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रॉक फास्फेट खनन से होगी विदेशी मुद्रा की बचत
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bundelkhand land.jpg
- फोटो : bundelkhand land.jpg
ललितपुर। जिले में रॉक फास्फेट का खनन कार्य सरकार के फायदे का सौदा होने वाला है। इसके खनन से विदेशी मुद्रा की बचत होगी। खनन शुरू करने के पहले से जिले में इसकी मात्रा व क्षेत्रफल की जांच की जा रही है। इसके लिए खुदाई मशीनें आ चुकीं है। वहीं, भू वैज्ञानिक व खनिज विभाग की टीम ने इसका आकलन करना आरंभ कर दिया है।
जनपद खनिज संपदाओं का भंडार है। यहां रॉक फास्फेट व प्लेटिनम मौजूद है। इसके अलावा ग्रेनाइट, बालू, मौंरंग, इमारती पत्थर आदि खनिज संपदाओं के भंडार मौजूद हैं। वर्तमान में खनिज संपदा की सबसे अधिक आय ग्रेनाइट से हो रही है। अब विभाग रॉक फास्फेट के खनन की तैयारी में है। इसकी जांच के लिए खुदाई मशीनें आ चुकी हैं, जो रॉक फॉस्फेट की मात्रा और क्षेत्रफल का आंकलन करेंगी। मात्रा व क्षेत्रफल तय होने के बाद इसके खनन का कार्य शुरू किया जाएगा। मात्रा तय होते ही विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसका खनन शुरू होने से विभाग को अधिक राजस्व की प्राप्ति होगी, साथ ही जनपद के बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा।
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यह है इसका उपयोग
रॉक फास्फेट का सबसे अधिक उपयोग डीएपी खाद के निर्माण में किया जाता है। इसके साथ ही सौंदर्य प्रसाधन की वस्तुओं के निर्माण में भी इसका उपयोग किया जाता है।
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रॉक फास्फेट का खनन कार्य शुरू होने से विदेशों से नहीं खरीदना होगा। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
- अनिल कुमार मिश्रा
अपर जिलाधिकारी
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जनपद खनिज संपदाओं का भंडार है। यहां रॉक फास्फेट व प्लेटिनम मौजूद है। इसके अलावा ग्रेनाइट, बालू, मौंरंग, इमारती पत्थर आदि खनिज संपदाओं के भंडार मौजूद हैं। वर्तमान में खनिज संपदा की सबसे अधिक आय ग्रेनाइट से हो रही है। अब विभाग रॉक फास्फेट के खनन की तैयारी में है। इसकी जांच के लिए खुदाई मशीनें आ चुकी हैं, जो रॉक फॉस्फेट की मात्रा और क्षेत्रफल का आंकलन करेंगी। मात्रा व क्षेत्रफल तय होने के बाद इसके खनन का कार्य शुरू किया जाएगा। मात्रा तय होते ही विभाग द्वारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसका खनन शुरू होने से विभाग को अधिक राजस्व की प्राप्ति होगी, साथ ही जनपद के बेरोजगारों को रोजगार भी मिलेगा।
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यह है इसका उपयोग
रॉक फास्फेट का सबसे अधिक उपयोग डीएपी खाद के निर्माण में किया जाता है। इसके साथ ही सौंदर्य प्रसाधन की वस्तुओं के निर्माण में भी इसका उपयोग किया जाता है।
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रॉक फास्फेट का खनन कार्य शुरू होने से विदेशों से नहीं खरीदना होगा। इससे विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
- अनिल कुमार मिश्रा
अपर जिलाधिकारी