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माखनचोरी और बाल लीलाओं की कथा सुनाई
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Wed, 30 Dec 2015 02:30 AM IST
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ललितपुर (ब्यूरो)। श्री वृंदावन धाम निर्मोही अखाड़ा के संत मदन मोहन दास ने श्रीमद्भागवत कथा सुनाते हुए भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं और माखनचोरी का वर्णन किया। उन्होंने गाय का भी महत्व बताया। संगीतमयी कथा में श्रोता आनंद से भावविभोर हो गए।
मुहल्ला गांधीनगर में कथा सुनाते हुए कथा व्यास ने गाय माता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गाय के गोबर और मूत्र में अशुभों को दूर करने की शक्ति है। गाय में लक्ष्मी और भगवती का वास है। गाय में संपूर्ण रोगों को समाप्त करने की शक्ति है। गाय चलता-फिरता देवालय है। उन्होंने कहा कि अगर गाय मारती है तो समझ लेना चाहिए कि आगे होने वाली अनहोनी से वह रोक रही है।
उन्होंने पूतना वध की कथा का विस्तार से वर्णन किया। इस मौके पर अंश अड़जरिया ने भजन गाए। इस अवसर पर विद्यावती रिछारिया, रामकिशन चतुर्वेदी, अंचल अड़जरिया, डी पी मिश्रा, एमएल रावत, एचडी चतुर्वेदी, अशोक कुमार पटैरिया, मनमोहन बिलगैंया, महेंद्र रावत, शिवनारायण पाठक, आदित्य नारायण तिवारी, हेमंत जैन, शरद त्रिपाठी, दिनेश संज्ञा, प्रशांत रावत, सीताराम पुरोहित, लखनलाल रावत, प्रभुदयाल रिछारिया, जुगल किशोर रिछारिया, रामकिशोर रिछारिया, बृजमोहन रिछारिया, राकेश मोहन, शिवमोहन, जितेंद्र मोहन आशीष मोहन, मनोज रिछारिया, ओपी रिछारिया समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के बाद आरती हुई और प्रसाद वितरित किया गया।
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मुहल्ला गांधीनगर में कथा सुनाते हुए कथा व्यास ने गाय माता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गाय के गोबर और मूत्र में अशुभों को दूर करने की शक्ति है। गाय में लक्ष्मी और भगवती का वास है। गाय में संपूर्ण रोगों को समाप्त करने की शक्ति है। गाय चलता-फिरता देवालय है। उन्होंने कहा कि अगर गाय मारती है तो समझ लेना चाहिए कि आगे होने वाली अनहोनी से वह रोक रही है।
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उन्होंने पूतना वध की कथा का विस्तार से वर्णन किया। इस मौके पर अंश अड़जरिया ने भजन गाए। इस अवसर पर विद्यावती रिछारिया, रामकिशन चतुर्वेदी, अंचल अड़जरिया, डी पी मिश्रा, एमएल रावत, एचडी चतुर्वेदी, अशोक कुमार पटैरिया, मनमोहन बिलगैंया, महेंद्र रावत, शिवनारायण पाठक, आदित्य नारायण तिवारी, हेमंत जैन, शरद त्रिपाठी, दिनेश संज्ञा, प्रशांत रावत, सीताराम पुरोहित, लखनलाल रावत, प्रभुदयाल रिछारिया, जुगल किशोर रिछारिया, रामकिशोर रिछारिया, बृजमोहन रिछारिया, राकेश मोहन, शिवमोहन, जितेंद्र मोहन आशीष मोहन, मनोज रिछारिया, ओपी रिछारिया समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कथा के बाद आरती हुई और प्रसाद वितरित किया गया।
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