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विभागीय पेंच में सब स्टेशनों का निर्माण अधूरा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 12 Aug 2016 01:28 AM IST
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bitut bibhag, lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था में सुधार लाने के लिए जनपद में 29.79 करोड़ रुपये की लागत से बनाए जा रहे छह विद्युत सब स्टेशन का निर्माण तय सीमा निकलने के बाद भी कुछ विभागीय पेंच तो कुुछ ठेकेदारों की सुस्ती के चलते पूरा नहीं हो सका है। जखौरा में 6.29 करोड़ रुपये, जाखलौन में 4.92 करोड़ रुपये, नेहरुनगर में 4.67 करोड़, बानपुर में 4.18 करोड़ रुपये, मिर्चवारा में 5.14 करोड़ रुपए और बंगरिया में 4.59 करोड़ रुपये में बनाया जाना है।
हालांकि सब स्टेशनों के निर्माण में देरी पर निर्माण लागत से दस प्रतिशत पेनाल्टी का भी प्रावधान है, लेकिन यह मात्र टेंडर से पूर्व की विभागीय प्रक्रिया मात्र तक ही सीमित है, अब तक ऐसे मामलों में कोई पेनाल्टी प्रक्रिया अमल में नहीं लाई जा सकी है, ऐसे में यह कार्य अब भी धीमी गति से चल रहा है।
जनपद में उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा प्रदेश शासन की योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में छह विद्युत सब स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इन सभी सब स्टेशनों का निर्माण सेकेंडरी वर्क्स झांसी द्वारा कार्यदाई संस्थाओं के माध्यम से कराया जा रहा है। इन सब स्टेशनों के निर्माण होने के बाद इनसे जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत तारों में आए दिन होने वाले फाल्ट, ओवरलोड व अन्य प्रकार की विद्युत समस्याओं से निजात मिल सकेगी और उपभोक्ताओं को भरपूर उचित क्षमता के साथ बिजली आपूर्ति मुहैया हो सकेगी।
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प्रदेश शासन द्वारा बुुंदेलखंड को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सब स्टेशनों का निर्माण और सब स्टेशनों की क्षमता वृद्धि कराई जा रही है, लेकिन विभागीय पेंच और कुछ ठेकेदारों के सुस्त रवैया के चलते इन सब स्टेशनों का निर्माण कार्य टेंडर की शर्तों के मुताबिक समय सीमा निकलने के बाद भी अब तक पूरा नहीं हो सका है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मिर्चवारा सब स्टेशन के लिए भूूमि आवंटन में देरी होना बताया गया, तो बंगरिया विद्युत सब स्टेशन के लिए प्रशासन द्वारा अब तक जमीन प्रस्ताव के बाद भी जमीन का आवंटन नहीं हो सका है।
बानपुर सब स्टेशन के लिए ढाई किलोमीटर हाइटेंशन लाइन बिछाने का प्लान बाद में बदलना पड़ा, तो वहीं जखौरा में रेलवे लाइन के पास हाइटेंशन लाइन की क्रॉसिंग रेलवे द्वारा स्वीकृति मिलने में देरी के कारण अटका रहा। हालांकि नेहरुनगर और जाखलौन विद्युत सब स्टेशनों का निर्माण कार्य लगभग पूरा होना बताया गया है, जो शीघ्र ही बिजली विभाग को हैंडओवर किए जा सकते हैं। लेकिन अब तक कोई भी सब स्टेशनों का निर्माण शत-प्रतिशत पूरा नहीं हो सका है,
जबकि टेंडर प्रक्रिया की शर्तों के अनुसार सब स्टेशनों के निर्माण में देरी पर कार्रदायी संस्था पर दस प्रतिशत पैनाल्टी वसूलने का प्रावधान किया गया है और यह पेनल्टी की वसूली सेकेंडरी वर्क्स द्वारा की जाती है, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है, यहां अब कार्रदाई संस्थाओं को छूट देते हुए टेंडर प्रक्रिया की समय सीमा में ही वृृद्धि करवा दी जाती है। ऐसे में प्रदेश शासन की ग्रामीण क्षेत्रों को भरपूर बिजली मुहैया कराने की मंशा में भी देरी होती नजर आ रही है।
