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Lalitpur News: कड़ाके की सर्दी में छूटी कंपकंपी, कहीं बारिश तो कहीं फुहार
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अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। शीतलहर से लोगों की कंपकंपी छूट रही है। शुक्रवार सुबह से ही बादल और कोहरा छाया रहा, लेकिन दोपहर बाद अंधेरा छाने से वाहन चालकों को दिन में ही लाइटें जलाकर निकलना पड़ा। महरौनी सहित कुछ ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश हुई तो शहर क्षेत्र में फुहार पड़ने से गलन बढ़ गई। सबसे ठंडे रहे दिन में लोग सारे दिन अलाव तापते नजर आए। कड़ी सर्दी से आम आदमी का जनजीवन अस्तव्यस्त रहा तो पशु पक्षी भी बेहाल नजर आए।
शुक्रवार सुबह से ही घने कोहरे के साथ कड़ाके की सर्दी पड़ी। सुबह 11 बजे भी कोहरा से राहत नहीं मिली। दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया। फुहार से गलन बढ़ गई। दिन में भी शाम जैसा अंधेरा सा छा गया। वाहन चालक लाइट जलाकर धीमी गति से जाते रहे। सर्दी से बेहाल लोग अलाव तापते नजर आए। नगर पालिका प्रशासन ने देर शाम से प्रमुख स्थानों पर अलाव जलवा दिए, जिससे पशु भी इसके आसपास बैठे नजर आए। जिला अस्पताल परिसर में बैठे तीमारदार सर्दी से बेहाल नजर आए। महरौनी, जखौरा, पाली, मड़ावरा आदि क्षेत्रों में बारिश होने से गलन बढ़ गई।
-- -- -- -- -- एसडीएम ने सर्दी से ठिठुर रहे लोगों को दिए कंबल
फोटो-20, राजमार्ग पर राहगीरों को रात में कंबल ओढ़ाते एसडीएम
तालबेहट। सर्दी से बचाव के लिए जलाए गए अलावों की हकीकत देखने बृहस्पतिवार रात में निकले उपजिलाधिकारी श्रीराम यादव ने सर्दी से कांप रहे लोगों को कंबल उपलब्ध कराए। उन्होंने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, पूराकलां बस स्टैंड आदि स्थानों पर अलाव का औचक निरीक्षण किया। रात में राजमार्ग पर बिना गर्म कपड़ों के मिले किसानों एवं आम लोगों को कंबल दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि अलाव हर हाल में जलते रहना चाहिए, जिससे कमजोर वर्ग को सर्दी से परेशानी न हो। एसडीएम ने बताया कि राहगीरों के लिए रैन बसेरों में रुकने का प्रबंध है। संवाद
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फसलों में नुकसान की आशंका बार। हाड़ कंपाने वाली सर्दी से लोग बेहाल रहे। किसानों का कहना है कि इस मौसम से जहां गेहूं की फसल को कुछ फायदा हो सकता है, वहीं फूल ले रही फसलों को धूप न निकलने के कारण नुकसान होने की आशंका ज्यादा है। अब उन्हें डर सता रहा है कि यदि इसी प्रकार का मौसम बना रहा तो दलहनी फसल से हाथ धोना पड़ सकता है। संवाद
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ललितपुर। शीतलहर से लोगों की कंपकंपी छूट रही है। शुक्रवार सुबह से ही बादल और कोहरा छाया रहा, लेकिन दोपहर बाद अंधेरा छाने से वाहन चालकों को दिन में ही लाइटें जलाकर निकलना पड़ा। महरौनी सहित कुछ ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश हुई तो शहर क्षेत्र में फुहार पड़ने से गलन बढ़ गई। सबसे ठंडे रहे दिन में लोग सारे दिन अलाव तापते नजर आए। कड़ी सर्दी से आम आदमी का जनजीवन अस्तव्यस्त रहा तो पशु पक्षी भी बेहाल नजर आए।
शुक्रवार सुबह से ही घने कोहरे के साथ कड़ाके की सर्दी पड़ी। सुबह 11 बजे भी कोहरा से राहत नहीं मिली। दोपहर बाद अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ गया। फुहार से गलन बढ़ गई। दिन में भी शाम जैसा अंधेरा सा छा गया। वाहन चालक लाइट जलाकर धीमी गति से जाते रहे। सर्दी से बेहाल लोग अलाव तापते नजर आए। नगर पालिका प्रशासन ने देर शाम से प्रमुख स्थानों पर अलाव जलवा दिए, जिससे पशु भी इसके आसपास बैठे नजर आए। जिला अस्पताल परिसर में बैठे तीमारदार सर्दी से बेहाल नजर आए। महरौनी, जखौरा, पाली, मड़ावरा आदि क्षेत्रों में बारिश होने से गलन बढ़ गई।
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फोटो-20, राजमार्ग पर राहगीरों को रात में कंबल ओढ़ाते एसडीएम
तालबेहट। सर्दी से बचाव के लिए जलाए गए अलावों की हकीकत देखने बृहस्पतिवार रात में निकले उपजिलाधिकारी श्रीराम यादव ने सर्दी से कांप रहे लोगों को कंबल उपलब्ध कराए। उन्होंने रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, पूराकलां बस स्टैंड आदि स्थानों पर अलाव का औचक निरीक्षण किया। रात में राजमार्ग पर बिना गर्म कपड़ों के मिले किसानों एवं आम लोगों को कंबल दिए। उन्होंने निर्देश दिए कि अलाव हर हाल में जलते रहना चाहिए, जिससे कमजोर वर्ग को सर्दी से परेशानी न हो। एसडीएम ने बताया कि राहगीरों के लिए रैन बसेरों में रुकने का प्रबंध है। संवाद
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फसलों में नुकसान की आशंका बार। हाड़ कंपाने वाली सर्दी से लोग बेहाल रहे। किसानों का कहना है कि इस मौसम से जहां गेहूं की फसल को कुछ फायदा हो सकता है, वहीं फूल ले रही फसलों को धूप न निकलने के कारण नुकसान होने की आशंका ज्यादा है। अब उन्हें डर सता रहा है कि यदि इसी प्रकार का मौसम बना रहा तो दलहनी फसल से हाथ धोना पड़ सकता है। संवाद