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गैर इरादतन हत्या में सगे भाई सहित चार अभियुक्तों को सात वर्ष का कारावास
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ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (प्रथम) शबिस्तां आकिल ने करीब साढ़े दस वर्ष पहले थाना पूराकलां के ग्राम बिरधा में हुई गैर इरादतन हत्या के मामले में चार अभियुक्तों को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 64 हजार अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड जमा न करने पर अतिरिक्त सजा का प्रावधान किया है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव लिटौरिया के मुताबिक थाना पूराकलां के अंतर्गत ग्राम बिरधा निवासी चरन सिंह ने तीन अप्रैल 2011 को थाना पूराकलां पुुलिस को दी तहरीर में बताया था कि शाम को वह हार वाले कुआं से घर वापस आ रहा था। साथ में पत्नी शीला, भतीजा सवाई पुत्र सोन सिंह व बेटा रामराजा भी थे। जैसे ही वह कुआं वाले रास्ते पर आए तभी पुरानी रंजिश को लेकर गांव के हरीमोहन, अरविंद, लालाराम, ब्रजेश ने लाठी-डंडों से उन लोगों पर हमला कर दिया।
घटना में भतीजा सवाई गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने घायल को उपचार के लिए झांसी भेज दिया। उपचार के दौरान सवाई की छह अप्रैल को मौत हो गई। आठ अप्रैल 2011 को पुलिस ने मुकदमा गैर इरादतन हत्या में तब्दील कर विवेचना शुरू कर दी।
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विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे में सुनवाई के बाद शनिवार को अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त ब्रजेश पुत्र बालाराम लोधी, हरिमोहन पुत्र बालाराम, अरविंद पुत्र लालाराम, लालाराम पुत्र जालिम सिंह को गैर इरादतन हत्या केे आरोप में दोषी पाते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 64 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संजीव लिटौरिया के मुताबिक थाना पूराकलां के अंतर्गत ग्राम बिरधा निवासी चरन सिंह ने तीन अप्रैल 2011 को थाना पूराकलां पुुलिस को दी तहरीर में बताया था कि शाम को वह हार वाले कुआं से घर वापस आ रहा था। साथ में पत्नी शीला, भतीजा सवाई पुत्र सोन सिंह व बेटा रामराजा भी थे। जैसे ही वह कुआं वाले रास्ते पर आए तभी पुरानी रंजिश को लेकर गांव के हरीमोहन, अरविंद, लालाराम, ब्रजेश ने लाठी-डंडों से उन लोगों पर हमला कर दिया।
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घटना में भतीजा सवाई गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने घायल को उपचार के लिए झांसी भेज दिया। उपचार के दौरान सवाई की छह अप्रैल को मौत हो गई। आठ अप्रैल 2011 को पुलिस ने मुकदमा गैर इरादतन हत्या में तब्दील कर विवेचना शुरू कर दी।
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विवेचक ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमे में सुनवाई के बाद शनिवार को अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए अभियुक्त ब्रजेश पुत्र बालाराम लोधी, हरिमोहन पुत्र बालाराम, अरविंद पुत्र लालाराम, लालाराम पुत्र जालिम सिंह को गैर इरादतन हत्या केे आरोप में दोषी पाते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 64 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी सुनाई है।