फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   sentence 10 year rape abduction

पॉक्सो एक्ट में दोषी अपराधी को दस वर्ष की सजा, भेजा जेल

Fri, 27 Nov 2020 01:38 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 27 Nov 2020 01:38 AM IST
विज्ञापन
sentence 10 year rape abduction
court.jpeg - फोटो : court.jpeg
ललितपुर। छह साल पहले किशोरी का अपहरण करके उसके साथ दुुष्कर्म करने के आरोप में अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) चंद्रमोहन श्रीवास्तव की अदालत ने दो साल पहले दोष सिद्ध अपराधी के न्यायालय में आत्मसमर्पण करने पर बृहस्पतिवार को दस वर्ष के कारावास और तीस हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने दो साल पहले सुनवाई पूरी करने के बाद अभियुक्त को दोषी पाया था, लेकिन वह न्यायालय में पेश नहीं हुआ और फरार चल रहा था। उसके आत्मसमर्पण करने के बाद सजा सुनाई गई।
विज्ञापन

थाना मड़ावरा के अंतर्गत एक गांव निवासी व्यक्ति ने छह साल पहले थाने में तहरीर देकर बताया था कि 11 अक्तूबर 2014 को शाम पांच बजे उसकी 15 वर्षीय पुत्री दुकान पर बिस्कुट लेने गई थी। जब काफी समय तक नहीं लौटी तो उसकी खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चल सका। बाद में पता चला कि थाना गिरार के अंतर्गत ग्राम धौरीसागर निवासी हल्ले उर्फ सुरपाल पुत्र हरदास यादव का गांव में आना- जाना था। वही उसकी बेटी को बहला- फुसलाकर ले गया। बेटी की तलाश करते हुए वह ग्राम धौरीसागर पहुंचा, लेकिन वह नहीं मिला। 15 अक्तूबर 2014 को उसने थाने में रिपोर्ट लिखाई। फिर 27 अक्तूबर 2014 को किशोरी की बरामदगी की गई। किशोरी का जिला चिकित्सालय में चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद न्यायालय में बयान दर्ज कराए थे। इसके बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत कर दिए थे।
विज्ञापन

अपर सत्र न्यायाधीश उमेश कुमार सिरोही की अदालत ने सुनवाई पूरी होने पर 30 जून 2018 को उक्त मामले में अभियुक्त हल्ले उर्फ सुरपाल पर दोष सिद्ध पाया गया, लेकिन उस समय अभियुक्त न्यायालय में पेश नहीं हुआ था। इस पर उसके खिलाफ न्यायालय ने गैर जमानती वारंट और कुर्की का आदेश जारी कर दिया था। बाद में सुरपाल ने एडीजे पॉक्सो कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। बृहस्पतिवार को न्यायालय ने उक्त मामले में सुनवाई करते हुए दोषी को दस वर्ष के कारावास और 30 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। जुर्माना अदा होने पर अस्सी प्रतिशत राशि पीड़िता को देने के आदेश दिए। उक्त मामले की पैरवी सहायक शासकीय अधिवक्ता बृजेंद्र सिंह यादव ने की।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed