फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Siltre not removed

नहीं निकाली सिल्ट, बारिश सिर पर कैसे होगा काम?

Fri, 12 Jun 2015 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला Updated Fri, 12 Jun 2015 12:52 AM IST
विज्ञापन

विज्ञापन
एक दर्जन मंदिरों की श्रृंखला से घिरा सुम्मेरा तालाब नगर का हृदय स्थल माना जाता है। महारानी ललितेश्वरी देवी ने धार्मिक कार्यक्रमों के लिए इस तालाब का निर्माण कराया था। तब से लेकर अब तक इसमें धार्मिक आयोजन होते चले आ  रहे हैं। जल विहार व कार्तिक मास में तालाब पर श्रद्घालुओं की भीड़ उमड़ती है। पूरे नगर से आने वाले लोग इसमें स्नान करते हैं।  कुछ सालों से तालाब में बढ़ती जलकुंभी व सिल्ट को देखते हुए इसके सौंदर्यीकरण का खाका तैयार किया गया। अतिक्रमण को रोकने के लिए चारों ओर दीवार का निर्माण, पुरानी सीढ़ियों का जीर्णोद्घार, नई सीढ़ियों का निर्माण, पाथ- वे के साथ तालाब के बीच में घूमने व व्यंजन का मजा लेने के लिए एक टापू व कैंटीन बनाई जानी है। वोटिंग करने के लिए पांच फीट गहराई तक सिल्ट को निकालने का काम किया जाना है।

पर्यटन विभाग की कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट कारपोरेशन लिमिटेड(यूपीपीसीएल) इसका सौंदर्यीकरण करने का काम कर रही है। 4.2 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे इस कार्य में दीवार का निर्माण अंतिम चरण में है तथा पाथ- वे के लिए जेसीबी से मिट्टी डाली जा रही है। लेकिन, पाथ- वे को कई स्थानों पर संकरा बनाया जा रहा है तथा गुणवत्ता का भी ध्यान नहीं रखा जा रहा है। गहराई पर तो जिम्मेदारों का ध्यान ही नहीं है। इससे काम पूर्ण भी हो गया तो वोटिंग करना आसान नहीं होगा। पानी के  निकासी मार्ग सहित अन्य स्थानों पर इतनी ऊंचाई तक सिल्ट जमा है कि नाव चलाना या वोटिंग करना संभव नहीं हो सकेगा। जिम्मेदार अफसरों को इसकी जानकारी होने के बाद भी निर्माण कार्य पर नजर नहीं रखी जा रही है, न ही सिल्ट दूर कराने के कार्य में तेजी लाई जा रही है।
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed