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सजनम बांध की नहर फटने से कई एकड़ में मटर की फसल डूबी
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- फोटो : dam.jpg
कलौथरा/ललितपुर। पाली तहसील अंतर्गत ग्राम कलौथरा में सजनम बांध की बायीं नहर के फटने से 35 से 40 एकड़ के क्षेत्र में खड़ी मटर की फसल पानी में डूूब गई है। इससे कई किसानों को लाखों रुपये के नुकसान होने का अनुमान जताया जा रहा है। इस मामले में सिंचाई विभाग के अफसरों की लापरवाही उजागर हो रही है।
ग्राम कलौथरा में सजनम बांध की बायीं नहर करीब एक साल पहले पक्की निर्मित की गई थी। इस दौरान इसकी गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। नतीजा यह हुआ कि इस नहर में लीकेज हो गया। विभागीय कर्मियों ने इसका स्थाई समाधान करने की जगह कामचलाऊ व्यवस्था को तरजीह दी। उन्होंने लीकेज को बंद करने के लिए मिट्टी से भरी बोरी नहर किनारे डाल दी। बीती रात करीब 2 बजे नहर फट गई, इससे लाखों की फसल पानी में डूब गई। इस समय मटर की फसल में फूल आ रहा था। खेत लबालब होने से फूल गिरने की संभावना जताई जा रही है। इससे किसानों को फसल में बड़ा नुकसान होने का अंदेशा है। उन्होंने फसल का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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हमारी करीब 2 एकड़ 50 डिसमिल जमीन में मटर बोयी गई है। सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण नहर फटी है। खेत में पानी भरने से मटर की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गयी है। किशन कुमार पटेल
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चार एकड़ में बोई गई मटर की फसल में नहर का पानी भर गया है। इससे फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। खेत से पानी की निकासी संभव नहीं हो पा रही है। नुकसान का मुआवजा दिलाया जाय।-साबुद्दीन खान
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दो एकड़ जमीन में मटर की बुवाई की थी। विभागीय कर्मचारी लीकेज को सही समय पर ठीक कर देते तो यह स्थिति नहीं बनती। फसल को तैयार करने में पहले ही लाखों रुपये लगा चुके हैं। गौराबाई
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तीन एकड़ जमीन में मटर की फसल बोई थी। खेत में इतना पानी भर गया है कि दूर से फसल नजर नहीं आ रही है। फसल का उचित मुआवजा दिलाया जाए, गुजर-बसर मुश्किल हो जाएगा। रमेश कुमार पटेल
कुछ अराजक तत्वों ने रात में नहर से पानी निकालने की कोशिश की होगी। जिस कारण नहर फट गई है। विभाग के कर्मचारियों को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है। अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को कहा गया है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शरद कुमार अधिसाशी अभियंता सिंचाई खंड
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ग्राम कलौथरा में सजनम बांध की बायीं नहर करीब एक साल पहले पक्की निर्मित की गई थी। इस दौरान इसकी गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। नतीजा यह हुआ कि इस नहर में लीकेज हो गया। विभागीय कर्मियों ने इसका स्थाई समाधान करने की जगह कामचलाऊ व्यवस्था को तरजीह दी। उन्होंने लीकेज को बंद करने के लिए मिट्टी से भरी बोरी नहर किनारे डाल दी। बीती रात करीब 2 बजे नहर फट गई, इससे लाखों की फसल पानी में डूब गई। इस समय मटर की फसल में फूल आ रहा था। खेत लबालब होने से फूल गिरने की संभावना जताई जा रही है। इससे किसानों को फसल में बड़ा नुकसान होने का अंदेशा है। उन्होंने फसल का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।
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हमारी करीब 2 एकड़ 50 डिसमिल जमीन में मटर बोयी गई है। सिंचाई विभाग की लापरवाही के कारण नहर फटी है। खेत में पानी भरने से मटर की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गयी है। किशन कुमार पटेल
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चार एकड़ में बोई गई मटर की फसल में नहर का पानी भर गया है। इससे फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। खेत से पानी की निकासी संभव नहीं हो पा रही है। नुकसान का मुआवजा दिलाया जाय।-साबुद्दीन खान
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दो एकड़ जमीन में मटर की बुवाई की थी। विभागीय कर्मचारी लीकेज को सही समय पर ठीक कर देते तो यह स्थिति नहीं बनती। फसल को तैयार करने में पहले ही लाखों रुपये लगा चुके हैं। गौराबाई
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तीन एकड़ जमीन में मटर की फसल बोई थी। खेत में इतना पानी भर गया है कि दूर से फसल नजर नहीं आ रही है। फसल का उचित मुआवजा दिलाया जाए, गुजर-बसर मुश्किल हो जाएगा। रमेश कुमार पटेल
कुछ अराजक तत्वों ने रात में नहर से पानी निकालने की कोशिश की होगी। जिस कारण नहर फट गई है। विभाग के कर्मचारियों को मौके पर जांच के लिए भेजा गया है। अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को कहा गया है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शरद कुमार अधिसाशी अभियंता सिंचाई खंड