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कहीं चमन, तो कहीं बुनियादी सुविधाएं तक नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 May 2017 01:22 AM IST
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gandgi, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर।
शहर का वार्ड नंबर 15 पिसनारी बाग विकास के नाम पर दो भागों में बंटा हुआ है। यहां का कुछ मुहल्ले ऐसे हैं जहां पर पक्की सड़कों, नाली व साफ-सफाई के नाम पर चमन बरस रहा है, वहीं पांच सौ अधिक परिवारों की एक बस्ती ऐसी भी जहां पर बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं। विकास कार्यों में किए भेदभाव के कारण यहां के परिवार खुद हो ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
राजघाट मार्ग पर स्थित मुहल्ला पिसनारी बाग काफी पुराना इलाका है। बीते दशक में इस क्षेत्र का तेजी से बसना शुरू हुआ। पिसनारी बाग तिराहे से नगर पालिका सीमा हद तक करीब पांच-छह सौ ग्रामीण परिवार अपने मकान बनाकर यहां आकर बस गए हैं। इनमें से करीब 500 परिवार ऐसे हैं, जो नगर क्षेत्र के वोटर भी बन चुके हैं। उन्होंने पिछली नगर पालिका के चुनाव में वार्ड पार्षद व नगर पालिका अध्यक्ष को चुनने के लिए अपना मतदान किया था। राजनेताओं ने अपने हित के लिए इन परिवारों को नगरीय क्षेत्र की वोटर लिस्ट में तो शामिल करा दिया और वोट भी डलवा लिए। नगर पालिका की वर्तमान बोर्ड का कार्यकाल बीतने वाला है, पर अभी तक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पाए हैं।
यहां बस चुके नये इलाकों में करीब 70 प्रतिशत क्षेत्र में पक्की सड़कें नहीं है। इसके अलावा लोगों के घरों से निकलने वाले पानी की निकासी के लिए भी पक्की नालियों को निर्माण नहीं किया गया है। इसके कारण रास्तों पर कीचड़ पसरा रहता है। बरसात के दौरान कई गलियों में लोगों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाता है। स्थानीय लोगों ने अनेकों बार वार्ड पार्षद, नगर पालिका और जिला प्रशासन से पक्की सड़कें व नाली का निर्माण कराने की मांग की है, लेकिन हालातों में कोई सुधार नहीं किया गया है। बीते वर्षों में वार्ड में बसी पुरानी बस्तियों व मुख्य मार्ग से सटी हुए इलाकों को ही सजाया-संवारा गया है, जहां पर करोड़ों रुपये व्यय कर दिए गए हैं।
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सीमा विस्तार से होगा विकास
नगर पालिका सीमा क्षेत्र का विस्तार हो गया है। वर्तमान में पिसनारी बाग का काफी बड़ा इलाका ऐसा है, जहां रहने वाले लोग नगर पालिका के वोटर तो बन गए हैं, लेकिन क्षेत्र नगर पालिका सीमा हद में नहीं आने के कारण क्षेत्र का विकास बाधित हो रहा है। सीमा विस्तार होने जाने से उक्त क्षेत्र के विकास का रास्ता भी खुल गया है।
स्वच्छ पेयजल तक नसीब नहीं
मुहल्ला पिसनारी बाग के इस क्षेत्र में पानी की पाइप लाइन नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को आज भी स्वच्छ पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है। करीब डेढ़-दो वर्ष पूर्व जलनिगम ने यहां पर पेयजल की सुविधा के लिए लाखों रुपये की लागत से पाइप लाइन बिछवाई थी, लेकिन वह आज तक चालू नहीं हो पाई है। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में हैंडपंप की भी भारी समस्या है, जो परिवार निजी बोर कराने के लिए सक्षम नहीं है, वह वर्तमान में पानी के लिए संघर्ष भरी जिंदगी जी रहे हैं।
