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Lalitpur: सांप के काटने से पहले मासूम बेटी की मौत, फिर उपचार के दौरान पिता ने भी तोड़ा दम
Sat, 13 Aug 2022 02:06 AM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, ललितपुर
अमर उजाला नेटवर्क, ललितपुर
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 13 Aug 2022 02:06 AM IST
सार
ललितपुर में सांप के काटने से पिता और मासूम पुत्री की मौत हो गई। दोनों की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : वाइल्डलाइफ एसओएस
विस्तार
ललितपुर के थाना जाखलौन अंतर्गत गांव उत्तमधाना में सांप के डसने से पिता और उसकी चार वर्षीय बेटी को सांप ने डस लिया। बेटी की कुछ ही घंटों में तड़पते हुए मौत हो गई। जबकि पिता की उपचार के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई।
पहले परिजन उसे झाड़-फूंक को जगह-जगह ले गए, लेकिन बाद में हालत अधिक बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। कोतवाली पुलिस ने पिता के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं परिजनों ने उसकी बेटी के शव को गांव में ही दफना दिया।
ग्राम उत्तमधाना निवासी रामलाल अहिरवार (36) पुत्र हिम्मत खेत में ही बने टपरे में परिवार के साथ रहता था। उसकी पत्नी अपने बहन व बहनोई के साथ डेढ़ माह पहले दिल्ली मेें मजदूरी के लिए चली गई थी। जबकि घर में रामलाल एवं उसकी दो बेटियां एवं चार बेटे थे। बुुधवार रात को रामलाल जब अपने चार बेटों और दो बेटियों के साथ घर में जमीन पर सो रहा था।
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इस दौरान देर रात को रामलाल एवं उसकी छोटी बेटी राधा (04) को सांप ने काट लिया। जिससे दोनों की हालत बिगड़ गई। यह देेख राधा को उसकी बड़ी बहन उपचार के लिए गांव में चिकित्सक के पास ले गई। जहां उसे चिकित्सक नहीं मिल सके और राधा की कुछ ही घंटों बाद हालत अधिक बिगड़ने पर मौत हो गई। वहीं रामलाल अपने परिजनों के साथ अपनी ससुराल कस्बा पाली में झाड़-फूंक के लिए चला गया। जहां झाड़-फूंक के बाद ससुराली उसे वापस गांव छोड़ गए।
इसके बाद परिजन उसे गांव बुढ़वार में भी झाड़-फूंक के लिए ले गए। जहां से भी उसे कोई लाभ नहीं हुआ। झाड़-फूूंक में ही आधा से ज्यादा दिन निकल गया। जब उसकी हालत अधिक बिगड़ने लगी तो परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां से चिकित्सकों ने उसे झांसी रेफर कर दिया, लेकिन परिजनों के पास पैसों का इंतजाम नहीं था, जिसके चलते वह पैसों का इंतजाम करने के लिए गांव और रिश्तेदारी में चले गए।
जिसके चलते वह उसे झांसी नहीं ले जा सके। उसकी जिला अस्पताल में ही बृहस्पतिवार देर शाम को रामलाल की उपचार के दौरान मौत हो गई। जानकारी पर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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पहले परिजन उसे झाड़-फूंक को जगह-जगह ले गए, लेकिन बाद में हालत अधिक बिगड़ने पर परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। कोतवाली पुलिस ने पिता के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं परिजनों ने उसकी बेटी के शव को गांव में ही दफना दिया।
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ग्राम उत्तमधाना निवासी रामलाल अहिरवार (36) पुत्र हिम्मत खेत में ही बने टपरे में परिवार के साथ रहता था। उसकी पत्नी अपने बहन व बहनोई के साथ डेढ़ माह पहले दिल्ली मेें मजदूरी के लिए चली गई थी। जबकि घर में रामलाल एवं उसकी दो बेटियां एवं चार बेटे थे। बुुधवार रात को रामलाल जब अपने चार बेटों और दो बेटियों के साथ घर में जमीन पर सो रहा था।
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इस दौरान देर रात को रामलाल एवं उसकी छोटी बेटी राधा (04) को सांप ने काट लिया। जिससे दोनों की हालत बिगड़ गई। यह देेख राधा को उसकी बड़ी बहन उपचार के लिए गांव में चिकित्सक के पास ले गई। जहां उसे चिकित्सक नहीं मिल सके और राधा की कुछ ही घंटों बाद हालत अधिक बिगड़ने पर मौत हो गई। वहीं रामलाल अपने परिजनों के साथ अपनी ससुराल कस्बा पाली में झाड़-फूंक के लिए चला गया। जहां झाड़-फूंक के बाद ससुराली उसे वापस गांव छोड़ गए।
इसके बाद परिजन उसे गांव बुढ़वार में भी झाड़-फूंक के लिए ले गए। जहां से भी उसे कोई लाभ नहीं हुआ। झाड़-फूूंक में ही आधा से ज्यादा दिन निकल गया। जब उसकी हालत अधिक बिगड़ने लगी तो परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां से चिकित्सकों ने उसे झांसी रेफर कर दिया, लेकिन परिजनों के पास पैसों का इंतजाम नहीं था, जिसके चलते वह पैसों का इंतजाम करने के लिए गांव और रिश्तेदारी में चले गए।
जिसके चलते वह उसे झांसी नहीं ले जा सके। उसकी जिला अस्पताल में ही बृहस्पतिवार देर शाम को रामलाल की उपचार के दौरान मौत हो गई। जानकारी पर कोतवाली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।