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कृषि विभाग ने रबी की बुवाई का लक्ष्य तय किया
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कृषि विभाग ने रबी की बुवाई का लक्ष्य तय किया
ललितपुर। बारिश से नष्ट हुई खरीफ फसल की कटाई के बाद अब कृषि विभाग ने रबी फसल की बुवाई का लक्ष्य तय कर दिया है, जिसमें 306896 हेक्टेयर में बुवाई होगी। इसमें सबसे अधिक 172384 हेक्टेयर में गेहूं और 75122 हेक्टेयर में मटर की बुवाई होगी। हालांकि खरीफ फसल बर्बाद होने से कई किसान आर्थिक कमजोरी के चलते बुवाई की तैयारियों को लेकर चिंतित हैं।
अक्तूबर माह के दो सप्ताह बाद से रबी की फसल की बुवाई का समय शुरू हो जाता है। सीजन की शुरुआत में पहले किसान चना और मटर की बुवाई करते हैं। किसानों ने चना और मटर की बुवाई के लिए खेतों की सफाई और जुताई अभी शुरू करना अधिक आवश्यक है। खरीफ के नुकसान के बाद भी आगामी फसल की अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाकर खेतों की सफाई व जुताई का कार्य शुरू कर दिया है। अब कुछ ही दिनों में किसान खेतों में पलेवा कर बुवाई शुरू कर देंगे।
बीते अगस्त माह में जनपद में कई स्थानों पर खरीफ फसल की बारिश से नष्ट हो गईं थी। जिसके चलते किसानों को अधिक नुकसान हो गया है। किसान अपने नुकसान की भरपाई के लिए रबी की फसल करने के लिए जुट गए हैं। वहीं कृषि विभाग ने भी रबी की बुवाई का लक्ष्य तय कर दिया है। इस बार 306896 हेक्टेयर में बुवाई होगी। इसमें निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 1,72,384 हेक्टेयर में गेहूं की बुआई होगी। जिसमें 10,114 हेक्टेयर में जौ बोया जाएगा।
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चना की बुवाई 19,585 हेक्टेयर क्षेत्रफल में की जाएगी। 23496 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मसूर की फसल की बोई जाएगी। 75,122 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मटर की फसल बोई जाएगी। इसके अलावा तिलहन फसलों में 5,883 में सरसों और 172 हेक्टेयर में तोरिया की बुवाई की जाएगी। 135 हेक्टेयर के क्षेत्र में अलसी बोई जाएगी। लक्ष्य आने बाद रबी फसल में पैदावार में वृद्धि के लिए कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी जुट गए हैं। किसानों को अधिक पैदावार बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकी से खेती करने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
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लक्ष्य के सापेक्ष रबी फसलों की बुवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती के लिए जागरूक किया जा रहा है।
राजीव कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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ललितपुर। बारिश से नष्ट हुई खरीफ फसल की कटाई के बाद अब कृषि विभाग ने रबी फसल की बुवाई का लक्ष्य तय कर दिया है, जिसमें 306896 हेक्टेयर में बुवाई होगी। इसमें सबसे अधिक 172384 हेक्टेयर में गेहूं और 75122 हेक्टेयर में मटर की बुवाई होगी। हालांकि खरीफ फसल बर्बाद होने से कई किसान आर्थिक कमजोरी के चलते बुवाई की तैयारियों को लेकर चिंतित हैं।
अक्तूबर माह के दो सप्ताह बाद से रबी की फसल की बुवाई का समय शुरू हो जाता है। सीजन की शुरुआत में पहले किसान चना और मटर की बुवाई करते हैं। किसानों ने चना और मटर की बुवाई के लिए खेतों की सफाई और जुताई अभी शुरू करना अधिक आवश्यक है। खरीफ के नुकसान के बाद भी आगामी फसल की अच्छी पैदावार की उम्मीद लगाकर खेतों की सफाई व जुताई का कार्य शुरू कर दिया है। अब कुछ ही दिनों में किसान खेतों में पलेवा कर बुवाई शुरू कर देंगे।
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बीते अगस्त माह में जनपद में कई स्थानों पर खरीफ फसल की बारिश से नष्ट हो गईं थी। जिसके चलते किसानों को अधिक नुकसान हो गया है। किसान अपने नुकसान की भरपाई के लिए रबी की फसल करने के लिए जुट गए हैं। वहीं कृषि विभाग ने भी रबी की बुवाई का लक्ष्य तय कर दिया है। इस बार 306896 हेक्टेयर में बुवाई होगी। इसमें निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 1,72,384 हेक्टेयर में गेहूं की बुआई होगी। जिसमें 10,114 हेक्टेयर में जौ बोया जाएगा।
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चना की बुवाई 19,585 हेक्टेयर क्षेत्रफल में की जाएगी। 23496 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मसूर की फसल की बोई जाएगी। 75,122 हेक्टेयर क्षेत्रफल में मटर की फसल बोई जाएगी। इसके अलावा तिलहन फसलों में 5,883 में सरसों और 172 हेक्टेयर में तोरिया की बुवाई की जाएगी। 135 हेक्टेयर के क्षेत्र में अलसी बोई जाएगी। लक्ष्य आने बाद रबी फसल में पैदावार में वृद्धि के लिए कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी जुट गए हैं। किसानों को अधिक पैदावार बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक तकनीकी से खेती करने के लिए जागरूक भी किया जा रहा है।
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लक्ष्य के सापेक्ष रबी फसलों की बुवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती के लिए जागरूक किया जा रहा है।
राजीव कुमार, जिला कृषि अधिकारी