हरदीला वर्षों से बदहाल
वार्ड नंबर 15 में इलाइट चौराहे मार्ग पर एक सैकड़ा से अधिक परिवारों का मुहल्ला बसा हुआ है, जिसका नाम हरदीला है और इसमें अधिकतर परिवार कुशवाहा समाज के हैं। कुशवाहा समाज जनपद की राजनीति में अहम भूमिका रखता है। बीते वर्षों में कुशवाहा समाज के ही चार सदर विधायक भी बन चुके हैं, लेकिन अब तक इस क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया है। विकास के इस युग में आज भी यहां की सड़कों पर वर्षों पुराना खड़ंजा बिछा हुआ है, वह भी केवल 50 मीटर लंबे रास्ते पर बाकी कहीं पर भी पक्की सड़क का वजूद नहीं है। इस संबंध में वार्ड पार्षद सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व नगर पालिका द्वारा यहां पर सड़क का निर्माण कराया जा रहा था, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के चलते निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका।
नहीं है बिजली के खंभे व स्ट्रीट लाइट
राजघाट मुख्य मार्ग से करीब तीन-चार सौ मीटर अंदर तक बस्ती बस गई है। यहां बिजली के खंभों की भी व्यवस्था नहीं है। स्थानीय लोगों ने किसी तरह जुगाड़ बनाकर मुख्य मार्ग से सैकड़ों मीटर लंबे तार डालकर बिजली की व्यवस्था कर ली है। यह बिजली के तार लकड़ी की बल्लियों व बांस के सहारे टंगे हुए हैं, यह तार किसी खतरे से खाली भी नहीं है। वहीं, कुछ क्षेत्र में बिजली के खंभे तो लगाए हैं, लेकिन बीते डेढ़ वर्षों से वह शोपीस बने हुए हैं। किसी भी खंभे पर स्ट्रीट लाइन नहीं लगी है।
-राकेश कुमार
पिसनारी बाग निवासी।
गांव से बेकार माहौल
यहां करीब छह वर्षों से निवास कर रहे हैं। अपने गांव से यहां यह सोचकर आए कि शहर में रहने से अच्छा सुविधाएं मिलेगी, लेकिन यहां का माहौल तो गांव से भी बेकार है। कम से कम गांवों में पक्की सड़कें तो हैं, यहां तो न ही सड़कें व नाली हैं और न पानी की व्यवस्था है।
-सूरत बाई, स्थानीय महिला।
मुख्य मार्ग बड़ी समस्या
पिसनारी तिराहे से करीब 300 मीटर लंबाई का राजघाट मार्ग करीब तीन-चार वर्षों से जर्जर हालत में हैं। राजघाट, चंदेरी, जखौरा क्षेत्र में पढ़ने वाले करीब दो सौ से अधिक गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय आने के लिए यहीं इकलौता मार्ग है। यहां से सुबह से लेकर देर रात तक हजारों की संख्या में बड़े-छोटे व स्कूली वाहन गुजरते हैं। राहगीरों को गड्ढों से तकलीफ होती है और सड़क के दोनों ओर रहने वाले लोगों को सड़क से उड़ने वाली धूल परेशान करती है। लंबे समय से इस सड़क की मरम्मत की मांग की जा रही है।
-मोनू साहू
पिसनारीबाग तिराहा निवासी।
महीनों नहीं होती सफाई
लगभग तीन महीनों से मुहल्ले की सफाई करने के लिए कोई भी सफाई कर्मचारी नहीं आया है। सड़कों व मैदानों में फैली गंदगी और बजबजा रही नालियों से काफी परेशानी होती है। यही आलम क्षेत्र की दर्जनों गलियों व क्षेत्र का है। मुख्य मार्ग पर बनी नालियों की कभी सफाई भी नहीं हुई है, तो गंदगी से बजबजा रही हैं।
-अनिल कुमार
स्थानीय निवासी।
विकास व सफाई में नंबर एक है वार्ड
अपने कार्यकाल में वार्ड के सभी क्षेत्रों का विकास कराया है। हर जगह पक्की सड़कें व नालियां हैं और हर खंभे पर स्ट्रीट लाइट लगी हुई है। पानी के लिए हर गली में हैंडपंप लगवाया गया है और सफाई की बात करें तो पूरे क्षेत्र में कहीं पर भी गंदगी नहीं है। शहर के समस्त वार्डो में वार्ड नंबर 15 विकास कार्यों व सफाई के कार्यों में नंबर वन पर है।
