड़काव किया, जिससे दो-तीन दिन में ही उसकी सोयाबीन की फसल मुर्झाने लगी। इसके बाद उसने कीटनाशक विक्रेता के पास जाकर इसका उलाहना दिया और नुकसान की क्षतिपूर्ति किए जाने की मांग की लेकिन उसे अभद्रता करते हुए भाग दिया गया। एसडीएम से शिकायत के बाद उन्होंने विक्रेता को बुलाकर मामले का निराकरण करने के आदेश दिए। विक्रेता ने फसल पर छिड़काव के लिए दूसरी कीटनाशक दिया। इससे उसकी सोयाबीन की पूरी फसल नष्ट हो गई। इस पर उसने इसकी शिकायत जिलाधिकारी, बैंक व बीमा कंपनी से भी की। उसने अधिवक्ता के माध्यम से विक्रेता व कंपनी को नोटिस भी दिया, लेकिन उसे क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं दिया गया। इस पर उसने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया गया। अब सीताराम वर्मा की अध्यक्षता वाली फोरम की तीन सदस्यीय पीठ सदस्य ओम प्रकाश विश्वकर्मा व रसिया खातून, ने कीटनाशक विक्रेता को किसान के लिए सोयाबीन फसल के नुकसान की एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति 45 दिन में देने के आदेश दिए। विक्रेता पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
ललितपुर। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने मड़ावरा क्षेत्र के किसान को खराब कीटनाशक के प्रयोग से सोयाबीन की फसल नष्ट होने पर एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति देने के आदेश दिए हैं। अदालत ने कीटनाशक विक्रेता पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मड़ावरा क्षेत्र के ग्राम लुहर्रा निवासी लक्ष्मण कुशवाहा ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की अदालत में 19 सितंबर 2020 को प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया कि उसने अपनी जमीन में सोयाबीन की फसल के लिए साढ़े तीन क्विंटल बीज की बोआई की थी। उसने कस्बा के मड़ावरा मैन रोड स्थित पारस कृषि बीज भंडार एवं फर्टिलाइजर से खरपतवार से सोयाबीन की फसल को बचाने के लिए कीटनाशक खरीदा था। सेल्स एजेंट ने उसे आश्वासन दिया था कि उक्त दवा बड़ी प्रभावशाली और उच्च गुणवत्ता की है और इसके उपयोग से खरपतवार समाप्त हो जाएगा। इस पर उसने जुलाई 2020 को अपनी सोयाबीन की फसल में उक्त दवा का छिड़काव किया, जिससे दो-तीन दिन में ही उसकी सोयाबीन की फसल मुर्झाने लगी। इसके बाद उसने कीटनाशक विक्रेता के पास जाकर इसका उलाहना दिया और नुकसान की क्षतिपूर्ति किए जाने की मांग की लेकिन उसे अभद्रता करते हुए भाग दिया गया। एसडीएम से शिकायत के बाद उन्होंने विक्रेता को बुलाकर मामले का निराकरण करने के आदेश दिए। विक्रेता ने फसल पर छिड़काव के लिए दूसरी कीटनाशक दिया। इससे उसकी सोयाबीन की पूरी फसल नष्ट हो गई। इस पर उसने इसकी शिकायत जिलाधिकारी, बैंक व बीमा कंपनी से भी की। उसने अधिवक्ता के माध्यम से विक्रेता व कंपनी को नोटिस भी दिया, लेकिन उसे क्षतिपूर्ति का भुगतान नहीं दिया गया। इस पर उसने जिला उपभोक्ता फोरम में वाद दायर किया गया। अब सीताराम वर्मा की अध्यक्षता वाली फोरम की तीन सदस्यीय पीठ सदस्य ओम प्रकाश विश्वकर्मा व रसिया खातून, ने कीटनाशक विक्रेता को किसान के लिए सोयाबीन फसल के नुकसान की एक लाख रुपये क्षतिपूर्ति 45 दिन में देने के आदेश दिए। विक्रेता पर दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
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