त्योहारी सीजन में लोगों को मिला रोजगार

Jhansi Bureauझांसी ब्यूरो Updated Fri, 30 Oct 2020 12:42 AM IST
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ललितपुर। त्योहारी सीजन आते ही कामगारों को आसानी से काम मिलने लगा है। लॉकडाउन में जो कामगार घर बैठ गए थे, अब उन्हें मनमाफिक काम मिल रहा है। इससे उनके चेहरों पर चमक आ गई है। कोई मकानों, दुकानों की पुताई, धुलाई में लगा है, तो कोई कृषि कार्य कर रहा है।
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जिले में उद्योग शून्यता के कारण अधिकतर कामगार कृषि आधारित रोजगार एवं मनरेगा पर निर्भर हैं। बीते महीनों में कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए लॉकडाउन किया गया। इससे कामगारों को रोजगार के लाले पड़ गए थे। किसी तरह कामगारों ने समय गुजारा। अनलॉक के आरंभ होते ही व्यवसायिक कार्यों ने गति पकड़ी, जिससे धीरे - धीरे रोजगार के अवसर सृजित हुए। दीपावली नजदीक आते ही कामगारों के लिए मानो रोजगार का पिटारा खुल गया। इन दिनों घर - घर पुताई, सफाई व धुलाई का काम चल रहा है। रबी सीजन में कृषि कार्य भी शुरू हो गए हैं। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार का सृजन हुआ है। शहर के रोजगार अड्डा पर भी सुबह से कामगारों की भीड़ आती है, लेकिन सुबह के दस बजते - बजते सन्नाटा पसरने लगा है। क्योंकि अधिकांश लोगों को रोजगार मिल जा रहा है। इक्का - दुक्का कामगार ही बगैर काम के खड़े रह जाते हैं। इस समय कामगारों को ढाई सौ से साढ़े तीन सौ रुपये तक प्रतिदिन मजदूरी में मिल रहे हैं।
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रबी सीजन की बुवाई का समय है। इस समय खेतों में पलेवा सहित अन्य कृषि कार्य शुरू हो गए हैं। इस कारण मजदूरी का काम खूब निकल रहा है।
- दिनेश रैकवार
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मजदूर तब घर छोड़कर बाहर काम करने के लिए जाता है, जब उसे गांव में काम नहीं मिलता है। इस समय गांव में काम की कोई कमी नहीं है।
-महेंद्र विश्वकर्मा
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मनरेगा के माध्यम से नहरों की सिल्ट सफाई का काम चल रहा है, इसमें कई महिला- पुरुषों को काम मिला हुआ है। इससे नहरें भी सही तरीके से साफ हो रही हैं।
-महेंद्र नामदेव
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दीपावली आते ही घरों व दुकानों में रंगाई- पुताई का काम शुरू हो गया है। इसमें कई लोग रंगाई के साथ पुट्टी का भी काम कराते हैं। इससे कामगारों को भी काम मिल रहा है।
- चंद्रभान
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आजीविका चलाने के लिए काम करना जरूरी रहता है, लेकिन कोरोनाकाल में लोगों के लिए रोजगार के लाले पड़ गए थे। कइयों को कर्जा लेकर घर का गुजारा करना पड़ा, लेकिन अब ठीक है।
-रामकुमार
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शहर के रोजगार अड्डा पर आसपास के गांवों के लोग किराया लगाकर रोजगार के लिए खड़े होते हैं। यहां अधिकांश लोगों को काम मिल जा रहा है।
किट्टू नामदेव
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श्रम विभाग में करीब 45 हजार मजदूर पंजीकृत हैं। पंजीकृत मजदूरों को बीमा सरीखी योजनाओं से लाभान्वित किया जाता है।
- डीपी अग्रहरि
श्रम प्रवर्तन अधिकारी
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