-सुरेंद्र यादव
वार्ड नंबर 15 के पार्षद
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शहर का वार्ड नंबर 15 पिसनारी बाग विकास के नाम पर दो भागों में बंटा हुआ है। यहां का कुछ मुहल्ले ऐसे हैं जहां पर पक्की सड़कों, नाली व साफ-सफाई के नाम पर चमन बरस रहा है, वहीं पांच सौ अधिक परिवारों की एक बस्ती ऐसी भी जहां पर बुनियादी सुविधाएं तक नहीं हैं। विकास कार्यों में किए भेदभाव के कारण यहां के परिवार खुद हो ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
राजघाट मार्ग पर स्थित मुहल्ला पिसनारी बाग काफी पुराना इलाका है। बीते दशक में इस क्षेत्र का तेजी से बसना शुरू हुआ। पिसनारी बाग तिराहे से नगर पालिका सीमा हद तक करीब पांच-छह सौ ग्रामीण परिवार अपने मकान बनाकर यहां आकर बस गए हैं। इनमें से करीब 500 परिवार ऐसे हैं, जो नगर क्षेत्र के वोटर भी बन चुके हैं। उन्होंने पिछली नगर पालिका के चुनाव में वार्ड पार्षद व नगर पालिका अध्यक्ष को चुनने के लिए अपना मतदान किया था। राजनेताओं ने अपने हित के लिए इन परिवारों को नगरीय क्षेत्र की वोटर लिस्ट में तो शामिल करा दिया और वोट भी डलवा लिए। नगर पालिका की वर्तमान बोर्ड का कार्यकाल बीतने वाला है, पर अभी तक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा पाए हैं।
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यहां बस चुके नये इलाकों में करीब 70 प्रतिशत क्षेत्र में पक्की सड़कें नहीं है। इसके अलावा लोगों के घरों से निकलने वाले पानी की निकासी के लिए भी पक्की नालियों को निर्माण नहीं किया गया है। इसके कारण रास्तों पर कीचड़ पसरा रहता है। बरसात के दौरान कई गलियों में लोगों का आवागमन पूरी तरह से बंद हो जाता है। स्थानीय लोगों ने अनेकों बार वार्ड पार्षद, नगर पालिका और जिला प्रशासन से पक्की सड़कें व नाली का निर्माण कराने की मांग की है, लेकिन हालातों में कोई सुधार नहीं किया गया है। बीते वर्षों में वार्ड में बसी पुरानी बस्तियों व मुख्य मार्ग से सटी हुए इलाकों को ही सजाया-संवारा गया है, जहां पर करोड़ों रुपये व्यय कर दिए गए हैं।
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सीमा विस्तार से होगा विकास
नगर पालिका सीमा क्षेत्र का विस्तार हो गया है। वर्तमान में पिसनारी बाग का काफी बड़ा इलाका ऐसा है, जहां रहने वाले लोग नगर पालिका के वोटर तो बन गए हैं, लेकिन क्षेत्र नगर पालिका सीमा हद में नहीं आने के कारण क्षेत्र का विकास बाधित हो रहा है। सीमा विस्तार होने जाने से उक्त क्षेत्र के विकास का रास्ता भी खुल गया है।
स्वच्छ पेयजल तक नसीब नहीं
मुहल्ला पिसनारी बाग के इस क्षेत्र में पानी की पाइप लाइन नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों को आज भी स्वच्छ पेयजल नसीब नहीं हो पा रहा है। करीब डेढ़-दो वर्ष पूर्व जलनिगम ने यहां पर पेयजल की सुविधा के लिए लाखों रुपये की लागत से पाइप लाइन बिछवाई थी, लेकिन वह आज तक चालू नहीं हो पाई है। इसके अलावा कुछ क्षेत्रों में हैंडपंप की भी भारी समस्या है, जो परिवार निजी बोर कराने के लिए सक्षम नहीं है, वह वर्तमान में पानी के लिए संघर्ष भरी जिंदगी जी रहे हैं।
हरदीला वर्षों से बदहाल
