{"_id":"5f037d288ebc3e43034b1cde","slug":"savan-first-somvar-lalitpur-news-jhs1709123147","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावन के पहले सोमवार को मूंदिरों में पहुंचे गिने चुने श्रद्घालु","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावन के पहले सोमवार को मूंदिरों में पहुंचे गिने चुने श्रद्घालु
विज्ञापन
सावन के पहले सोमवार को सुम्मेरा तालाब पर शिवजी की पूजा करतीं महिलाएं
- फोटो : LALITPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ललितपुर। सावन माह के पहले सोमवार को शहर के विभिन्न शिव मंदिरों में कोरोना काल का असर देखने को मिला। मंदिरों में पूजा अर्चन के लिए गिने चुने श्रद्धालु पहुंचे और साधारण पूजा पाठ किया। मास्क और सोशल डिस्टेंस का भी ध्यान रखा गया। मंदिरों में भीड़ न जुटे इसके लिए पुलिस का पहरा भी बना रहा।
श्रावण माह का पहला सोमवार होने के कारण शहर के घंटाघर स्थित थानेश्वर मंदिर, सीतापाठ स्थित हजारिया महादेव मंदिर, चंडी माता मंदिर स्थित शिव मंदिर, सुम्मेरा तालाब स्थित शिव मंदिर एवं तुवन मंदिर स्थित शिव मड़िया में इस बार साधारण तरीके से पूजा अर्चना की गई। थानेश्वर मंदिर, चंडी मंदिर एवं सुम्मेरा तालाब मंदिर में हर वर्ष सावन के माह में शिवलिंग निर्माण और अभिषेक कार्यक्रम भव्य तरीके से होते थे। लेकिन, इस बार कोरोना महामारी से बचाव के लिए शासन की गाइड लाइन के तहत मंदिरों में गिने चुने लोगों ने ही अभिषेक किया और बेलपत्र अर्पित किए।
थानेश्वर मंदिर के पुजारी सीताराम पुरोहित ने कहा कि लोग घरों में रहकर भी भगवान शिव की पूजा अर्चना, आराधना एवं शिवलिंग निर्माण कर सकते हैं।
विज्ञापन
श्रावण माह का पहला सोमवार होने के कारण शहर के घंटाघर स्थित थानेश्वर मंदिर, सीतापाठ स्थित हजारिया महादेव मंदिर, चंडी माता मंदिर स्थित शिव मंदिर, सुम्मेरा तालाब स्थित शिव मंदिर एवं तुवन मंदिर स्थित शिव मड़िया में इस बार साधारण तरीके से पूजा अर्चना की गई। थानेश्वर मंदिर, चंडी मंदिर एवं सुम्मेरा तालाब मंदिर में हर वर्ष सावन के माह में शिवलिंग निर्माण और अभिषेक कार्यक्रम भव्य तरीके से होते थे। लेकिन, इस बार कोरोना महामारी से बचाव के लिए शासन की गाइड लाइन के तहत मंदिरों में गिने चुने लोगों ने ही अभिषेक किया और बेलपत्र अर्पित किए।
विज्ञापन
थानेश्वर मंदिर के पुजारी सीताराम पुरोहित ने कहा कि लोग घरों में रहकर भी भगवान शिव की पूजा अर्चना, आराधना एवं शिवलिंग निर्माण कर सकते हैं।