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महिला शिक्षा की पैरोकार थी सावित्री बाई फुले
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 11 Mar 2017 12:36 AM IST
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- फोटो : demo
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साईं ज्योति संस्था ललितपुर द्वारा सहरिया जन अधिकार परियोजना के अंतर्गत सावित्री बाई फुले के 120 वें परिनिर्वाण दिवस पर महिला संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि के रूप में समाज सेविका ऊषा जायसवाल, विशिष्ट अतिथि प्रीति व्यास दीक्षित, पहलवान गुरुदीन महिला महाविद्यालय की प्राचार्या सूफिया और कन्या रावर इंटर कालेज की अध्यापिका भावना राठौर रही।
कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए सांई ज्योति संस्था के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं का शिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सावित्री बाई फुले जी ने अपना सारा जीवन महिलाओं विशेषकर वंचित समुदाय महिलाओं की शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा के लिए बहुत संघर्ष किया। इन्होंने अपने जीवनकाल में महिलाओं के लिए 18 स्कूल खोले।
समाज सेविका ऊषा जायसबाल ने कहा कि हमें ऐसी महान विभूतियों पर गर्व है, जिन्होंने महिलाओं की शिक्षा के लिए कार्य किया गया है। कार्यक्रम के संबोधित करते हुए रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित प्रीति व्यास दीक्षित ने कहा कि शिक्षा बालिकाओं का अधिकार है और हर हालत में यह अधिकार उन्हें मिलना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों और अतिथियों द्वारा बालिका शिक्षा के लिए संकल्प लिया गया।
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कार्यक्रम में साईं ज्योति संस्था के रमन शर्मा, रोहित बैन्जामिन, सिद्ध गोपाल सिंह, यासमीन जहां, अजय प्रताप, राजीव मिश्रा, विनय श्रीवास्तव, हीरालाल, रचना प्रजापति, प्रीति सहरिया, कमलेष अहिरवार, संजू अहिरवार, निसार खान, मीरा सहरिया आदि उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन महेश रिछारिया ने किया और आभार अरविंद चतुर्वेदी ने व्यक्त किया।
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कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए सांई ज्योति संस्था के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि समाज को आगे बढ़ाने के लिए महिलाओं का शिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सावित्री बाई फुले जी ने अपना सारा जीवन महिलाओं विशेषकर वंचित समुदाय महिलाओं की शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने महिलाओं की शिक्षा के लिए बहुत संघर्ष किया। इन्होंने अपने जीवनकाल में महिलाओं के लिए 18 स्कूल खोले।
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समाज सेविका ऊषा जायसबाल ने कहा कि हमें ऐसी महान विभूतियों पर गर्व है, जिन्होंने महिलाओं की शिक्षा के लिए कार्य किया गया है। कार्यक्रम के संबोधित करते हुए रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार से सम्मानित प्रीति व्यास दीक्षित ने कहा कि शिक्षा बालिकाओं का अधिकार है और हर हालत में यह अधिकार उन्हें मिलना चाहिए। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों और अतिथियों द्वारा बालिका शिक्षा के लिए संकल्प लिया गया।
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कार्यक्रम में साईं ज्योति संस्था के रमन शर्मा, रोहित बैन्जामिन, सिद्ध गोपाल सिंह, यासमीन जहां, अजय प्रताप, राजीव मिश्रा, विनय श्रीवास्तव, हीरालाल, रचना प्रजापति, प्रीति सहरिया, कमलेष अहिरवार, संजू अहिरवार, निसार खान, मीरा सहरिया आदि उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन महेश रिछारिया ने किया और आभार अरविंद चतुर्वेदी ने व्यक्त किया।