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सावन तीज : झूले में विराजे भगवान
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हरियाली तीज पर झूलों पर रंग रोगन कर सजाती महिला
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। सावन तीज के दिन शहर के कई मंदिरों में भगवान बांकेबिहारी के लिए झूले डाले गए। इसके बाद साज- सज्जा कर विधि विधान के साथ भगवान को झूला में विराजमान कराया गया। मंदिरों में देर शाम को झूला डाले गए। घरों में भी श्रद्धालुओं ने भगवान के लिए झूला डाले।
बृहस्पतिवार को विभिन्न मंदिरों में सावन तीज के पर्व पर मंदिरों में पुजारियों ने भगवान बांकेबिहारी के लिए विशेष झूले सजा कर डलवाए। मंदिरों में कई दिनों से तैयारियां होती हैं, लेकिन इस बार कोरोना महामारी का असर मंदिरों में भी देखने को मिल रहा है। मंदिरों में सीमित संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। लेकिन, मंदिर समितियों द्वारा परंपरा को पूर्ण विधि-विधान के साथ निभाया जा रहा है।
शहर के श्रीजगदीश मंदिर, तुवन मंदिर, चंडी माता मंदिर, बड़ा मंदिर चौबयाना, मुरली मनोहर मंदिर रावरपुरा, मदन मोहनजी मंदिर महावीरपुरा, श्रीरामराजा मंदिर, श्री नरसिंह मंदिर, छोटी देवी माता मंदिर सहित सभी मंदिरों में पुजारियों द्वारा झूला की परंपरा को निभाया गया। मंदिरों में देर शाम को सावन तीज के झूला डाले गए। भगवान बांके बिहारी को श्रद्धा भाव के साथ उनमें विराजमान किया गया। महिला श्रद्धालुओं द्वारा मंगल गीत गाए गए। झूला डालने के बाद मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। कुछ श्रद्धालुओं ने घरों में भी भगवान के लिए झूला डाले और पूजा अर्चना के साथ भगवान को झूलों में विराजमान किया।
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सावन तीज पर मंदिरों व घरों में भगवान बांके बिहारी के लिए झूला डालने की परंपरा के कारण बाजारों में आकर्षक झूला बेचे गया। इसके लिए दुकानदारों ने लकड़ी व अन्य धातुओं के झूला तैयार किए थे। लकड़ी के झूला बाजारों में 50 रुपये से लेकर 250 रुपये तक बेचे गए। पानी की बड़ी टंकी के पास बीएसए कार्यालय के नजदीक एक महिला ने लकड़ी के आकर्षक भगवान के लिए झूले तैयार किए।
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बृहस्पतिवार को विभिन्न मंदिरों में सावन तीज के पर्व पर मंदिरों में पुजारियों ने भगवान बांकेबिहारी के लिए विशेष झूले सजा कर डलवाए। मंदिरों में कई दिनों से तैयारियां होती हैं, लेकिन इस बार कोरोना महामारी का असर मंदिरों में भी देखने को मिल रहा है। मंदिरों में सीमित संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। लेकिन, मंदिर समितियों द्वारा परंपरा को पूर्ण विधि-विधान के साथ निभाया जा रहा है।
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शहर के श्रीजगदीश मंदिर, तुवन मंदिर, चंडी माता मंदिर, बड़ा मंदिर चौबयाना, मुरली मनोहर मंदिर रावरपुरा, मदन मोहनजी मंदिर महावीरपुरा, श्रीरामराजा मंदिर, श्री नरसिंह मंदिर, छोटी देवी माता मंदिर सहित सभी मंदिरों में पुजारियों द्वारा झूला की परंपरा को निभाया गया। मंदिरों में देर शाम को सावन तीज के झूला डाले गए। भगवान बांके बिहारी को श्रद्धा भाव के साथ उनमें विराजमान किया गया। महिला श्रद्धालुओं द्वारा मंगल गीत गाए गए। झूला डालने के बाद मंदिरों में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। कुछ श्रद्धालुओं ने घरों में भी भगवान के लिए झूला डाले और पूजा अर्चना के साथ भगवान को झूलों में विराजमान किया।
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सावन तीज पर मंदिरों व घरों में भगवान बांके बिहारी के लिए झूला डालने की परंपरा के कारण बाजारों में आकर्षक झूला बेचे गया। इसके लिए दुकानदारों ने लकड़ी व अन्य धातुओं के झूला तैयार किए थे। लकड़ी के झूला बाजारों में 50 रुपये से लेकर 250 रुपये तक बेचे गए। पानी की बड़ी टंकी के पास बीएसए कार्यालय के नजदीक एक महिला ने लकड़ी के आकर्षक भगवान के लिए झूले तैयार किए।