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भीषण दुर्घटना के बाद भी जिम्मेदार नहीं ले रहे सबक

Sat, 30 Apr 2022 12:54 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2022 12:54 AM IST
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sabak nahi le rahe jimmedar
ललितपुर। जनपद में निजी बस संचालकों द्वारा यात्रियों की जान जोखिम में डालकर यात्रा कराने की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। यहां पर बीते दिनों हुए भीषण बस हादसे में चार लोगों की मौके पर एक उपचार के बाद मौत हो गई थी, घटना ने सभी को झकझोर दिया था, लेकिन घटना के एक दिन बाद ही निजी बस संचालक सब भूलकर अधिक कमाई के चलते यात्रियों को ठूंसकर तो ऊपर जान जोखिम में डालकर यात्रा करा रहे हैं। ऐसे में किसी दूसरी घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसके बाद भी जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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गौरतलब हो कि शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मसौरा मिर्चवारा के बीच में स्थित पड़ोरिया बाग के पास बस चालक ने सामने से आ रहे बाइक सवार में टक्कर मार दी थी, इसके बाद अनियंत्रित हुई बस पुलिया की दीवार तोड़कर नीचे गिर गई थी। इसमें बाइक चालक समेत बस में सवार तीन यात्रियों की मौके पर मौत हो गई थी, लगभग 34 सवारी घायल हो गईं थी। इसमें एक गंभीर घायल की बृहस्पतिवार को एक की मौत हो गई थी।
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जिला प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए परिवहन विभाग को बसों की अभियान चलाकर जांच करने के निर्देश दिए गए थे, जिस परिवहन विभाग के जिम्मेदारों ने एक दिन अभियान चलाकर जांच की।
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लेकिन घटना के दो दिन बाद ही परिवहन विभाग का जांच अभियान समाप्त हो गया और बस संचालक भी घटना को भूलकर नियमों कायदों की खुलेआम धज्जियां उड़ रहे हैं। ऐसा ही नजारा शुकवार को जनपद में देखने को मिला।
थाना तालबेहट में पेट्रोल पंप के पास खड़ी बस में अंदर सवारियां ठूंस-ठूंस कर भरीं नजर आईं। बस में सवार यात्रियों के बच्चों की हालत खराब रही। बच्चों को हवा तक नहीं लग पा रही थी। यहीं नहीं बस के परिचालक अधिक कमाई के चक्कर में सवारियों की जान जोखिम में डालकर छत पर तक बिठाकर यात्रा करा रहे हैं। ऐसे में दुर्घटना होने से इंकार तक नहीं किया जा सकता है। इसके बाद भी जिम्मेदार वेपरवाह बने हुए हैं।
बसों में यातायात नियमों की खुलेआम अनदेेखी हो रही है। शुक्रवार को कस्बा महरौनी में एक निजी बस में क्षमता से तीन गुना सवारियां बैठी नजर आईं। बस की स्थिति यह रही कि गंतव्य पर उतरने के लिए सवारियों को बाहर निकलने में कड़ी मशक्कत करना पड़ी। अधिक कमाई के चलते यात्रियों को गेट पर लटकाकर ही नहीं छत पर तक बिठाया गया।
जनपद टैक्सियों में भी क्षमता से अधिक सवारियों पर नियंत्रण नहीं लग पा रहा है। यहां पर शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में आने-जाने वाली टैक्सियों में तय क्षमता से पांच गुनी सवारियों को बिठाया जा रहा है। इनमें बच्चों तक को लटकर कर यात्रा करा रहे हैं। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। ऐसे में किसी बड़ी अनहोने की घटना होने से इंकार नहीं किया जा सकता है।

बसों व टैक्सियों की अभियान चलाकर जांच की जा रही है। इसमें अधिक सवारियां या दस्तावेजों में कमी होने पर कार्रवाई की जा रही है।
- सुरेंद्र कुमार अग्रवाल
एक दिन में हवा-हवाई हुआ जांच अभियान
मंगवार को बस दुर्घटना के बाद बुुधवार को परिवहन विभाग ने अभियान चलाकर खाना पूर्ति कर ली। इसके बाद जिम्मेदार जांच अभियान को भूल गए। इससे बस के परिचालकों ने भी नियमों को ताक पर रखकर संचालन शरू कर दिया है। हालत यह है कि वर्तमान में मुख्य मार्ग ही नहीं अन्य मार्गों पर बसों में क्षमता से अधिक सवारियां, कई बसों की खिड़कियों में कांच तक नहीं है। गेटो की स्थिति ठीक नहीं है। इसके बाद भी अधिक कमाई के चलते यात्रियों को गेट पर लटकाकर तो छत के ऊपर तक बिठा रहे हैं।
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