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Lalitpur News: सचिवों की हड़ताल से ललितपुर में खाद का गहरा संकट

Tue, 27 Oct 2026 12:28 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 27 Oct 2026 12:28 AM IST
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Severe fertilizer crisis in Lalitpur due to strike by secretaries
बी-पैक्स समिति पर खाद के लिए खड़े किसान। संवाद
ललितपुर। सहकारी समिति के सचिवों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। सोमवार को उत्तर प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी संघ के बैनर तले सचिवों व प्रभारी सचिवों ने लखनऊ के ईको गार्डन में धरना प्रदर्शन किया। इस हड़ताल के कारण किसानों को खाद का गंभीर संकट झेलना पड़ रहा है।
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जिले की सभी 41 सहकारी समितियों के सचिव, प्रभारी सचिव और समस्त कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। उनकी मुख्य मांग जिला स्तर पर राज्यकोष सहायता से वेतन दिए जाने की है। शहर में कलक्ट्रेट रोड पर स्थित सहकारी बी पैक्स समिति पर कई किसान खाद लेने पहुंचे। लेकिन सचिवों की हड़ताल के चलते समिति पर किसी किसान को खाद का वितरण नहीं किया गया। किसानों को खाली हाथ मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। समितियों पर खाद वितरण की जगह एक तख्ती लगी थी, जिस पर हड़ताल की जानकारी थी।
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किसानों पर असर
इस अनिश्चितकालीन हड़ताल से किसानों को खाद कब मिलेगी, इसकी कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। रबी की फसल के लिए खाद की आवश्यकता होने से किसान परेशान हैं। खाद न मिलने से उनकी फसल बोआई और वृद्धि प्रभावित हो सकती है। यह स्थिति किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
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फैक्ट फाइल---
समितियां-41
सचिव-06
प्रभारी सचिव-34
डीएपी उपलब्धता-6,906 मीट्रिक टन
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फोटो-22
कैप्सन-उजबक सिंह।
आठ दिनों से खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। अब समितियों के सचिव व कर्मचारी हड़ताल पर चले गए हैं। इससे अब रबी की फसल के लिए खाद को परेशान होना पड़ रहा है। दुकानों पर जाएं तो वहां खाद महंगी बिक रही है।
-उजबक सिंह, किसान, ग्राम जिजयावन।
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फोटो-23
कैप्सन-रामबगस।
कई दिनों से समिति पर खाद के लिए आ रहे हैं, लेकिन खाद नहीं मिल पा रही है। सोमवार को यहां आने पर पता चला सचिव हड़ताल पर हैं। दुकानों पर पंद्रह सौ से दो हजार तक में डीएपी मिल रही है। अब ऐसे में खाद के लिए कहां जाएं।
-रामबगस, किसान, ग्राम रमेशरा।
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सचिवों की हड़ताल की भेंट चढ़ी रबी की बुवाई
फोटो-08, 09
गोदाम में डीएपी खाद और खेत में सूख रहा पलेवा
बिरधा। बी-पैक्स बहुउद्देशीय सहकारी किसान समितियों के सचिवों की हड़ताल के चलते जिले की सहकारी समितियों में डीएपी खाद का वितरण ठप पड़ा है। समितियों के गोदामों में हजारों बोरी खाद भरी पड़ी है, लेकिन सचिवों के हड़ताल पर होने से किसानों को खाद नहीं मिल पा रही है। समय पर खाद न मिलने से पलेवा किए हुए खेत सूख रहे हैं, जिससे रबी की बोआई पिछड़ने के आसार हैं। सचिव अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं और समितियों पर ताला लटका है।
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फोटो-04
कैप्सन-हरगोविंद झा।
आठ दिन पहले पलेवा किया था। डीएपी खाद के लिए 4 दिन से समिति के चक्कर काट रहा हूं। सचिव कहते हैं हड़ताल पर हैं। खेत में दरारें पड़ गई हैं, खेत सूखने की कगार पर है।

-हरगोविंद झा, किसान, बिरधा।
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फोटो-05
कैप्सन-पूरन सिंह बुंदेला।
समिति में खाद रखी है सचिवों की हड़ताल के कारण खाद नहीं पर मिल रही हैं। सरकार कहती है वो किसान हितैषी है, यहां किसान समिति के बाहर खड़ा रो रहा है।
- पूरन सिंह बुंदेला स्थानीय किसान कलरव
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फोटो-06
कैप्सन-मनीराम साहू।
पिछले कई दिनों से डीएपी खाद के लिए समिति के चक्कर लगा रहे हैं। समिति पर खाद होने के बावजूद भी किसानों को खाद नहीं मिल रहा है। -मनीराम साहू, किसान, बिरधा।
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फोटो-07
कैप्सन-देवी सिंह।
सरकार समितियों पर डीएपी खाद वितरण के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था करे जिससे किसानों को खाद मिल सके और किसानों के सूख रहे खेतों की बोआई हो सके।
-देवी सिंह। किसान, बिरधा।
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जिले के सभी सचिवों की लखनऊ में हड़ताल चल रही है। मंगलवार को संभवतः हड़ताल खत्म हो जाएगी तो सभी समितियों पर डीएपी खाद वितरण किया जाएगा।
-अर्विन मेहर सिंह, एआर कॉपरेटिव।
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