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मौसमी बीमारियों के मरीजों को इलाज का संकट

Sat, 28 Mar 2020 09:06 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 28 Mar 2020 09:06 PM IST
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Season ill front crisis in paisent
ललितपुर। कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण को लेकर अस्पतालों में भीड़ कम करने के लिए ओपीडी सेवा बंद होने और निजी अस्पतालों के बंद हो जाने से मौसमी बीमारियों के लगभग साढ़े तीन हजार मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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वर्तमान में दिन में निकलती धूप व रात्रि में पड़ रही सर्दी से मौसम में परिवर्तन हो रहा है। इससे मौसमी बीमारियां पनप रही हैं। इनमें फीवर, जुकाम, खांसी जैसी बीमारियों के मरीज अधिक बढ़ रहे हैं। इस समय सरकारी अस्पतालों व निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ लगी रही थी, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार ने अस्पताल में सरकारी में ओपीडी सेवा बंद कर दी है। अब सरकारी अस्पताल में केवल इमरजेंसी सेवा ही मुहैया हो पा रही है। जांचें को भी बंद कर दिया गया है। इससे मरीजों के सामने इलाज का संकट पैदा हो गया है। निजी अस्पताल व जांच के लिए पैथोलॉजी बंद कर दी गई हैं।
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जिला अस्पताल में जहां पर मौसमी बीमारियों के पनपने से मरीजों की संख्या डेढ़ हजार से अधिक पहुंच जाती थी। अन्य सीएचसी व पीएचसी पर लगभग दो हजार मरीज इलाज कराने के लिए पहुंचते थे। जब सरकारी की संख्या इतनी है तो तो निजी अस्पतालों की संख्या का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। लेकिन, ओपीडी सेवा बंद होने से जिले के लगभग साढ़े तीन हजार मरीजों को इलाज के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
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शासन ने भीड़ कम करने के लिए ओपीडी सेवा बंद कर दी है। अब अस्पतालों में केवल इमरजेंसी सेवा ही मुहैया कराई जा रही है।
- डॉ. प्रताप सिंह
मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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