सब स्टेशनों के निर्माण कार्य कुछ विभागीय व तकनीकी कमियों के चलते पूरा नहीं हो सका है। नेहरूनगर और जाखलौन सब स्टेशनों का निर्माण पीक पर है, जो शीघ्र ही पूरा होने पर बिजली विभाग को हैंडओवर किया जाएगा। मिर्चवारा, बंगरिया सब स्टेशनों के निर्माण में जमीन आवंटन के चलते देरी हुई है।
- अंकित वशिष्ठ, उपखंड अधिकारी सेकंडरी वर्क्स, झांसी।
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हालांकि सब स्टेशनों के निर्माण में देरी पर निर्माण लागत से दस प्रतिशत पेनाल्टी का भी प्रावधान है, लेकिन यह मात्र टेंडर से पूर्व की विभागीय प्रक्रिया मात्र तक ही सीमित है, अब तक ऐसे मामलों में कोई पेनाल्टी प्रक्रिया अमल में नहीं लाई जा सकी है, ऐसे में यह कार्य अब भी धीमी गति से चल रहा है।
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जनपद में उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा प्रदेश शासन की योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में छह विद्युत सब स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इन सभी सब स्टेशनों का निर्माण सेकेंडरी वर्क्स झांसी द्वारा कार्यदाई संस्थाओं के माध्यम से कराया जा रहा है। इन सब स्टेशनों के निर्माण होने के बाद इनसे जुड़े ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत तारों में आए दिन होने वाले फाल्ट, ओवरलोड व अन्य प्रकार की विद्युत समस्याओं से निजात मिल सकेगी और उपभोक्ताओं को भरपूर उचित क्षमता के साथ बिजली आपूर्ति मुहैया हो सकेगी।
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प्रदेश शासन द्वारा बुुंदेलखंड को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सब स्टेशनों का निर्माण और सब स्टेशनों की क्षमता वृद्धि कराई जा रही है, लेकिन विभागीय पेंच और कुछ ठेकेदारों के सुस्त रवैया के चलते इन सब स्टेशनों का निर्माण कार्य टेंडर की शर्तों के मुताबिक समय सीमा निकलने के बाद भी अब तक पूरा नहीं हो सका है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मिर्चवारा सब स्टेशन के लिए भूूमि आवंटन में देरी होना बताया गया, तो बंगरिया विद्युत सब स्टेशन के लिए प्रशासन द्वारा अब तक जमीन प्रस्ताव के बाद भी जमीन का आवंटन नहीं हो सका है।
बानपुर सब स्टेशन के लिए ढाई किलोमीटर हाइटेंशन लाइन बिछाने का प्लान बाद में बदलना पड़ा, तो वहीं जखौरा में रेलवे लाइन के पास हाइटेंशन लाइन की क्रॉसिंग रेलवे द्वारा स्वीकृति मिलने में देरी के कारण अटका रहा। हालांकि नेहरुनगर और जाखलौन विद्युत सब स्टेशनों का निर्माण कार्य लगभग पूरा होना बताया गया है, जो शीघ्र ही बिजली विभाग को हैंडओवर किए जा सकते हैं। लेकिन अब तक कोई भी सब स्टेशनों का निर्माण शत-प्रतिशत पूरा नहीं हो सका है,
जबकि टेंडर प्रक्रिया की शर्तों के अनुसार सब स्टेशनों के निर्माण में देरी पर कार्रदायी संस्था पर दस प्रतिशत पैनाल्टी वसूलने का प्रावधान किया गया है और यह पेनल्टी की वसूली सेकेंडरी वर्क्स द्वारा की जाती है, लेकिन सच्चाई कुछ और ही है, यहां अब कार्रदाई संस्थाओं को छूट देते हुए टेंडर प्रक्रिया की समय सीमा में ही वृृद्धि करवा दी जाती है। ऐसे में प्रदेश शासन की ग्रामीण क्षेत्रों को भरपूर बिजली मुहैया कराने की मंशा में भी देरी होती नजर आ रही है।
सब स्टेशनों के निर्माण कार्य कुछ विभागीय व तकनीकी कमियों के चलते पूरा नहीं हो सका है। नेहरूनगर और जाखलौन सब स्टेशनों का निर्माण पीक पर है, जो शीघ्र ही पूरा होने पर बिजली विभाग को हैंडओवर किया जाएगा। मिर्चवारा, बंगरिया सब स्टेशनों के निर्माण में जमीन आवंटन के चलते देरी हुई है।
- अंकित वशिष्ठ, उपखंड अधिकारी सेकंडरी वर्क्स, झांसी।