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सिल्ट व जलकुंभी से बजबजा रहे प्रमुख नाले
ब्यूरो ललितपुर
Updated Sun, 01 Nov 2015 12:56 AM IST
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ललितपुर। नगर में मलेरिया और डेंगू जैसे रोगों का प्रकोप दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है। लेकिन, जिम्मेदार विभाग न तो सफाई पर ध्यान दे रहे हैं और न ही कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। स्थित यह है कि नगर के प्रमुख नाले गंदगी से बजबजा रहे हैं। नालियों में भी सिल्ट जमा है, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
नगर में दो लाख से अधिक की आबादी निवास करती है। नगर पालिका इनसे गृहकर वसूलती है और उसके बदले मार्ग प्रकाश, संपर्क मार्ग और सफाई की व्यवस्था करती है। मौसम में यकायक परिवर्तन होने से मलेरिया और डेंगू सहित संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। प्रतिदिन जिला संयुक्त चिकित्सालय में बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। एक दर्जन से अधिक लोगों को डेंगू होने की पुष्टि हो चुकी है, जिससे लोगों में भी डेेंगू के प्रति भय बना हुआ है।
लेकिन, नगर पालिका ने जलभराव वाले स्थानों को दुरुस्त करने का काम शुरू नहीं किया है। बीच के बंध स्थित भराव वाले क्षेत्र में बड़ी मात्रा में गंदा पानी भरा हुआ है। इसके अलावा चार वार्डों से निकलने वाले नगर के प्रमुख नाले के हाल भी बेहाल हैं। मुहल्ला चंडी माता मंदिर, गांधी नगर, आजादपुरा प्रथम, द्वितीय, तृतीय होते हुए नदी में मिलने वाले नाले में जगह-जगह कीचड़ मौजूद है। सेंट्रल पब्लिक स्कूल के आगे प्लाटों में गंदा पानी भरा हुआ है। गंदे पानी में जलकुंभी है, जिससे इस पानी में मच्छरों के लार्वा पैदा हो रहे हैं। आसपास के कई प्लाट गंदे पानी से जल मग्न हैं। बांध रोड स्थित ऐरा हाउस के पास भी यही स्थिति है।
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दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आने वाला मलेरिया विभाग भी उदासीन बना हुआ है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के बाद भी कीटनाशक दवाई का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। यही कारण है कि जल भराव वाले स्थानों पर डेंगू सहित अन्य बीमारियों के मच्छर पनप रहे हैं। विभाग की ओर से अब तक न तो किसी स्थान से जलभराव वाले स्थल से पानी के सैंपल लिए गए और न ही कीटनाशक का छिड़काव हुआ है। इससे नगरवासियों के सामने समस्या आ गई है।
सिर्फ फागिंग के सहारे नगर
नगर में मलेरिया व डेंगू पैर पसार रहा है। इसके बाद भी नगरवासी सिर्फ फागिंग के भरोसे ही हैं। नगर पालिका नगर के मुहल्लों में मशीन से फागिंग करा रही है। लेकिन, एक मशीन आबादी के सापेक्ष कम पड़ रही है। हालांकि, धीरे-धीरे काम किया जा रहा है। वहीं, मलेरिया विभाग के अफसर उदासीन बने हुए हैं, जिसका खामियाजा नगरवासियों को भुगतना पड़ सकता है।
इनका कहना है
नगर में साफ-सफाई पर लगातार नजर रखी जा रही है। मलेरिया व डेंगू के मरीज मिलने की जानकारी होते ही संबंधित क्षेत्र में निरीक्षण किया जा रहा है। साथ ही बचाव के लिए नगर में होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इसके अलावा मुहल्लों में लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
- डा. राजेश भारती
नगर स्वास्थ्य व संक्रामक प्रभारी
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नगर में दो लाख से अधिक की आबादी निवास करती है। नगर पालिका इनसे गृहकर वसूलती है और उसके बदले मार्ग प्रकाश, संपर्क मार्ग और सफाई की व्यवस्था करती है। मौसम में यकायक परिवर्तन होने से मलेरिया और डेंगू सहित संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ गया है। प्रतिदिन जिला संयुक्त चिकित्सालय में बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। एक दर्जन से अधिक लोगों को डेंगू होने की पुष्टि हो चुकी है, जिससे लोगों में भी डेेंगू के प्रति भय बना हुआ है।
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लेकिन, नगर पालिका ने जलभराव वाले स्थानों को दुरुस्त करने का काम शुरू नहीं किया है। बीच के बंध स्थित भराव वाले क्षेत्र में बड़ी मात्रा में गंदा पानी भरा हुआ है। इसके अलावा चार वार्डों से निकलने वाले नगर के प्रमुख नाले के हाल भी बेहाल हैं। मुहल्ला चंडी माता मंदिर, गांधी नगर, आजादपुरा प्रथम, द्वितीय, तृतीय होते हुए नदी में मिलने वाले नाले में जगह-जगह कीचड़ मौजूद है। सेंट्रल पब्लिक स्कूल के आगे प्लाटों में गंदा पानी भरा हुआ है। गंदे पानी में जलकुंभी है, जिससे इस पानी में मच्छरों के लार्वा पैदा हो रहे हैं। आसपास के कई प्लाट गंदे पानी से जल मग्न हैं। बांध रोड स्थित ऐरा हाउस के पास भी यही स्थिति है।
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दूसरी ओर, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत आने वाला मलेरिया विभाग भी उदासीन बना हुआ है। मच्छरों का प्रकोप बढ़ने के बाद भी कीटनाशक दवाई का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। यही कारण है कि जल भराव वाले स्थानों पर डेंगू सहित अन्य बीमारियों के मच्छर पनप रहे हैं। विभाग की ओर से अब तक न तो किसी स्थान से जलभराव वाले स्थल से पानी के सैंपल लिए गए और न ही कीटनाशक का छिड़काव हुआ है। इससे नगरवासियों के सामने समस्या आ गई है।
सिर्फ फागिंग के सहारे नगर
नगर में मलेरिया व डेंगू पैर पसार रहा है। इसके बाद भी नगरवासी सिर्फ फागिंग के भरोसे ही हैं। नगर पालिका नगर के मुहल्लों में मशीन से फागिंग करा रही है। लेकिन, एक मशीन आबादी के सापेक्ष कम पड़ रही है। हालांकि, धीरे-धीरे काम किया जा रहा है। वहीं, मलेरिया विभाग के अफसर उदासीन बने हुए हैं, जिसका खामियाजा नगरवासियों को भुगतना पड़ सकता है।
इनका कहना है
नगर में साफ-सफाई पर लगातार नजर रखी जा रही है। मलेरिया व डेंगू के मरीज मिलने की जानकारी होते ही संबंधित क्षेत्र में निरीक्षण किया जा रहा है। साथ ही बचाव के लिए नगर में होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इसके अलावा मुहल्लों में लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
- डा. राजेश भारती
नगर स्वास्थ्य व संक्रामक प्रभारी