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वेतन नहीं मिलने से संविदा कर्मियों ने की हड़ताल
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ललितपुर। बिजली विभाग के संविदा कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को वेतन भत्ता समय से दिलाए जाने की मांग की है। इसके अलावा सुरक्षा उपकरण, संविदाकारों को ई-पहचान पत्र दिलाए जाने, कर्मचारियों को जीवन यापन भत्ता दिलाए जाने संबंधी सात सूत्रीय मांगों को लेकर अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना देकर एक दिन की हड़ताल की। इस कारण कई जगह बिजली व्यवस्था भी बाधित रही।
ज्ञापन में बताया गया कि उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा बिजली विभाग की नीतियों का उल्लंघन कर नियमित तरीके से कार्यों को संविदा कर्मचारियों के माध्यम से कराया जा रहा है। कार्पोरेशन प्रबंधन व ठेकेदारों एवं संविदा कर्मचारियों के मध्य श्रमिक का अनुबंध किया जाता है, जबकि कार्य 440, 11 हजार एवं 33 हजार वोल्ट की लाइनों, स्विच गियरों एवं ब्रेकरों पर लिया जा रहा है, जो घातक प्रकृृति का होता है। इन कर्मचारियों से मीटर रीडिंग, कंप्यूटर, ऑपरेटिंग, ट्रांसफार्मर, रिपेयरिंग जैसे तकनीकी कार्य कराया जा रहा है। इसके बदले उन्हें छह हजार रुपये से 9700 रुपये तक ही दिया जा रहा है। जिससे कर्मचारियों को परिवार के भरण पोषण में भी परेशानी हो रही है। कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा जहां एक ओर सैनिक कल्याण निगम से तैनात आउससोर्सिंग कर्मचारियों का अनुबंध 24 हजार का किया जाता है, तो वहीं दूसरी ओर ठेकेदारों के माध्यम से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का अनुबंध 11 हजार का किया जा रहा है। जिससे कर्मचारियों के मन में असंतोष है। अकुशल संविदा कर्मचारियों से दबाव बनाकर एचटी लाइन का कार्य कराया जा रहा है, जिससे दुर्घटनाएं हो जाती है। इससे कभी कभी कर्मचारी की मौत हो जाती है और जिनकी जान बच जाती है, वह अपंग हो जाते हैं और वह दूसरों पर निर्भर हो जाते हैं। इसका कारण है कि विभाग द्वारा उन्हें जीवन यापन भत्ता नहीं दिया जाता है। उन्होंने कर्मचारियों को जीवन यापन भत्ता दिलाने की मांग की है। संविदा कर्मचारियों ने सात सूत्रीय समस्याओं के लिए संघ द्वारा अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि 8 व 9 सितंबर को कार्य बहिष्कार कर पूरे प्रदेश में आंदोलन हुआ था, लेकिन उन्हें आश्वासन तो मिला, लेकिन कोई अमल नहीं किया गया। इसके चलते अब संविदा कर्मचारियों द्वारा कार्यबहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान विवेक कुमार श्रीवास्तव, विनय कुमार मिश्रा, छोटे लाल दुबे, उम्मेद, गंगाराम, प्रताप, बृजेश कुमार, सोनू खटीक, मनीष राम, ध्रुवपाल, नीलेश लोधी, रघुवीर, महेंद्र कुमार, रामाधर, भगत, प्रहलाद, देवी सिंह, वीरेंद्र सिंह, कुशल कुमार, किशन जाटव, देशराज कुशवाहा, देवेंद्र सिंह राजपूत, अमित कुमार, शब्बीर खान, रामराजा, अर्जुन कुशवाहा, कालूराम यादव, अजयच नरवरिया, उमाशंकर राजपूत, सुनील राजपूत, रूप सिंह, राजेश कुशवाहा, जगभान, इंद्रपाल, सुनील परिहार, जगत पाल, पर्वत सिंह, हरगोविंद, मुकेश, कुंदनलाल, रामसेवक, किशोरी समेत करीब 150 कर्मचारी शामिल रहे।
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ज्ञापन में बताया गया कि उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा बिजली विभाग की नीतियों का उल्लंघन कर नियमित तरीके से कार्यों को संविदा कर्मचारियों के माध्यम से कराया जा रहा है। कार्पोरेशन प्रबंधन व ठेकेदारों एवं संविदा कर्मचारियों के मध्य श्रमिक का अनुबंध किया जाता है, जबकि कार्य 440, 11 हजार एवं 33 हजार वोल्ट की लाइनों, स्विच गियरों एवं ब्रेकरों पर लिया जा रहा है, जो घातक प्रकृृति का होता है। इन कर्मचारियों से मीटर रीडिंग, कंप्यूटर, ऑपरेटिंग, ट्रांसफार्मर, रिपेयरिंग जैसे तकनीकी कार्य कराया जा रहा है। इसके बदले उन्हें छह हजार रुपये से 9700 रुपये तक ही दिया जा रहा है। जिससे कर्मचारियों को परिवार के भरण पोषण में भी परेशानी हो रही है। कार्पोरेशन प्रबंधन द्वारा जहां एक ओर सैनिक कल्याण निगम से तैनात आउससोर्सिंग कर्मचारियों का अनुबंध 24 हजार का किया जाता है, तो वहीं दूसरी ओर ठेकेदारों के माध्यम से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का अनुबंध 11 हजार का किया जा रहा है। जिससे कर्मचारियों के मन में असंतोष है। अकुशल संविदा कर्मचारियों से दबाव बनाकर एचटी लाइन का कार्य कराया जा रहा है, जिससे दुर्घटनाएं हो जाती है। इससे कभी कभी कर्मचारी की मौत हो जाती है और जिनकी जान बच जाती है, वह अपंग हो जाते हैं और वह दूसरों पर निर्भर हो जाते हैं। इसका कारण है कि विभाग द्वारा उन्हें जीवन यापन भत्ता नहीं दिया जाता है। उन्होंने कर्मचारियों को जीवन यापन भत्ता दिलाने की मांग की है। संविदा कर्मचारियों ने सात सूत्रीय समस्याओं के लिए संघ द्वारा अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि 8 व 9 सितंबर को कार्य बहिष्कार कर पूरे प्रदेश में आंदोलन हुआ था, लेकिन उन्हें आश्वासन तो मिला, लेकिन कोई अमल नहीं किया गया। इसके चलते अब संविदा कर्मचारियों द्वारा कार्यबहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। इस दौरान विवेक कुमार श्रीवास्तव, विनय कुमार मिश्रा, छोटे लाल दुबे, उम्मेद, गंगाराम, प्रताप, बृजेश कुमार, सोनू खटीक, मनीष राम, ध्रुवपाल, नीलेश लोधी, रघुवीर, महेंद्र कुमार, रामाधर, भगत, प्रहलाद, देवी सिंह, वीरेंद्र सिंह, कुशल कुमार, किशन जाटव, देशराज कुशवाहा, देवेंद्र सिंह राजपूत, अमित कुमार, शब्बीर खान, रामराजा, अर्जुन कुशवाहा, कालूराम यादव, अजयच नरवरिया, उमाशंकर राजपूत, सुनील राजपूत, रूप सिंह, राजेश कुशवाहा, जगभान, इंद्रपाल, सुनील परिहार, जगत पाल, पर्वत सिंह, हरगोविंद, मुकेश, कुंदनलाल, रामसेवक, किशोरी समेत करीब 150 कर्मचारी शामिल रहे।
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