वार्ड नंबर 15 में इलाइट चौराहे मार्ग पर एक सैकड़ा से अधिक परिवारों का मुहल्ला बसा हुआ है, जिसका नाम हरदीला है और इसमें अधिकतर परिवार कुशवाहा समाज के हैं। कुशवाहा समाज जनपद की राजनीति में अहम भूमिका रखता है। बीते वर्षों में कुशवाहा समाज के ही चार सदर विधायक भी बन चुके हैं, लेकिन अब तक इस क्षेत्र का विकास नहीं हो पाया है। विकास के इस युग में आज भी यहां की सड़कों पर वर्षों पुराना खड़ंजा बिछा हुआ है, वह भी केवल 50 मीटर लंबे रास्ते पर बाकी कहीं पर भी पक्की सड़क का वजूद नहीं है। इस संबंध में वार्ड पार्षद सुरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि करीब डेढ़ वर्ष पूर्व नगर पालिका द्वारा यहां पर सड़क का निर्माण कराया जा रहा था, लेकिन स्थानीय लोगों के विरोध के चलते निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो सका।
नहीं है बिजली के खंभे व स्ट्रीट लाइट
राजघाट मुख्य मार्ग से करीब तीन-चार सौ मीटर अंदर तक बस्ती बस गई है। यहां बिजली के खंभों की भी व्यवस्था नहीं है। स्थानीय लोगों ने किसी तरह जुगाड़ बनाकर मुख्य मार्ग से सैकड़ों मीटर लंबे तार डालकर बिजली की व्यवस्था कर ली है। यह बिजली के तार लकड़ी की बल्लियों व बांस के सहारे टंगे हुए हैं, यह तार किसी खतरे से खाली भी नहीं है। वहीं, कुछ क्षेत्र में बिजली के खंभे तो लगाए हैं, लेकिन बीते डेढ़ वर्षों से वह शोपीस बने हुए हैं। किसी भी खंभे पर स्ट्रीट लाइन नहीं लगी है।
-राकेश कुमार
पिसनारी बाग निवासी।
गांव से बेकार माहौल
यहां करीब छह वर्षों से निवास कर रहे हैं। अपने गांव से यहां यह सोचकर आए कि शहर में रहने से अच्छा सुविधाएं मिलेगी, लेकिन यहां का माहौल तो गांव से भी बेकार है। कम से कम गांवों में पक्की सड़कें तो हैं, यहां तो न ही सड़कें व नाली हैं और न पानी की व्यवस्था है।
-सूरत बाई, स्थानीय महिला।
मुख्य मार्ग बड़ी समस्या
पिसनारी तिराहे से करीब 300 मीटर लंबाई का राजघाट मार्ग करीब तीन-चार वर्षों से जर्जर हालत में हैं। राजघाट, चंदेरी, जखौरा क्षेत्र में पढ़ने वाले करीब दो सौ से अधिक गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय आने के लिए यहीं इकलौता मार्ग है। यहां से सुबह से लेकर देर रात तक हजारों की संख्या में बड़े-छोटे व स्कूली वाहन गुजरते हैं। राहगीरों को गड्ढों से तकलीफ होती है और सड़क के दोनों ओर रहने वाले लोगों को सड़क से उड़ने वाली धूल परेशान करती है। लंबे समय से इस सड़क की मरम्मत की मांग की जा रही है।
-मोनू साहू
पिसनारीबाग तिराहा निवासी।
महीनों नहीं होती सफाई
लगभग तीन महीनों से मुहल्ले की सफाई करने के लिए कोई भी सफाई कर्मचारी नहीं आया है। सड़कों व मैदानों में फैली गंदगी और बजबजा रही नालियों से काफी परेशानी होती है। यही आलम क्षेत्र की दर्जनों गलियों व क्षेत्र का है। मुख्य मार्ग पर बनी नालियों की कभी सफाई भी नहीं हुई है, तो गंदगी से बजबजा रही हैं।
-अनिल कुमार
स्थानीय निवासी।
विकास व सफाई में नंबर एक है वार्ड
अपने कार्यकाल में वार्ड के सभी क्षेत्रों का विकास कराया है। हर जगह पक्की सड़कें व नालियां हैं और हर खंभे पर स्ट्रीट लाइट लगी हुई है। पानी के लिए हर गली में हैंडपंप लगवाया गया है और सफाई की बात करें तो पूरे क्षेत्र में कहीं पर भी गंदगी नहीं है। शहर के समस्त वार्डो में वार्ड नंबर 15 विकास कार्यों व सफाई के कार्यों में नंबर वन पर है।
-सुरेंद्र यादव
वार्ड नंबर 15 के पार्षद