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सौर ऊर्जा से रोशन होंगी स्ट्रीट लाइटें
lalitpur
Updated Sat, 18 Jun 2016 01:20 AM IST
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साेलर लाइट
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। शहर की बिजली गुल होने के बाद भी शहर की सड़कें जगमगाएंगी। नगर पालिका तीन करोड़ रुपये की लागत से दो सौर ऊर्जा पावर प्लांट स्थापित करने जा रही है, इसके बाद मुख्य मार्गों पर डबल आर्म स्ट्रीट लाइट लगाई जाएंगी, जो सौर ऊर्जा पावर प्लांट से रोशन होंगी। इसके अलावा आधा सैकड़ा सोलर हाईमास्ट लाइट लगाई जाएंगी।
शासन द्वारा चलाई जा रही डा. एपीजे अब्दुल कलाम नगरीय सौर पुंज योजना के तहत नगरीय क्षेत्रों में सौर ऊर्जा वाली स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इसके लिए सौर ऊर्जा पावर प्लांट की स्थापना कराई जा रही है। नगर पालिका ने करीब 03 करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसमें से प्रदेश सरकार ने नगर पालिका को 1.49 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। शासन को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार शहर में 30 किलोवाट व 15 किलोवाट के दो सौर ऊर्जा पावर प्लांट स्थापित कराए जाएंगे। शहर की मुख्य सड़कों व मुख्य स्थानों पर 24 वाट की 94 डबल आर्म स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी, जो इन सौलर प्लाटों से चलेंगी। वहीं, शहर के मुख्य चौराहों, धार्मिक स्थलों, श्मशान घाट, कब्रिस्तानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 300 वाट की 50 सोलर हाईमास्ट लाइट लगाई जाएंगी, जो सौर ऊर्जा पर चलेंगी। यह हाईमास्ट लाइटें सौर ऊर्जा से चार्ज होने वाली बैटरियों पर जलेंगी। पहली किस्त मिलने के बाद नगर पालिका ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
पहले भी लग चुकी हैं सोलर स्ट्रीट लाइट
कुछ माह पूर्व शहर की स्थिति ऐसी थी कि बिजली गुल होते ही पूरा शहर अंधेरे में डूब जाता था, इससे लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता था। इसे देखते हुए नगर पालिका ने फरवरी माह में शहर के मुख्य सड़कों व चौराहों पर एक सैकड़ा से अधिक सोलर स्ट्रीट लाइट लगवाई गई थीं, जिससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली थी। अब सौर ऊर्जा प्लांट व सोलर स्ट्रीट लाइटों से पूरा शहर रात में अंधेरे में डूबने से बचेगा।
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जल संस्थान ने नहीं भेजा प्रस्ताव
बिजली की बढ़ती खपत को रोकने के लिए प्रदेश सरकार व भारत सरकार सौर ऊर्जा पर विशेष जोर दे रही है। शासन पिछले तीन वर्षों से नगर पालिका व जल संस्थान को कई बार शासनादेश जारी करके सौर ऊर्जा पावर प्लांट स्थापित कराने के निर्देश दे चुका है। लेकिन, जल संस्थान द्वारा जलापूर्ति के लिए सौर ऊर्जा प्लांट बनाने के लिए कोई प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा गया है। जल संस्थान द्वारा प्रत्येक माह दस से तेरह लाख रुपये की बिजली खर्च की जाती है।
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शासन द्वारा चलाई जा रही डा. एपीजे अब्दुल कलाम नगरीय सौर पुंज योजना के तहत नगरीय क्षेत्रों में सौर ऊर्जा वाली स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी। इसके लिए सौर ऊर्जा पावर प्लांट की स्थापना कराई जा रही है। नगर पालिका ने करीब 03 करोड़ रुपए का प्रस्ताव शासन को भेजा था, जिसमें से प्रदेश सरकार ने नगर पालिका को 1.49 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी है। शासन को भेजे गए प्रस्ताव के अनुसार शहर में 30 किलोवाट व 15 किलोवाट के दो सौर ऊर्जा पावर प्लांट स्थापित कराए जाएंगे। शहर की मुख्य सड़कों व मुख्य स्थानों पर 24 वाट की 94 डबल आर्म स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी, जो इन सौलर प्लाटों से चलेंगी। वहीं, शहर के मुख्य चौराहों, धार्मिक स्थलों, श्मशान घाट, कब्रिस्तानों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर 300 वाट की 50 सोलर हाईमास्ट लाइट लगाई जाएंगी, जो सौर ऊर्जा पर चलेंगी। यह हाईमास्ट लाइटें सौर ऊर्जा से चार्ज होने वाली बैटरियों पर जलेंगी। पहली किस्त मिलने के बाद नगर पालिका ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
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पहले भी लग चुकी हैं सोलर स्ट्रीट लाइट
कुछ माह पूर्व शहर की स्थिति ऐसी थी कि बिजली गुल होते ही पूरा शहर अंधेरे में डूब जाता था, इससे लोगों को काफी समस्या का सामना करना पड़ता था। इसे देखते हुए नगर पालिका ने फरवरी माह में शहर के मुख्य सड़कों व चौराहों पर एक सैकड़ा से अधिक सोलर स्ट्रीट लाइट लगवाई गई थीं, जिससे स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली थी। अब सौर ऊर्जा प्लांट व सोलर स्ट्रीट लाइटों से पूरा शहर रात में अंधेरे में डूबने से बचेगा।
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जल संस्थान ने नहीं भेजा प्रस्ताव
बिजली की बढ़ती खपत को रोकने के लिए प्रदेश सरकार व भारत सरकार सौर ऊर्जा पर विशेष जोर दे रही है। शासन पिछले तीन वर्षों से नगर पालिका व जल संस्थान को कई बार शासनादेश जारी करके सौर ऊर्जा पावर प्लांट स्थापित कराने के निर्देश दे चुका है। लेकिन, जल संस्थान द्वारा जलापूर्ति के लिए सौर ऊर्जा प्लांट बनाने के लिए कोई प्रस्ताव शासन को नहीं भेजा गया है। जल संस्थान द्वारा प्रत्येक माह दस से तेरह लाख रुपये की बिजली खर्च की जाती है।