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घनी बस्ती में बिक रहे पटाखे
lalitpur
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:54 AM IST
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crackers
- फोटो : demo
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सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों के प्रयोग से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण के लिए भले ही विस्तृत आदेश जारी कर दिए हो, लेकिन जिले की घनी बस्तियों में पूर्व से संचालित दुकानों पर सुरक्षा के इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। इससे बस्ती के लोग डरे हुए हैं, पर प्रशासन मौन है।
सुप्रीम कोर्ट ने ध्वनि और वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के मकसद से आतिशबाजी के प्रयोग के लिए समय शाम छह से रात्रि दस बजे तक निर्धारित कर दिया है। शासन न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जुट गया है। डीएम ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया कि पुलिस को साउंड मीटर्स उपलब्ध कराया जाएगा। पटाखों की बिक्री का लाइसेंस देते समय उनकी गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी।
दीपावली के पर्व पर ध्वनि प्रदूषण पर लगाए नियंत्रणों से प्राप्त होने वाले परिणामों की समीक्षा की जाएगी, साथ ही ध्वनि प्रदूषण की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। ध्वनि प्रदूषण के खतरों से आम जनता को अवगत कराने की कार्रवाई में मीडिया से सहयोग लेने के लिए कहा गया है। लेकिन पूर्व से घनी बस्तियों में संचालित पटाख/आतिशबाजी की दुकानों पर सुरक्षा के इंतजाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। कुछ दुकानें तो गलियों में खुली हैं जहां हादसे की स्थिति में अग्निशमन वाहन का पहुंचना मुश्किल है। वहीं, कई दुकानों पर अग्निशमन यंत्र, बालू से भरी बाल्टी व पानी नहीं दिख रहा है, ऐसे में सुरक्षा का खतरा बना हुआ है। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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यहां इतनी हैं संचालित दुकानें
तालबेहट में चार, महरौनी और मड़ावरा में दो-दो दुकानें संचालित हैं। तालबेहट के दुकानदारों को बेचने के साथ पटाखे बनाने का लाइसेंस हैं। मड़ावरा व महरौनी में दो-दो दुकानदारों को देशी पटाखे बनाने का लाइसेंस दिया गया है जबकि शहर ललितपुर में रेडिमेड पटाखों की बिक्री का ही लाइसेंस है।
तुवन मंदिर में लगेगा पटाखा बाजार
दीपावली पर्व को ध्यान में रखकर तुवन मंदिर परिसर में अस्थाई पटाखा बाजार लगाया जाएगा। इसमें लाटरी सिस्टम में दुकानों का आवंटन होगा। इस परिसर कुल पचास दुकान लगाई जाएगी।
सुरक्षा के इंतजाम करने होंगे
जो दुकानदार नियम कायदे नहीं मानेगा, उन्हें दुकान का आवंटन नहीं किया जाएगा। दुकानदार को सुरक्षा के पुख्ता के इंतजाम करने होंगे। इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं दी जाएगी।
घनश्याम वर्मा, एसडीएम सदर
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सुप्रीम कोर्ट ने ध्वनि और वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाने के मकसद से आतिशबाजी के प्रयोग के लिए समय शाम छह से रात्रि दस बजे तक निर्धारित कर दिया है। शासन न्यायालय के आदेश के अनुपालन में जुट गया है। डीएम ने दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसमें कहा गया कि पुलिस को साउंड मीटर्स उपलब्ध कराया जाएगा। पटाखों की बिक्री का लाइसेंस देते समय उनकी गुणवत्ता की भी जांच की जाएगी।
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दीपावली के पर्व पर ध्वनि प्रदूषण पर लगाए नियंत्रणों से प्राप्त होने वाले परिणामों की समीक्षा की जाएगी, साथ ही ध्वनि प्रदूषण की नियमित जांच के निर्देश दिए गए हैं। ध्वनि प्रदूषण के खतरों से आम जनता को अवगत कराने की कार्रवाई में मीडिया से सहयोग लेने के लिए कहा गया है। लेकिन पूर्व से घनी बस्तियों में संचालित पटाख/आतिशबाजी की दुकानों पर सुरक्षा के इंतजाम दिखाई नहीं दे रहे हैं। कुछ दुकानें तो गलियों में खुली हैं जहां हादसे की स्थिति में अग्निशमन वाहन का पहुंचना मुश्किल है। वहीं, कई दुकानों पर अग्निशमन यंत्र, बालू से भरी बाल्टी व पानी नहीं दिख रहा है, ऐसे में सुरक्षा का खतरा बना हुआ है। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
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यहां इतनी हैं संचालित दुकानें
तालबेहट में चार, महरौनी और मड़ावरा में दो-दो दुकानें संचालित हैं। तालबेहट के दुकानदारों को बेचने के साथ पटाखे बनाने का लाइसेंस हैं। मड़ावरा व महरौनी में दो-दो दुकानदारों को देशी पटाखे बनाने का लाइसेंस दिया गया है जबकि शहर ललितपुर में रेडिमेड पटाखों की बिक्री का ही लाइसेंस है।
तुवन मंदिर में लगेगा पटाखा बाजार
दीपावली पर्व को ध्यान में रखकर तुवन मंदिर परिसर में अस्थाई पटाखा बाजार लगाया जाएगा। इसमें लाटरी सिस्टम में दुकानों का आवंटन होगा। इस परिसर कुल पचास दुकान लगाई जाएगी।
सुरक्षा के इंतजाम करने होंगे
जो दुकानदार नियम कायदे नहीं मानेगा, उन्हें दुकान का आवंटन नहीं किया जाएगा। दुकानदार को सुरक्षा के पुख्ता के इंतजाम करने होंगे। इसमें किसी प्रकार की ढिलाई नहीं दी जाएगी।
घनश्याम वर्मा, एसडीएम सदर